सितंबर 2026 में भारतीय कूटनीति का महाअभियान: SCO, BRICS, UNGA और बेल्जियम PM का दौरा
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय विदेश नीति के लिहाज से सितंबर 2026 असाधारण रूप से व्यस्त और निर्णायक महीना साबित होने वाला है। 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन से इस कूटनीतिक अभियान की शुरुआत हो चुकी है। आने वाले हफ्तों में बहुपक्षीय शिखर बैठकों, विदेशी राष्ट्राध्यक्षों के भारत दौरों और विदेश मंत्री एस. जयशंकर की महत्वपूर्ण विदेश यात्राओं के साथ भारत वैश्विक मंच पर केंद्र में रहेगा।
SCO शिखर सम्मेलन में भारत की भागीदारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 26वें SCO शिखर सम्मेलन में भाग ले रहे हैं, जहाँ क्षेत्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-रोध, कनेक्टिविटी, व्यापार और सदस्य देशों के बीच सहयोग जैसे अहम मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है। भारत इस मंच पर अपने रणनीतिक हितों और क्षेत्रीय प्राथमिकताओं को दृढ़ता से प्रस्तुत करने की कोशिश करेगा। यह ऐसे समय में आया है जब दक्षिण एशिया और मध्य एशिया में भू-राजनीतिक समीकरण तेज़ी से बदल रहे हैं।
बेल्जियम के प्रधानमंत्री का भारत दौरा
बेल्जियम के प्रधानमंत्री बार्ट डी वेवर 2 से 4 सितंबर 2026 तक भारत की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। यह दौरा भारत-यूरोप संबंधों के संदर्भ में विशेष महत्व रखता है। व्यापार, निवेश, तकनीक, रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को और मज़बूत बनाने की दृष्टि से इस यात्रा को कूटनीतिक कैलेंडर में प्रमुख स्थान दिया जा रहा है। गौरतलब है कि भारत और यूरोपीय संघ के बीच मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर बातचीत के बीच यह यात्रा और भी प्रासंगिक हो जाती है।
BRICS शिखर सम्मेलन: भारत की मेज़बानी में ग्लोबल साउथ की आवाज़
सितंबर का सबसे बड़ा कूटनीतिक आयोजन 12 और 13 सितंबर 2026 को भारत में आयोजित होने वाला BRICS शिखर सम्मेलन है। इसमें 20 से अधिक देशों के शीर्ष नेताओं और प्रतिनिधियों के शामिल होने की उम्मीद है। वैश्विक अर्थव्यवस्था, व्यापार, विकास, ऊर्जा सुरक्षा, तकनीक और बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था जैसे विषय एजेंडे में प्रमुखता से रहेंगे।
भारत इस मंच के ज़रिए विकासशील देशों के हितों और अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को वैश्विक स्तर पर रखने की कोशिश करेगा। ऐसे समय में जब पश्चिमी-नेतृत्व वाली वैश्विक व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं, BRICS भारत के लिए ग्लोबल साउथ की आवाज़ को मज़बूती देने का महत्वपूर्ण अवसर है।
UNGA में जयशंकर और न्यूयॉर्क की उच्चस्तरीय बैठकें
विदेश मंत्री एस. जयशंकर सितंबर में संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के लिए न्यूयॉर्क की यात्रा पर जाने की संभावना है। इस दौरान भारत की दुनिया के कई प्रमुख देशों के नेताओं और विदेश मंत्रियों से मुलाकात होगी। यूक्रेन संघर्ष, पश्चिम एशिया संकट, ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताएँ, संयुक्त राष्ट्र सुधार और वैश्विक आर्थिक मुद्दे भारत के एजेंडे में रहने की उम्मीद है।
पोलैंड दौरा: मध्य यूरोप में भारत की पहुँच
जयशंकर की पोलैंड यात्रा भी प्रस्तावित बताई जा रही है। यह दौरा यूरोप के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव को रेखांकित करेगा। मध्य और पूर्वी यूरोप में भारत की रणनीतिक और आर्थिक पहुँच बढ़ाने के लिहाज से पोलैंड एक महत्वपूर्ण साझेदार के रूप में उभर रहा है। यह यात्रा भारत की यूरोप-केंद्रित कूटनीति के विस्तार की दिशा में एक और कदम है।
कुल मिलाकर, सितंबर 2026 भारत की विदेश नीति के लिए एक ऐसा महीना है जिसमें वैश्विक शक्तियों के साथ बहुस्तरीय संवाद, नई साझेदारियों की नींव और ग्लोबल साउथ में नेतृत्व की भूमिका — तीनों एक साथ परखी जाएँगी।