मार्को रुबियो ने ICC के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय अभियान तेज किया, दर्जनों देश अमेरिका के साथ
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) के खिलाफ वैश्विक अभियान को और तीव्र कर दिया है। ट्रंप प्रशासन ने ICC के प्रभाव को सीमित करने के लिए एक समन्वित अंतरराष्ट्रीय मुहिम शुरू की है, जिसे मध्य-पूर्व और पश्चिमी गोलार्ध में अमेरिका समर्थक सरकारों का बढ़ता समर्थन मिल रहा है। 1 अगस्त को रुबियो के बयानों ने अंतरराष्ट्रीय न्यायिक संस्थाओं को लेकर वाशिंगटन की आक्रामक नीति को एक बार फिर उजागर किया।
ICC पर रुबियो के आरोप
रुबियो ने ICC को सीधे तौर पर 'गैरकानूनी संगठन' करार दिया। उनका तर्क है कि यह न्यायालय उन देशों के नागरिकों पर भी अधिकार क्षेत्र का दावा करता है जो इसके सदस्य नहीं हैं। उन्होंने कहा, 'अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय एक गैरकानूनी संगठन है।' रुबियो ने आगे कहा, 'ICC ने खुद को गैरकानूनी बना लिया है, क्योंकि उसका मानना है कि अगर आप उसके सदस्य नहीं हैं तब भी वह आपके खिलाफ कार्रवाई कर सकता है।'
रुबियो ने चेतावनी दी कि इस तरह के दावे विदेश में तैनात अमेरिकी सैन्य अधिकारियों और राजनीतिक नेताओं पर मुकदमा चलाने का खतरा पैदा करते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया, 'भविष्य में इसका सीधा मतलब यह है कि अमेरिकी सर्विसमैन, पॉलिटिकल लीडर्स और दूसरे लोग ICC की ओर से आरोप तय होने के दायरे में आ सकते हैं।'
रणनीति में बदलाव
रुबियो ने स्वीकार किया कि वाशिंगटन ने पहले ICC के भीतर सुधार की माँग की थी, लेकिन वे प्रयास विफल रहे। इसके बाद अमेरिका ने अपनी रणनीति बदलते हुए न्यायालय को 'काबू में करने' का मार्ग अपनाया। उन्होंने कहा, 'हमने अब उस कोर्ट को काबू में करने की कोशिश शुरू कर दी है।' यह ऐसे समय में आया है जब ICC ने कई वैश्विक नेताओं के खिलाफ जाँच और वारंट जारी किए हैं, जिससे पश्चिमी देशों में भी असंतोष बढ़ा है।
अंतरराष्ट्रीय समर्थन का दावा
रुबियो के अनुसार, इस अभियान को तेज़ी से वैश्विक समर्थन मिल रहा है। उन्होंने दावा किया, 'दो हफ्ते पहले जब से हमने यह कोशिश शुरू की है, तब से दर्जनों देश हमारे साथ जुड़ चुके हैं। पाँच देश पहले ही ICC छोड़ चुके हैं और हमें लगता है कि और भी देश निकलेंगे।' गौरतलब है कि हाल ही में वाशिंगटन में हुई एक मंत्रिस्तरीय बैठक में 60 देशों के प्रतिनिधि राजनीतिक रूप से प्रेरित हिंसा से निपटने पर चर्चा में शामिल हुए। रुबियो ने कहा कि प्रशासन 'एक मजबूत गठबंधन' बनाने की दिशा में काम कर रहा है।
ट्रंप का स्पष्टीकरण
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस संदर्भ में स्पष्ट किया कि रुबियो की ICC-विरोधी मुहिम उन्हें व्यक्तिगत रूप से बचाने के लिए नहीं है। ट्रंप ने कहा, 'वह मेरा बचाव करने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। वह नेतन्याहू और कई दूसरे लोगों का बचाव करने की कोशिश कर रहे हैं।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'इस समय ऐसा कोई संकेत नहीं है कि मैं उनमें से एक हूं।' ट्रंप का यह बयान उन अटकलों के बीच आया है जिनमें कहा जा रहा था कि ICC की आलोचना का केंद्र उनकी अपनी कानूनी स्थिति भी हो सकती है।
आगे क्या होगा
अमेरिका की इस आक्रामक नीति का असर ICC की वैश्विक साख और सदस्यता पर पड़ सकता है। यदि और देश इस गठबंधन में शामिल होते हैं या ICC से बाहर निकलते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय न्यायिक व्यवस्था पर दीर्घकालिक प्रभाव पड़ने की आशंका है। विशेषज्ञों के अनुसार, यह कदम उस व्यापक प्रवृत्ति का हिस्सा है जिसमें कुछ देश बहुपक्षीय संस्थाओं से दूरी बना रहे हैं।