21 सितंबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

यमन के अल-जौफ में सऊदी हवाई हमले: टेलीकम्युनिकेशन टावरों पर निशाना, 4 कर्मचारियों की मौत

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
यमन के अल-जौफ में सऊदी हवाई हमले: टेलीकम्युनिकेशन टावरों पर निशाना, 4 कर्मचारियों की मौत

सारांश

सऊदी F-15 और टाइफून विमानों ने यमन के अल-जौफ में टेलीकम्युनिकेशन टावरों पर हमला किया जिसमें 4 कर्मचारियों की मौत की खबर है। हूती दावे के अनुसार 24 घंटों में 28 हमले हुए और अब तक कुल 760 हमले हो चुके हैं। मोचा व बाब अल-मंदेब पर हूती का नया कब्जा संघर्ष को गंभीर मोड़ दे रहा है।

मुख्य बातें

सऊदी लड़ाकू विमानों ने 21 सितंबर 2026 को यमन के अल-जौफ प्रांत में टेलीकम्युनिकेशन टावरों पर हमला किया।
हूती-नियंत्रित मीडिया के अनुसार हमलों में 4 दूरसंचार कर्मचारियों की मौत हुई; हताहतों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी।
हूती प्रवक्ता याह्या सारीया के दावे के मुताबिक पिछले 24 घंटों में 28 हवाई हमले और तनाव शुरू होने के बाद से कुल 760 हमले हुए हैं।
हूती समूह ने 10 सितंबर को मोचा बंदरगाह और बाद में बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में मय्यून द्वीप व धुबाब पर कब्जा किया।
सऊदी अरब ने हूती के आरोपों व आँकड़ों पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया नहीं दी।
यमन में गृहयुद्ध 2014 के अंत से जारी है जब हूती ने सना पर कब्जा किया था।

यमन के उत्तरी अल-जौफ प्रांत में 21 सितंबर 2026 को सऊदी लड़ाकू विमानों ने टेलीकम्युनिकेशन टावरों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए, जिनमें कथित तौर पर दूरसंचार सुविधाओं पर कार्यरत 4 कर्मचारियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए। हूती-नियंत्रित अल-मसीरा टीवी के अनुसार, यह हमला सऊदी अरब की सीमा से लगे अल-जौफ के एक इलाके में किया गया। हताहतों की संख्या की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

मुख्य घटनाक्रम

हूती समूह के सैन्य प्रवक्ता याह्या सारीया ने रविवार को एक बयान में कहा कि सऊदी अरब के खामिस मुशैत और ताइफ एयरबेस से उड़ान भरने वाले F-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों ने ताइज, मारिब और अल-जौफ प्रांतों में हमले किए। उनके दावे के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 28 हवाई हमले किए गए, और ताज़ा तनाव शुरू होने के बाद से अब तक कुल 760 हवाई हमले हो चुके हैं। सऊदी अरब ने इन आरोपों पर तुरंत कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।

दक्षिण-पश्चिम यमन में भी भीषण लड़ाई

रविवार को दक्षिण-पश्चिमी यमन में भी संघर्ष जारी रहा। हूती समूह ने 10 सितंबर को लाल सागर के किनारे स्थित बंदरगाह शहर मोचा पर कब्जा कर लिया था। इसके एक दिन बाद हूती लड़ाके दक्षिण की ओर बढ़े और रणनीतिक बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य में स्थित मय्यून द्वीप तथा धुबाब पर भी कब्जा कर लिया।

यह क्षेत्र वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों के लिए अत्यंत संवेदनशील है। अब यमन की सरकारी सेना इस अहम समुद्री रास्ते से लगे पहाड़ी इलाकों में हूती लड़ाकों को और आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश में जुटी है।

संघर्ष की पृष्ठभूमि

यह ऐसे समय में आया है जब हूती समूह और सऊदी अरब-समर्थित यमन सरकार की सेनाओं के बीच टकराव काफी तेज़ हो गया है। गौरतलब है कि यमन में यह संघर्ष 2014 के अंत में शुरू हुआ था, जब हूती समूह ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। तब से यह युद्ध क्षेत्र की सबसे लंबी और सबसे विनाशकारी सशस्त्र लड़ाइयों में से एक बन गया है।

आम जनता पर असर

टेलीकम्युनिकेशन सुविधाओं को निशाना बनाए जाने से अल-जौफ और आसपास के इलाकों में संचार व्यवस्था बाधित होने की आशंका है। आलोचकों का कहना है कि नागरिक बुनियादी ढाँचे पर इस तरह के हमले युद्ध के दौरान सूचना के प्रवाह को अवरुद्ध करते हैं और आम जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित करते हैं।

क्या होगा आगे

बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर हूती की बढ़ती पकड़ और अल-जौफ में ताज़ा हमलों के मद्देनज़र यमन में युद्धविराम की संभावनाएँ और कमज़ोर होती दिखाई दे रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और सऊदी अरब का अगला कदम इस संघर्ष की दिशा तय करने में निर्णायक भूमिका निभा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यमन जैसे युद्धग्रस्त देश में पहले से ही भयावह मानवीय स्थिति को और गहरा कर देती है। बाब अल-मंदेब पर हूती की बढ़ती पकड़ एक बड़े रणनीतिक खतरे का संकेत है जिसे अंतरराष्ट्रीय समुदाय पर्याप्त गंभीरता से नहीं ले रहा। यह भी उल्लेखनीय है कि हताहतों के आँकड़े केवल हूती-नियंत्रित मीडिया से आ रहे हैं और स्वतंत्र सत्यापन असंभव है — इसलिए इन्हें पूरी सावधानी के साथ पढ़ा जाना चाहिए।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यमन के अल-जौफ में सऊदी हवाई हमलों में क्या हुआ?
हूती-नियंत्रित अल-मसीरा टीवी के अनुसार, 21 सितंबर 2026 को सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन के उत्तरी अल-जौफ प्रांत में टेलीकम्युनिकेशन टावरों पर हमला किया जिसमें 4 दूरसंचार कर्मचारियों की कथित मौत हुई और कई घायल हुए। हताहतों की संख्या की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
हूती समूह ने कितने हवाई हमलों का दावा किया है?
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सारीया के अनुसार, पिछले 24 घंटों में 28 हवाई हमले हुए और ताज़ा तनाव शुरू होने के बाद से कुल 760 हवाई हमले किए जा चुके हैं। सऊदी अरब ने इन आँकड़ों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।
बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य पर हूती का कब्जा क्यों अहम है?
बाब अल-मंदेब लाल सागर और अदन की खाड़ी के बीच एक रणनीतिक समुद्री मार्ग है जिससे होकर वैश्विक व्यापार का एक बड़ा हिस्सा गुज़रता है। हूती ने 10 सितंबर को मोचा बंदरगाह और उसके बाद मय्यून द्वीप व धुबाब पर कब्जा कर इस मार्ग पर अपनी पकड़ मजबूत की है, जो क्षेत्रीय और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला के लिए गंभीर खतरा है।
यमन में संघर्ष कब से चल रहा है?
यमन में गृहयुद्ध 2014 के अंत में शुरू हुआ जब हूती समूह ने राजधानी सना और उत्तरी यमन के बड़े हिस्से पर कब्जा कर लिया था। तब से यह मध्य-पूर्व के सबसे लंबे और सबसे विनाशकारी सशस्त्र संघर्षों में से एक बन गया है।
सऊदी अरब के किन एयरबेस से हमले किए गए?
हूती प्रवक्ता याह्या सारीया के दावे के अनुसार, सऊदी अरब के खामिस मुशैत और ताइफ एयरबेस से उड़ान भरने वाले F-15 और टाइफून लड़ाकू विमानों ने ताइज, मारिब और अल-जौफ प्रांतों में हमले किए। यह दावा हूती स्रोतों पर आधारित है और सऊदी पक्ष ने इसकी पुष्टि या खंडन नहीं किया है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 54 मिनट पहले
  2. 3 दिन पहले
  3. 3 दिन पहले
  4. 4 दिन पहले
  5. 5 दिन पहले
  6. 1 सप्ताह पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 2 महीने पहले