नई दिल्ली क्वाड बैठक: रुबियो बोले — अमेरिका-जापान संबंधों में नए सुनहरे दौर की शुरुआत
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश सचिव मार्को रुबियो ने 26 मई 2025 को नई दिल्ली में आयोजित क्वाड विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी से द्विपक्षीय मुलाकात की और कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका-जापान संबंधों के लिए एक नए सुनहरे दौर की शुरुआत हो चुकी है। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने की, जिसमें भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल हुए।
रुबियो का एक्स पोस्ट और मुख्य बयान
रुबियो ने मुलाकात की तस्वीरें सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा करते हुए लिखा, 'राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में हमने अमेरिका-जापान संबंधों के लिए एक नए सुनहरे दौर की शुरुआत की है जो एक आज़ाद और खुले हिंद-प्रशांत को बनाए रखता है और इस इलाके में शांति और खुशहाली लाता है।' उन्होंने आगे कहा कि दोनों देशों के बीच और क्वाड के ज़रिए मिलकर काम करते हुए रफ्तार बनाए रखना इस बैठक का केंद्रीय एजेंडा था।
क्वाड की नई पहलें और साझा प्रेस बयान
चारों देशों के विदेश मंत्रियों के संयुक्त प्रेस बयान में रुबियो ने समुद्री सुरक्षा, बंदरगाह ढाँचे और ऊर्जा सुरक्षा से जुड़ी कई नई क्वाड पहलों की घोषणा की। उन्होंने स्पष्ट किया, 'हम इस साझेदारी को सिर्फ बातचीत तक सीमित नहीं रखना चाहते, बल्कि इसे काम करने वाली साझेदारी बनाना चाहते हैं।' रुबियो के अनुसार, क्वाड के चार सदस्य देश मिलकर दुनिया की लगभग एक-तिहाई जीडीपी और करीब दो अरब लोगों का प्रतिनिधित्व करते हैं।
ऑस्ट्रेलिया से द्विपक्षीय और होर्मुज़ पर बयान
रुबियो ने ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग से भी अलग द्विपक्षीय बैठक की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के गठबंधन और साझेदारी से अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को समान रूप से लाभ मिलना चाहिए। भारत से रवाना होने के बाद विमान में मीडिया को दिए बयान में रुबियो ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए कहा, 'होर्मुज़ स्ट्रेट को खुला रखना होगा। वहाँ जो हो रहा है वह गैर-कानूनी है। यह मंजूर नहीं है।'
क्वाड को 'कार्यशील मंच' बनाने का संकल्प
रुबियो ने याद दिलाया कि 16 महीने पहले जब उन्होंने विदेश मंत्री का पद संभाला था, तब सभी सदस्य देशों ने तय किया था कि क्वाड केवल चर्चा का मंच नहीं रहेगा। उन्होंने कहा, 'मुझे खुशी है कि हमारी टीमों की मेहनत से आज हम कुछ ठोस और वास्तविक उपलब्धियों की घोषणा कर पा रहे हैं।' गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सक्रियता को लेकर चारों लोकतांत्रिक देशों के बीच समन्वय और गहरा हो रहा है।
आगे की राह
नई दिल्ली में घोषित क्वाड पहलों के क्रियान्वयन की समयसीमा और विस्तृत रूपरेखा आने वाले हफ्तों में सामने आने की उम्मीद है। विश्लेषकों का मानना है कि समुद्री सुरक्षा और ऊर्जा ढाँचे पर ये पहलें हिंद-प्रशांत में क्वाड की व्यावहारिक उपस्थिति को और मजबूत करेंगी।