13 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

BRICS शिखर सम्मेलन: रामाफोसा ने भारत दक्षिण अफ्रीका साझेदारी को नए दौर में ले जाने का आह्वान किया

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
BRICS शिखर सम्मेलन: रामाफोसा ने भारत दक्षिण अफ्रीका साझेदारी को नए दौर में ले जाने का आह्वान किया

सारांश

नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के मंच पर रामाफोसा ने भारत दक्षिण अफ्रीका संबंधों को समझौतों की भाषा से परे ले जाने का आह्वान किया — 195 रणनीतिक परियोजनाओं और $100 अरब से अधिक की लागत के साथ, यह द्विपक्षीय आर्थिक एजेंडे को ठोस ज़मीन देने की कोशिश है।

मुख्य बातें

सिरिल रामाफोसा ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान दक्षिण अफ्रीका भारत राउंडटेबल को संबोधित किया।
दक्षिण अफ्रीका ने 195 रणनीतिक परियोजनाओं की पहचान की है जिनकी कुल लागत $100 अरब से अधिक है — भारतीय कंपनियों को भागीदारी का निमंत्रण।
नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, खनिज संसाधन, EV और डिजिटल नवाचार को प्रमुख सहयोग क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया।
भारतीय कंपनी 'एटैन' केप टाउन में कर्मचारी संख्या 1,500 से बढ़ाकर 2,000 से अधिक करने की योजना बना रही है।
रामाफोसा ने निजी क्षेत्र और संस्थागत साझेदारी को आर्थिक संबंधों की असली कसौटी बताया।

दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली में BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान आयोजित दक्षिण अफ्रीका भारत राउंडटेबल बैठक में कहा कि दोनों देश आर्थिक संबंधों के एक नए युग की दहलीज पर खड़े हैं। उन्होंने निवेश, व्यापार, औद्योगिक विकास और टिकाऊ आर्थिक वृद्धि के क्षेत्र में सहयोग की असीम संभावनाओं पर जोर दिया।

राउंडटेबल का संदेश

रामाफोसा ने दोनों देशों के कारोबारियों से आग्रह किया कि वे नीतिगत चर्चाओं को केवल दस्तावेज़ों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें वास्तविक व्यावसायिक परियोजनाओं और दीर्घकालिक निवेश में परिवर्तित करें। उन्होंने कहा, "हमारे देशों के बीच साझेदारी की ताकत इस बात से नहीं मापी जाती कि हम कितने समझौतों पर हस्ताक्षर करते हैं, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि हम मिलकर कितना वास्तविक प्रभाव पैदा करते हैं।" उन्होंने निजी क्षेत्र की अधिक भागीदारी को आर्थिक संबंधों के विस्तार के लिए अनिवार्य बताया।

प्रमुख सहयोग क्षेत्र

रामाफोसा ने नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, महत्वपूर्ण खनिज संसाधन, बुनियादी ढाँचा, कृषि और डिजिटल नवाचार को उन क्षेत्रों के रूप में रेखांकित किया जहाँ दोनों देश मिलकर काम कर सकते हैं। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि दक्षिण अफ्रीका के खनिज संसाधन और भारत की विनिर्माण क्षमता को साझा करके इलेक्ट्रिक वाहन (EV), बैटरियाँ और अन्य औद्योगिक उत्पादों के क्षेत्र में नई संभावनाएँ तैयार की जा सकती हैं।

₹100 अरब डॉलर की परियोजनाओं में निमंत्रण

रामाफोसा ने भारतीय कंपनियों को दक्षिण अफ्रीका की महत्वाकांक्षी बुनियादी ढाँचा योजनाओं में भाग लेने का खुला निमंत्रण दिया। उन्होंने बताया कि दक्षिण अफ्रीका ने 195 रणनीतिक परियोजनाओं की पहचान की है, जिनकी कुल अनुमानित लागत 100 अरब डॉलर से अधिक है। इन परियोजनाओं में परिवहन नेटवर्क, नवीकरणीय ऊर्जा संयंत्र, जल अवसंरचना और अस्पताल शामिल हैं। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब भारतीय अवसंरचना और इंजीनियरिंग कंपनियाँ अफ्रीकी बाज़ार में सक्रिय रूप से विस्तार की तलाश में हैं।

डिजिटल अर्थव्यवस्था और रोज़गार

डिजिटल सहयोग का एक ठोस उदाहरण देते हुए रामाफोसा ने भारतीय बिजनेस सर्विसेज़ कंपनी 'एटैन' का उल्लेख किया, जो केप टाउन में अपना नया केंद्र स्थापित कर चुकी है और दक्षिण अफ्रीका में अपने कर्मचारियों की संख्या 1,500 से बढ़ाकर 2,000 से अधिक करने की योजना बना रही है। उन्होंने विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, कौशल विकास संगठनों और व्यवसायों के बीच संस्थागत साझेदारी की भी अपील की, जिससे युवाओं के लिए नए रोज़गार और क्षमताएँ विकसित हों।

आगे की दिशा

यह राउंडटेबल BRICS शिखर सम्मेलन के व्यापक ढाँचे के भीतर आयोजित हुई, जिसमें दुनिया भर के नेता नई दिल्ली में एकत्र हुए थे। गौरतलब है कि भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों G20 और BRICS के सदस्य हैं, और यह बैठक द्विपक्षीय संबंधों को एक नई संस्थागत गति देने की कोशिश का हिस्सा है। रामाफोसा का यह आह्वान नीतिगत इरादे से आगे बढ़कर परिणाम आधारित साझेदारी की ओर एक स्पष्ट संकेत है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और EV खनिज साझेदारी की सफलता काफ़ी हद तक दक्षिण अफ्रीका की घरेलू नीतिगत स्थिरता पर निर्भर करेगी।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

BRICS शिखर सम्मेलन में भारत दक्षिण अफ्रीका राउंडटेबल क्यों महत्वपूर्ण है?
यह राउंडटेबल दोनों देशों के व्यापार जगत और नीति निर्माताओं को एक ही मंच पर लाकर निवेश, व्यापार और औद्योगिक सहयोग के नए अवसरों की पहचान करने का मंच प्रदान करती है। रामाफोसा ने इसे नीतिगत चर्चाओं को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने के प्रयास के रूप में प्रस्तुत किया।
दक्षिण अफ्रीका की 195 रणनीतिक परियोजनाओं में भारतीय कंपनियाँ कैसे भाग ले सकती हैं?
राष्ट्रपति रामाफोसा ने भारतीय कंपनियों को इन परियोजनाओं में भाग लेने का सीधा निमंत्रण दिया है, जिनकी कुल लागत $100 अरब से अधिक है। इनमें परिवहन, नवीकरणीय ऊर्जा, जल और स्वास्थ्य बुनियादी ढाँचे से जुड़ी परियोजनाएँ शामिल हैं।
भारत और दक्षिण अफ्रीका के बीच EV और खनिज क्षेत्र में सहयोग की क्या योजना है?
रामाफोसा के अनुसार, दक्षिण अफ्रीका के समृद्ध खनिज संसाधन और भारत की विनिर्माण क्षमता मिलकर EV, बैटरियाँ और अन्य औद्योगिक उत्पादों के विकास में नए अवसर पैदा कर सकते हैं। यह साझेदारी दोनों देशों की औद्योगिक ज़रूरतों के लिए पूरक मानी जा रही है।
डिजिटल क्षेत्र में भारत दक्षिण अफ्रीका सहयोग का ठोस उदाहरण क्या है?
भारतीय बिजनेस सर्विसेज़ कंपनी 'एटैन' ने केप टाउन में नया केंद्र स्थापित किया है और दक्षिण अफ्रीका में अपने कर्मचारियों की संख्या 1,500 से बढ़ाकर 2,000 से अधिक करने की योजना बनाई है। रामाफोसा ने इसे डिजिटल अर्थव्यवस्था सहयोग के एक सफल उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया।
रामाफोसा ने साझेदारी की सफलता की असली कसौटी क्या बताई?
रामाफोसा ने स्पष्ट किया कि साझेदारी की सफलता केवल हस्ताक्षरित समझौतों की संख्या से नहीं, बल्कि मिलकर पैदा किए गए वास्तविक प्रभाव से मापी जानी चाहिए। उन्होंने निजी क्षेत्र और संस्थागत भागीदारी को इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए आवश्यक बताया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 33 मिनट पहले
  2. 1 घंटा पहले
  3. 1 घंटा पहले
  4. 3 घंटे पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 9 महीने पहले
  8. 9 महीने पहले