ट्रंप का अमेरिकी कोयला उद्योग में ₹6,700 करोड़ का निवेश ऐलान, 2028 तक 1.2 करोड़ टन सालाना निर्यात का लक्ष्य
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 5 जून 2026 को व्हाइट हाउस से 700 मिलियन डॉलर (लगभग ₹6,700 करोड़) के संघीय निवेश पैकेज की घोषणा की, जिसका उद्देश्य अमेरिकी कोयला उद्योग को व्यापक सरकारी समर्थन देना है। इस पहल के तहत कोयला आधारित बिजलीघरों, खदानों और निर्यात अवसंरचना को मजबूत करने का खाका तैयार किया गया है। ट्रंप ने इसे ऊर्जा कीमतों में कटौती और राष्ट्रीय बिजली ग्रिड को सुदृढ़ करने की दिशा में एक निर्णायक कदम बताया।
निवेश पैकेज में क्या शामिल है
ट्रंप के अनुसार, ₹6,700 करोड़ के इस पैकेज से 14 कोयला बिजलीघरों और 42 कोयला खदानों को सुरक्षित किया जाएगा। इसके अलावा 2 नए कोयला बिजलीघर और 1 बड़ा निर्यात टर्मिनल भी स्थापित किया जाएगा। राष्ट्रपति ने कहा, 'आज जिस 700 मिलियन डॉलर के निवेश की मैं घोषणा कर रहा हूँ, उसके परिणामस्वरूप हम 14 कोयला बिजलीघरों और 42 कोयला खदानों की रक्षा करेंगे।'
प्रशासन का दावा है कि इस कदम से 14,000 से अधिक नौकरियों को सहारा मिलेगा और अमेरिकी नागरिकों के बिजली खर्च में 50 अरब डॉलर की बचत होगी।
डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट का इस्तेमाल
ट्रंप ने घोषणा की कि डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट के आपातकालीन अधिकारों का उपयोग करते हुए वेस्ट वर्जीनिया, केंटकी, नॉर्थ कैरोलाइना, इंडियाना, टेनेसी, एरिजोना, अर्कांसस, ओक्लाहोमा, नॉर्थ डकोटा और विस्कॉन्सिन में स्थित 13 कोयला बिजलीघरों को बंद होने से बचाया जाएगा। प्रशासन के अनुसार, इन संयंत्रों को आधुनिक बनाया जाएगा ताकि ये आने वाले कई दशकों तक संचालित रह सकें।
वेस्ट गेटवे निर्यात परियोजना
राष्ट्रपति ने वेस्ट गेटवे प्रोजेक्ट का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि इस गर्मी से इसका निर्माण शुरू होगा और 2028 की गर्मियों तक हर वर्ष 1.2 करोड़ टन उच्च गुणवत्ता वाला कोयला दुनियाभर के देशों को निर्यात किया जाएगा। यह परियोजना अमेरिका की वैश्विक ऊर्जा आपूर्तिकर्ता के रूप में भूमिका को पुनर्स्थापित करने की ट्रंप की रणनीति का हिस्सा बताई जा रही है।
मंत्रियों की प्रतिक्रिया
गृह मंत्री डग बर्गम ने कहा कि प्रशासन ने कोयला परियोजनाओं की मंजूरी प्रक्रिया को काफी तेज कर दिया है। उन्होंने दावा किया कि बाइडेन प्रशासन के चार वर्षों के दौरान एक भी नया कोयला पट्टा जारी नहीं हुआ, जबकि ट्रंप प्रशासन ने अब तक 76 परमिट और लीज को मंजूरी दी है।
ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने कहा, 'साफ-सुथरे और अच्छी गुणवत्ता वाले कोयले के बिना आधुनिक दुनिया की कल्पना नहीं की जा सकती। पिछले 125 वर्षों से यह दुनिया में बिजली उत्पादन का सबसे बड़ा स्रोत रहा है और आने वाले कई दशकों तक बना रहेगा।'
व्यापक ऊर्जा रणनीति का हिस्सा
ट्रंप ने इस पहल को मैन्युफैक्चरिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और घरेलू ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने की अपनी व्यापक योजना का अंग बताया। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर कोयले से दूरी बनाने की कोशिशें तेज हो रही हैं और जलवायु परिवर्तन को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ रहा है। गौरतलब है कि ट्रंप पहले भी अपने पहले कार्यकाल में कोयला उद्योग को पुनर्जीवित करने के वादे कर चुके हैं। आने वाले महीनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि वेस्ट गेटवे परियोजना की प्रगति और नए बिजलीघरों का निर्माण कितनी तेजी से आगे बढ़ता है।