ट्रंप का दावा: ईरान किसी भी कीमत पर चाहता है डील, पुनर्निर्माण में लगेंगे 20 साल

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ट्रंप का दावा: ईरान किसी भी कीमत पर चाहता है डील, पुनर्निर्माण में लगेंगे 20 साल

सारांश

ट्रंप का दावा है कि ईरान की सेना तबाह हो चुकी है — नौसेना के 159 जहाज डूब गए, वायुसेना का एक भी विमान नहीं बचा। अब तेहरान किसी भी कीमत पर डील चाहता है। लेकिन ईरान ने इन दावों का खंडन किया है। यह वार्ता कहाँ जाएगी, यह अभी भी अनिश्चित है।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 7 मई 2026 को कहा कि ईरान के साथ पिछले 24 घंटों में बहुत अच्छी वार्ता हुई है।
ट्रंप का दावा — ईरान की 159 जहाजों वाली नौसेना और पूरी वायुसेना नष्ट हो चुकी है।
ट्रंप ने कहा कि ईरान को सैन्य पुनर्निर्माण में 20 साल लग जाएंगे।
तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल पर बनी हुई हैं, ट्रंप ने $200-250 तक जाने की आशंका जताई थी।
ईरानी अर्ध-सरकारी एजेंसी फार्स ने समझौते की रिपोर्टों को मनगढ़ंत बताया।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि तेहरान अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 7 मई 2026 को व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बात करते हुए दावा किया कि ईरान के साथ परमाणु वार्ता में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है और तेहरान किसी भी कीमत पर समझौता करने को तैयार है। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान के पास परमाणु हथियार रखने का कोई विकल्प नहीं होगा।

ट्रंप के मुख्य दावे

ट्रंप ने कहा,

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि कूटनीतिक वार्ता अभी जारी है — यह विरोधाभास महत्वपूर्ण है। फार्स एजेंसी का यह आरोप कि रिपोर्टें तेल बाजार को प्रभावित करने के लिए बनाई गईं, सूचना युद्ध की ओर इशारा करता है। जब तक ईरानी विदेश मंत्रालय औपचारिक जवाब नहीं देता, किसी भी "डील" की घोषणा को सत्यापित नहीं माना जा सकता।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान के साथ डील को लेकर क्या कहा?
ट्रंप ने 7 मई 2026 को व्हाइट हाउस में कहा कि ईरान किसी भी कीमत पर समझौता करना चाहता है और पिछले 24 घंटों में बहुत अच्छी बातचीत हुई है। उन्होंने कहा कि डील पूरी तरह संभव है, हालाँकि कोई समय सीमा तय नहीं की गई है।
ट्रंप ने ईरान की सैन्य क्षमता के बारे में क्या दावा किया?
ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की 159 जहाजों वाली नौसेना पूरी तरह नष्ट हो चुकी है और वायुसेना का एक भी विमान नहीं बचा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की विमानरोधी प्रणालियाँ, रडार और मिसाइल भंडार लगभग पूरी तरह तबाह हो चुके हैं।
ईरान ने ट्रंप के दावों पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने समझौते की रिपोर्टों को मनगढ़ंत बताया और कहा कि ये खबरें वैश्विक तेल बाजार को प्रभावित करने के लिए बनाई गई थीं। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने कहा कि तेहरान अमेरिकी प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है।
अमेरिका का संदेश ईरान तक कैसे पहुँचाया गया?
फार्स एजेंसी ने दो अज्ञात सूत्रों के हवाले से बताया कि अमेरिका का ताजा संदेश पाकिस्तान के माध्यम से ईरान को भेजा गया था। ईरान ने अभी तक इस संदेश का औपचारिक जवाब नहीं दिया है।
तेल की कीमतों पर इस संघर्ष का क्या असर पड़ा?
ट्रंप ने कहा कि उन्हें आशंका थी कि तेल की कीमतें $200-250 प्रति बैरल तक जा सकती हैं, लेकिन अभी यह $100 प्रति बैरल पर बनी हुई है। अमेरिकी वित्तीय बाजार भी संघर्ष के दौरान लचीला बना रहा।
राष्ट्र प्रेस
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