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SCO शिखर सम्मेलन: PM मोदी की उज्बेकिस्तान-किर्गिस्तान यात्रा से मध्य एशिया में भारत की भूमिका तय होगी — गौरव वल्लभ

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SCO शिखर सम्मेलन: PM मोदी की उज्बेकिस्तान-किर्गिस्तान यात्रा से मध्य एशिया में भारत की भूमिका तय होगी — गौरव वल्लभ

सारांश

BJP नेता गौरव वल्लभ ने कहा कि PM मोदी की उज्बेकिस्तान-किर्गिस्तान यात्रा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक भूमिका तय करेगी और MSME के लिए नए द्वार खोलेगी। साथ ही उन्होंने राहुल गांधी पर हल्द्वानी मुद्दे पर 'राजनीतिक प्रपंच' का आरोप लगाया।

मुख्य बातें

BJP नेता गौरव वल्लभ ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में कहा कि PM मोदी की उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान यात्रा मध्य एशिया में भारत की भूमिका निर्धारित करेगी।
SCO की स्थापना के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर भारत ने आतंकवाद-विरोध और संप्रभुता-सम्मान को अपनी मुख्य नीति बताया।
वल्लभ ने दावा किया कि यात्रा से MSME क्षेत्र के लिए नए अवसर और रोजगार सृजन होगा।
राहुल गांधी पर हल्द्वानी मुद्दे पर 'राजनीतिक प्रपंच' का आरोप; वाल्मीकि समाज के हवाले से BJP ने दावों को खारिज किया।
ममता बनर्जी पर निशाना — वल्लभ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब संविधान और 'डबल इंजन' विकास का शासन है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता गौरव वल्लभ ने 29 अगस्त को नई दिल्ली में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान की आगामी यात्रा मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक भूमिका को एक नई दिशा देगी। उन्होंने यह भी कहा कि यह यात्रा भारत के एमएसएमई क्षेत्र के लिए नए अवसरों के द्वार खोलेगी और रोजगार सृजन में सहायक होगी।

मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक स्थिति

वल्लभ ने कहा कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की स्थापना को 25 वर्ष पूरे हो चुके हैं और इस पृष्ठभूमि में भारत का रुख बिल्कुल स्पष्ट है। उनके अनुसार, भारत का मानना है कि आतंकवाद और अतिवाद के लिए विश्व में कोई स्थान नहीं होना चाहिए और प्रत्येक देश को दूसरे देश की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।

उन्होंने कहा, 'इस यात्रा से सेंट्रल एशिया के साथ हमारे पुराने संबंध और अधिक प्रगाढ़ होंगे। आगामी दिनों में उस क्षेत्र में भारत की भूमिका कैसी रहेगी, इसका निर्धारण इसी यात्रा में होगा।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि यह यात्रा नए रोजगार और अवसरों का सृजन करेगी, जिससे विकास को नई गति मिलेगी और भारत के एमएसएमई क्षेत्र से जुड़े कई नए रास्ते खुलेंगे।

राहुल गांधी और हल्द्वानी विवाद पर BJP का पलटवार

वल्लभ ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए उन पर हल्द्वानी के मुद्दे को लेकर 'राजनीतिक प्रपंच' फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने दावा किया कि हल्द्वानी के वाल्मीकि समाज के लोग स्वयं कह रहे हैं कि राहुल गांधी का बयान तथ्यों से परे है। BJP नेता ने कहा कि राहुल गांधी ने अदालत में कई बार अपनी बातों पर माफी माँगी है और उनका यह रवैया उनके राजनीतिक आचरण को दर्शाता है। वल्लभ ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी 'वर्ग विशेष का वोट' पाने के लिए ऐसे बयान देते हैं।

उल्लेखनीय है कि राहुल गांधी ने इन आरोपों पर अभी तक कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।

कांग्रेस पर दलित विरोधी नीतियों का आरोप

वल्लभ ने UPA शासनकाल (2004–2014) का हवाला देते हुए कहा कि उस दौर में दलित समुदाय पर अत्याचार की घटनाएँ हुईं, जिन्हें देश भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिष्ठा को ठेस पहुँचाने का काम किया। यह आरोप ऐसे समय में आए हैं जब दलित राजनीति को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर बहस तेज है।

ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल पर टिप्पणी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए वल्लभ ने कहा कि राज्य में अब संविधान का शासन स्थापित हो चुका है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता ने 'घुसपैठियों के विकास वाले शासन' को अस्वीकार कर दिया है और अब राज्य में 'डबल इंजन' विकास की राजनीति का युग शुरू हो रहा है। ममता बनर्जी की तरफ से इस बयान पर कोई तत्काल प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं थी।

आगे क्या

प्रधानमंत्री मोदी की उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान यात्रा के दौरान SCO के मंच पर भारत की स्थिति और द्विपक्षीय समझौतों की दिशा स्पष्ट होगी। विशेषज्ञों की नज़र इस बात पर होगी कि भारत मध्य एशियाई देशों के साथ व्यापार और कनेक्टिविटी के क्षेत्र में कौन-से ठोस कदम उठाता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

राहुल गांधी पर हमला और ममता बनर्जी की आलोचना को एक साथ पैक किया गया। SCO यात्रा के ठोस कूटनीतिक परिणामों पर चर्चा की बजाय बयानबाजी का यह मिश्रण दर्शाता है कि पार्टी घरेलू राजनीतिक संदेश को विदेश नीति की आड़ में आगे बढ़ा रही है। हल्द्वानी और दलित मुद्दों पर आरोप-प्रत्यारोप का यह दौर आगामी चुनावी मौसम की पूर्व-पीठिका प्रतीत होता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ऐसे बयानों को सतह पर ले लेती है — असली सवाल यह है कि मोदी की यात्रा से MSME और रोजगार के लिए कौन-से मापनीय समझौते होते हैं।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की उज्बेकिस्तान और किर्गिस्तान यात्रा का उद्देश्य क्या है?
BJP नेता गौरव वल्लभ के अनुसार, यह यात्रा SCO के मंच पर मध्य एशिया में भारत की रणनीतिक भूमिका को स्थापित करने और पुराने द्विपक्षीय संबंधों को और प्रगाढ़ बनाने के लिए है। यात्रा से MSME क्षेत्र के लिए नए व्यापारिक अवसर और रोजगार सृजन की भी उम्मीद जताई गई है।
SCO क्या है और इसमें भारत की क्या भूमिका है?
शंघाई सहयोग संगठन (SCO) एक बहुपक्षीय संगठन है जिसे स्थापित हुए 25 वर्ष हो चुके हैं। भारत इसमें आतंकवाद-विरोध और सदस्य देशों की संप्रभुता के सम्मान को अपनी मुख्य नीति के रूप में रखता है।
गौरव वल्लभ ने राहुल गांधी पर क्या आरोप लगाए?
वल्लभ ने राहुल गांधी पर हल्द्वानी मुद्दे को लेकर 'राजनीतिक प्रपंच' फैलाने का आरोप लगाया और कहा कि हल्द्वानी के वाल्मीकि समाज के लोग स्वयं उनके बयानों को गलत बता रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी ने अदालत में कई बार अपनी बातों पर माफी माँगी है।
BJP ने ममता बनर्जी पर क्या कहा?
वल्लभ ने कहा कि पश्चिम बंगाल में अब संविधान का शासन है और 'डबल इंजन' विकास की राजनीति का दौर शुरू हो गया है। उन्होंने दावा किया कि बंगाल की जनता ने 'घुसपैठियों के विकास वाले शासन' को अस्वीकार कर दिया है।
मोदी की इस यात्रा से MSME क्षेत्र को क्या फायदा होगा?
गौरव वल्लभ के अनुसार, यात्रा भारत के MSME क्षेत्र के लिए मध्य एशियाई बाजारों में नए अवसरों के द्वार खोलेगी और नए रोजगार का सृजन करेगी। हालाँकि, इस संदर्भ में किसी विशेष समझौते या आँकड़े का अभी उल्लेख नहीं किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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