रूस-यूक्रेन के बीच 76वीं युद्धबंदी अदला-बदली: 160-160 कैदी रिहा, यूएई बना मध्यस्थ
सारांश
मुख्य बातें
रूस और यूक्रेन ने शुक्रवार, 26 जून 2026 को एक बार फिर युद्धबंदियों की अदला-बदली की, जिसमें दोनों पक्षों ने 160-160 कैदियों को रिहा किया। दोनों देशों के अधिकारियों के अनुसार, यह 2022 में युद्ध शुरू होने के बाद से दोनों देशों के बीच 76वीं ऐसी अदला-बदली है। इस पूरी प्रक्रिया में संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) ने मानवीय मध्यस्थ की भूमिका निभाई।
मुख्य घटनाक्रम
रूस के रक्षा मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान में कहा कि यूक्रेन के कब्जे वाले इलाके से 160 रूसी सैनिकों को वापस लाया गया, जबकि इसके बदले में 160 यूक्रेनी युद्धबंदियों को स्वतंत्र किया गया। मंत्रालय ने यह भी बताया कि वापस लौटे रूसी सैनिकों को सबसे पहले बेलारूस में चिकित्सीय और मानसिक सहायता प्रदान की जा रही है, जिसके बाद उन्हें आगे के उपचार और देखभाल के लिए रूस भेजा जाएगा।
मंत्रालय ने अपने बयान में स्पष्ट किया, 'यूएई ने मानवीय मध्यस्थता के ज़रिए रूसी सैनिकों को वापस लाने में सहायता की।'
यूक्रेन की प्रतिक्रिया
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने बताया कि रिहा किए गए यूक्रेनी सैनिक 2022 से रूसी कैद में थे। ज़ेलेंस्की के अनुसार, इन सैनिकों में यूक्रेनी सशस्त्र बलों के जवान, स्टेट स्पेशल ट्रांसपोर्ट सर्विस, नेशनल गार्ड और स्टेट बॉर्डर गार्ड सर्विस के सदस्य शामिल हैं।
कूटनीतिक पृष्ठभूमि
यह अदला-बदली ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संपर्क अत्यंत सीमित है। गौरतलब है कि रूस की मानवाधिकार आयुक्त याना लांत्रोवा ने मानवीय बातचीत जारी रखने के लिए बेलारूस-यूक्रेन सीमा पर अपने यूक्रेनी समकक्ष दिमित्री लुबिनेट्स से मुलाकात की। यह बैठक इस बात का संकेत है कि मानवीय चैनल, भले ही सीमित हों, अभी भी सक्रिय हैं।
यूएई की भूमिका नई नहीं है — जनवरी 2024 में भी दोनों देशों के 195-195 सैनिकों की अदला-बदली में यूएई ने मध्यस्थता की थी, जो खाड़ी देश की तटस्थ कूटनीतिक स्थिति को रेखांकित करता है।
पिछली अदला-बदलियों का क्रम
इस युद्ध के दौरान युद्धबंदी विनिमय की गति उल्लेखनीय रही है। इसी जून में दोनों देशों के बीच 185-185 युद्धबंदियों की अदला-बदली हो चुकी थी। मई 2025 में 205 कैदियों का आदान-प्रदान किया गया था, जबकि फरवरी 2025 में दोनों देशों ने 150-150 युद्धबंदियों को रिहा किया था। इससे पहले, 16 मई 2025 को इस्तांबुल में हुई सीधी वार्ता के बाद दोनों पक्ष 1,000-1,000 कैदियों की अदला-बदली पर सहमत हुए थे — जो 2022 के बाद से सबसे बड़ा एकल कैदी विनिमय था।
आगे क्या
वापस लौटे रूसी सैनिकों का बेलारूस में पुनर्वास जारी है, जबकि यूक्रेनी सैनिकों की स्वदेश वापसी की प्रक्रिया चल रही है। मानवाधिकार संगठनों की नज़र इस बात पर है कि क्या यह विनिमय प्रक्रिया आगे भी इसी गति से जारी रहती है, या व्यापक शांति वार्ता के अभाव में यह रुक-रुककर होती रहेगी।