केश्म द्वीप पर अमेरिकी हवाई हमले का दावा, ईरान ने चार अमेरिकी ड्रोन किए जब्त
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के रणनीतिक केश्म द्वीप और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव खतरनाक स्तर तक पहुँच गया है। अमेरिकी और ईरानी मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार देर रात इस क्षेत्र में हवाई हमले हुए और कई विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने दावा किया है कि उसने इलेक्ट्रॉनिक युद्ध तकनीक के ज़रिये चार अमेरिकी ड्रोन को अपने नियंत्रण में ले लिया है।
केश्म द्वीप और बंदर लेंगेह में धमाकों की सूचना
अल जजीरा ने स्थानीय निवासियों के हवाले से बताया कि केश्म द्वीप पर पाँच विस्फोट सुने गए और द्वीप के ऊपर दो विमान उड़ते देखे गए। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट बंदर लेंगेह के पास भी कई धमाकों की खबरें मिली हैं। चश्मदीदों के अनुसार ये विस्फोट समुद्र की दिशा से हुए।
गौरतलब है कि इस इलाके में इससे पहले भी विस्फोटों की आवाज़ें सुनी जाती रही हैं। ईरानी अधिकारियों ने कई बार इन्हें सैन्य अभ्यास या IRGC की उन जहाज़ों के खिलाफ कार्रवाई बताया है, जिन पर होर्मुज में अनधिकृत मार्गों के उपयोग का आरोप रहा है।
वॉल स्ट्रीट जर्नल का दावा: अमेरिका ने किए गुप्त हमले
द वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अज्ञात अमेरिकी अधिकारियों के हवाले से बताया कि केश्म द्वीप पर हुए विस्फोटों के पीछे अमेरिकी सेना का हाथ था। रिपोर्ट के अनुसार, ये हमले उन सीमित सैन्य अभियानों का हिस्सा थे, जिन्हें वाशिंगटन ने पिछले कुछ हफ्तों में गुप्त रूप से अंजाम दिया। एक अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि प्रशासन क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों के लिए उत्पन्न होने वाले खतरों से लगातार निपट रहा है।
यह ऐसे समय में सामने आया है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान के साथ कूटनीतिक समझौते की संभावनाओं का संकेत दे रहे थे और युद्ध की आशंका को कम करके पेश कर रहे थे। एक तरफ गुप्त सैन्य अभियान और दूसरी तरफ बातचीत की संभावना — यह विरोधाभासी तस्वीर दोनों देशों के संबंधों की जटिलता को दर्शाती है।
ईरान का दावा: चार अमेरिकी ड्रोन जब्त
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने IRGC के जनसंपर्क कार्यालय के बयान के हवाले से बताया कि IRGC की नौसेना ने केश्म द्वीप के ऊपर और होर्मुज के दक्षिण में दो अमेरिकी ड्रोन को इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली की मदद से नियंत्रण में ले लिया। इसके साथ ही ईरान के कब्जे में आए अमेरिकी ड्रोन की कुल संख्या चार हो गई है।
ईरानी पक्ष का दावा है कि इन ड्रोन को मार गिराने की बजाय सुरक्षित तरीके से उतारा गया। IRNA के अनुसार, इन ड्रोन का उपयोग क्षेत्र में निगरानी और खुफिया जानकारी जुटाने के लिए किया जा रहा था। ईरान ने दावा किया है कि इन ड्रोन से प्राप्त उपकरणों और आँकड़ों से अमेरिकी सैन्य गतिविधियों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।
केश्म द्वीप की सामरिक अहमियत
केश्म द्वीप फारस की खाड़ी में ईरान के दक्षिणी तट पर स्थित है और होर्मुज जलडमरूमध्य के अत्यंत करीब होने के कारण भू-सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। दुनिया के समुद्री तेल और गैस कारोबार का एक बड़ा हिस्सा इसी जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। इस इलाके में सैन्य गतिविधियों में बढ़ोतरी का असर न केवल क्षेत्रीय सुरक्षा पर, बल्कि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर भी पड़ सकता है।
आगे क्या होगा
यह घटनाक्रम ट्रंप प्रशासन के उन बयानों के ठीक बाद सामने आया है, जिनमें ईरान के साथ नए सिरे से कूटनीतिक संपर्क की संभावना जताई जा रही थी। दोनों देशों के बीच सैन्य तनाव और कूटनीतिक संवाद एक साथ जारी रहना इस संकट को और जटिल बनाता है। आने वाले दिनों में वाशिंगटन और तेहरान दोनों की आधिकारिक प्रतिक्रियाएँ इस स्थिति की दिशा तय करेंगी।