रोमांच महाजन की मौत के बाद पिता की गुहार: न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल से घोड़ा-गाड़ियों पर प्रतिबंध की मांग
सारांश
मुख्य बातें
न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल में 16 जुलाई को एक भावुक दृश्य देखने को मिला, जब सेंट्रल पार्क में घोड़ा-गाड़ी हादसे में जान गंवाने वाले भारतीय किशोर रोमांच महाजन के पिता दीपक महाजन ने काउंसिल से शहर में घोड़ा-गाड़ियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह हादसा रोका जा सकता था और किसी अन्य परिवार को यह दर्द न झेलना पड़े, इसके लिए इस व्यवस्था को तत्काल समाप्त किया जाना चाहिए।
हादसे की पूरी कहानी
यह दुखद घटना तब हुई जब रोमांच महाजन अपने माता-पिता और 11 वर्षीय छोटे भाई के साथ न्यूयॉर्क की सैर पर निकला था। परिवार ने सेंट्रल पार्क में पर्यटकों के बीच लोकप्रिय घोड़ा-गाड़ी की सवारी की। इस दौरान चालक गाड़ी रोककर परिवार की तस्वीर लेने के लिए नीचे उतर गया, तभी घोड़ा अचानक बेकाबू होकर दौड़ पड़ा। रोमांच की माँ प्रिया महाजन गाड़ी से गिर गईं। माँ को बचाने के लिए रोमांच तुरंत गाड़ी से कूद पड़ा, लेकिन उसका सिर जमीन से टकरा गया और गंभीर सिर की चोट के कारण उसकी मौत हो गई।
पिता की भावुक गवाही
दीपक महाजन ने काउंसिल समिति को सीधे शब्दों में कहा, "अभी कार्रवाई करें।" उन्होंने कहा कि अगर काउंसिल ने पिछले साल प्रस्तावित कानून का कोई रूप पास कर दिया होता, तो घोड़ा-गाड़ियाँ 1 जून 2026 को बंद हो गई होतीं और उनका बेटा आज जीवित होता। उन्होंने कहा, "यह कोई अप्रत्याशित हादसा नहीं था। यह सुरक्षा नियमों का उल्लंघन और पूरी व्यवस्था की विफलता थी। सभी ने माना है कि चालक को किसी भी हालत में गाड़ी छोड़कर नीचे नहीं उतरना चाहिए था।"
गला भर आने के बावजूद उन्होंने कहा, "मेरा बेटा सपनों से भरी आँखों के साथ अमेरिका आया था, लेकिन बहुत जल्द हमें छोड़कर चला गया। उसने अपनी माँ की गोद में अंतिम सांस ली, जबकि मैं और उसका छोटा भाई सब कुछ अपनी आँखों के सामने होते देख रहे थे।" उन्होंने दर्द भरे शब्दों में जोड़ा, "हम चार लोगों का परिवार बनकर न्यूयॉर्क आए थे। अब हम हर घंटे यह सीख रहे हैं कि सिर्फ तीन लोगों के साथ जिंदगी कैसे जी जाए।"
काउंसिल समिति को उन्होंने बताया कि रोमांच ने पठानकोट के मामून स्थित एंजेल्स पब्लिक स्कूल से हाल ही में पढ़ाई पूरी की थी और उसका भारत के एक प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में दाखिला हो चुका था। उन्होंने कहा, "हम अपने बेटे को स्कूल की पढ़ाई पूरी होने का जश्न मनाने न्यूयॉर्क लेकर आए थे।"
परिवार और समर्थकों की आवाज़
सिटी हॉल के बाहर कानून के समर्थकों को संबोधित करते हुए रोमांच की बुआ सोविया ठुकराल ने कहा, "मैं यहाँ 'रोमांच लॉ' के समर्थन में खड़ी हूँ, ताकि उसकी मौत भुलाई न जाए और उसकी याद हमेशा जीवित रहे।" उन्होंने कहा, "कई बार किसी की मौत समाज को बदलाव के लिए मजबूर करती है, ताकि किसी और परिवार को वह दर्द न झेलना पड़े जो हम आज झेल रहे हैं।" इस दौरान प्रिया महाजन हाथ में रोमांच की तस्वीर थामे आँसू पोंछती नजर आईं।
प्रस्तावित कानून का समर्थन कर रहीं सिटी काउंसिल स्पीकर जूली मेनिन ने रोमांच को 'हीरो' बताया। उन्होंने कहा, "रोमांच ने अपनी माँ की जान बचाने की कोशिश करते हुए वीरता का परिचय दिया। अब उसके सम्मान में बनने वाला यह कानून अनगिनत लोगों — स्थानीय निवासियों, पर्यटकों, इंसानों और घोड़ों — की सुरक्षा करेगा।"
40 साल पुरानी माँग को नई ऊर्जा
पशु अधिकार कार्यकर्ता पिछले करीब 40 वर्षों से न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल से पर्यटकों के लिए चलाई जाने वाली घोड़ा-गाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने की माँग करते रहे हैं, लेकिन घोड़ा-गाड़ी चालकों के शक्तिशाली ट्रेड यूनियन के विरोध के कारण यह प्रस्ताव लंबे समय से अटका हुआ था। एमी पुरस्कार विजेता अभिनेत्री एडी फाल्को जैसी कई हस्तियाँ भी इस प्रतिबंध का समर्थन कर चुकी हैं। गौरतलब है कि इस वर्ष रोमांच की मौत के बाद इस कानून को नया समर्थन मिला है और इसके पारित होने की संभावना पहले से कहीं अधिक बताई जा रही है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब न्यूयॉर्क में पर्यटन सुरक्षा को लेकर व्यापक बहस छिड़ी हुई है। काउंसिल समिति रोमांच के नाम पर प्रस्तावित कानून पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है। यदि यह पास होता है, तो यह दशकों के पशु अधिकार आंदोलन की सबसे बड़ी जीत होगी — और एक भारतीय परिवार के असहनीय दर्द से उपजा बदलाव।