BRICS शिखर सम्मेलन: रामाफोसा ने भारत दक्षिण अफ्रीका साझेदारी को नए दौर में ले जाने का आह्वान किया
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित दक्षिण अफ्रीका भारत राउंडटेबल बैठक में कहा कि दोनों देश आर्थिक संबंधों के एक नए युग की दहलीज पर खड़े हैं। उन्होंने निवेश, व्यापार, औद्योगिक विकास और टिकाऊ आर्थिक वृद्धि के क्षेत्र में सहयोग की असीम संभावनाओं पर जोर दिया।
राउंडटेबल का संदेश
रामाफोसा ने दोनों देशों के कारोबारियों से आग्रह किया कि वे नीतिगत चर्चाओं को केवल दस्तावेज़ों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें वास्तविक व्यावसायिक परियोजनाओं और दीर्घकालिक निवेश में परिवर्तित करें। उन्होंने कहा, "हमारे देशों के बीच साझेदारी की ताकत इस बात से नहीं मापी जाती कि हम कितने समझौतों पर हस्ताक्षर करते हैं, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि हम मिलकर कितना वास्तविक प्रभाव पैदा करते हैं।" उन्होंने निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी को आर्थिक संबंधों के विस्तार के लिए अनिवार्य बताया।
प्रमुख सहयोग क्षेत्र
रामाफोसा ने नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, महत्वपूर्ण खनिज संसाधन, बुनियादी ढाँचा, कृषि और डिजिटल नवाचार को उन क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया जहाँ दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि दक्षिण अफ्रीका के खनिज संसाधन और भारत की विनिर्माण क्षमता को साझा करके इलेक्ट्रिक वाहन (EV), बैटरियाँ और अन्य औद्योगिक उत्पादों के क्षेत्र में नई संभावनाएँ तैयार की जा सकती हैं।
₹100 अरब डॉलर की परियोजनाओं में निमंत्रण
रामाफोसा ने भारतीय कंपनियों को दक्षिण अफ्रीका की महत्वाकांक्षी बुनियादी ढाँचा योजनाओं में भाग लेने का खुला निमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि दक्षिण अफ्रीका ने 195 रणनीतिक परियोजनाओं की पहचान की है, जिनकी कुल अनुमानित लागत 100 अरब डॉलर से अधिक है। इन परियोजनाओं में परिवहन नेटवर्क, नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र, जल अवसंरचना और अस्पताल शामिल हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारतीय अवसंरचना और इंजीनियरिंग कंपनियाँ अफ्रीकी बाज़ार में सक्रिय रूप से विस्तार की तलाश में हैं।
डिजिटल अर्थव्यवस्था और रोज़गार
डिजिटल सहयोग का एक ठोस उदाहरण देते हुए रामाफोसा ने भारतीय बिजनेस सर्विसेज़ कंपनी 'एटैन' का उल्लेख किया, जो केप टाउन में अपना नया केंद्र स्थापित कर चुकी है और दक्षिण अफ्रीका में अपने कर्मचारियों की संख्या 1,500 से बढ़ाकर 2,000 से अधिक करने की योजना बना रही है। उन्होंने विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, कौशल विकास संगठनों और व्यवसायों के बीच संस्थागत साझेदारी की भी अपील की, जिससे युवाओं के लिए नए रोज़गार और क्षमताएँ विकसित हों।
आगे की दिशा
यह राउंडटेबल BRICS शिखर सम्मेलन के व्यापक ढाँचे के भीतर आयोजित हुई, जिसमें दुनिया भर के नेता नई दिल्ली में एकत्र हुए थे। गौरतलब है कि भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों G20 और BRICS के सदस्य हैं, और यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों को एक नई संस्थागत गति देने की कोशिश का हिस्सा है। रामाफोसा का यह आह्वान नीतिगत इरादे से आगे बढ़कर परिणाम आधारित साझेदारी की ओर एक स्पष्ट संकेत है।