ट्रंप ने डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट लागू कर जरूरी मिनरल्स के निर्यात पर कसी लगाम
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 31 जुलाई 2026 को डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट की शक्तियों का प्रयोग करते हुए रिकवर किए जा सकने वाले जरूरी मिनरल्स और मटीरियल (सीएमएम) पर नियंत्रण सख्त कर दिया है। इस फैसले के तहत वाणिज्य विभाग को घरेलू सप्लाई चेन को मजबूत करने के उद्देश्य से इन सामग्रियों के निर्यात पर रोक लगाने का अधिकार दे दिया गया है। व्हाइट हाउस ने इसे अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए एक निर्णायक कदम बताया है।
प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन में क्या कहा गया
गुरुवार को वाणिज्य सचिव को जारी किए गए प्रेसिडेंशियल डिटरमिनेशन में राष्ट्रपति ट्रंप ने घोषित किया कि रिकवर किए जा सकने वाले सीएमएम देश की रक्षा को बढ़ावा देने के लिए अनिवार्य औद्योगिक संसाधन हैं। उन्होंने आगाह किया कि आयातित आपूर्ति पर अमेरिका की अत्यधिक निर्भरता एक बढ़ता हुआ सुरक्षा खतरा बन चुकी है।
मेमोरेंडम में स्पष्ट किया गया: 'यह जरूरी है कि अमेरिका रिकवर किए जा सकने वाले सीएमएम की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई करे।' यह आदेश फेडरल रजिस्टर में भी प्रकाशित किया जाएगा।
डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट का इस्तेमाल क्यों
डिफेंस प्रोडक्शन एक्ट के सेक्शन 101 के अंतर्गत राष्ट्रपति ट्रंप ने निर्धारित किया कि रिकवर किए जा सकने वाले सीएमएम देश की रक्षा के लिए आवश्यक दुर्लभ एवं महत्त्वपूर्ण सामग्री हैं। व्हाइट हाउस की फैक्ट शीट के अनुसार, इन मटीरियल्स का उपयोग सैन्य उत्पादन, औद्योगिक प्रयोग और राष्ट्रीय सुरक्षा — तीनों क्षेत्रों में होता है।
गौरतलब है कि ट्रंप ने मार्च 2025 में अमेरिकी मिनरल उत्पादन बढ़ाने और परमिटिंग प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए एक एग्जीक्यूटिव ऑर्डर पर हस्ताक्षर किए थे। इसके बाद अप्रैल 2025 में डिफेंस अधिग्रहण को आधुनिक बनाने और रक्षा औद्योगिक आधार में नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए एक और आदेश जारी किया गया था। नया फैसला उन्हीं कदमों की अगली कड़ी है।
रीसाइक्लिंग पर विशेष जोर
सरकार ने बताया कि अमेरिका के पास स्थायी मैग्नेट और लिथियम-आयन बैटरी जैसे तैयार उत्पादों में पहले से ही पर्याप्त मात्रा में जरूरी मिनरल्स मौजूद हैं। जब ये उत्पाद अपने जीवनचक्र के अंत में पहुँचते हैं, तो इनमें से सामग्री को रिकवर कर औद्योगिक उपयोग के लिए पुनः प्रयुक्त किया जा सकता है। नए फैसले में एंड-ऑफ-लाइफ उत्पादों और औद्योगिक अपशिष्ट से कीमती मटीरियल रिकवर करने पर विशेष बल दिया गया है।
चीन की बढ़त और वैश्विक प्रतिस्पर्धा
जरूरी मिनरल्स वैश्विक रणनीतिक प्रतिस्पर्धा का केंद्रीय मुद्दा बन चुके हैं। रक्षा तकनीक, इलेक्ट्रिक वाहन, नवीकरणीय ऊर्जा प्रणाली, सेमीकंडक्टर और उन्नत विनिर्माण — सभी क्षेत्रों में इनकी निर्भरता बढ़ रही है। आलोचकों का कहना है कि कई रेयर अर्थ एलिमेंट्स और अन्य जरूरी मिनरल्स की वैश्विक प्रोसेसिंग और रिफाइनिंग क्षमता के एक बड़े हिस्से पर चीन का वर्चस्व है, जिससे अमेरिका और उसके सहयोगी देश सप्लाई चेन को विविध बनाने के लिए प्रेरित हो रहे हैं।
आगे क्या होगा
वाणिज्य सचिव को अब नियमन, निर्देश और प्रक्रियाएँ जारी करके इस आदेश को लागू करने का अधिकार प्राप्त हो गया है। वाशिंगटन का लक्ष्य घरेलू माइनिंग, प्रोसेसिंग, रीसाइक्लिंग और स्टॉकपाइलिंग को बढ़ावा देते हुए विदेशी स्रोतों पर निर्भरता को दीर्घकालिक रूप से कम करना है। यह कदम अमेरिका के औद्योगिक आधार को पुनर्निर्मित करने और रक्षा विनिर्माण को सुदृढ़ करने की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।