30 जुलाई 2026
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ईरान को चीनी हथियार आपूर्ति की खबरों पर ट्रंप बोले — 'शी जिनपिंग ने दिया था भरोसा, अब निराश होऊंगा'

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ईरान को चीनी हथियार आपूर्ति की खबरों पर ट्रंप बोले — 'शी जिनपिंग ने दिया था भरोसा, अब निराश होऊंगा'

सारांश

ट्रंप ने ओवल ऑफिस में कहा — अगर चीन ने ईरान को 400 मैनपैड्स मिसाइल दीं, तो यह 'चौंकाने वाला' होगा। शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिया था कि बीजिंग ऐसा नहीं करेगा। 24 सितंबर की शी की अमेरिका यात्रा से पहले यह खुलासा वाशिंगटन-बीजिंग रिश्तों में नया तनाव पैदा कर सकता है।

मुख्य बातें

डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जुलाई को कहा कि ईरान को चीनी हथियार आपूर्ति की खबरें 'चौंकाने वाली और निराशाजनक' होंगी।
रिपोर्टों के अनुसार चीन ईरान को 400 मैनपैड्स एयर डिफेंस मिसाइल लॉन्चर दे सकता है, जो कंधे पर रखकर दागी जाती हैं।
कथित खेप उरुमकी (चीन) से पाकिस्तान के रास्ते ईरान पहुंचनी थी — परिवहन मार्ग अभी स्पष्ट नहीं।
पाकिस्तानी सेना की शाखा आईएसपीआर ने इन दावों को 'पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा' बताया।
ट्रंप के अनुसार शी जिनपिंग ने उन्हें 'दृढ़ता से' आश्वस्त किया था कि चीन ऐसी आपूर्ति में शामिल नहीं होगा।
शी जिनपिंग 24 सितंबर को अमेरिका आने वाले हैं — यह खुलासा उस यात्रा से पहले कूटनीतिक दबाव बढ़ा सकता है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जुलाई को व्हाइट हाउस के ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि यदि चीन सच में ईरान को हथियार उपलब्ध करा रहा है, तो यह उनके लिए 'चौंकाने वाला और निराशाजनक' होगा। ट्रंप ने यह भी बताया कि चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने उन्हें 'दृढ़ता से' आश्वस्त किया था कि बीजिंग ऐसी किसी सैन्य आपूर्ति में शामिल नहीं होगा।

क्या है पूरा मामला

मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि चीन जल्द ही ईरान को 400 मैनपैड्स एयर डिफेंस मिसाइल लॉन्चर उपलब्ध करा सकता है — ये कंधे पर रखकर दागी जाने वाली मिसाइलें हैं। तीन सूत्रों के हवाले से आई रिपोर्टों के अनुसार, प्रस्तावित योजना में हथियारों की खेप पहले चीन के उरुमकी शहर से रवाना होगी और फिर पाकिस्तान के रास्ते ईरान पहुंचेगी। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं है कि परिवहन हवाई मार्ग से होगा या सड़क मार्ग से।

पाकिस्तान का खंडन

पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा आईएसपीआर ने इन दावों को 'पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा' करार दिया है। इस्लामाबाद ने किसी भी प्रकार की ट्रांजिट भूमिका से साफ इनकार किया है।

ट्रंप की प्रतिक्रिया

ओवल ऑफिस में पत्रकारों के सवालों के जवाब में ट्रंप ने कहा, 'यह मेरे लिए हैरानी की बात है। दुनिया में ऐसी चीजें होती हैं, लेकिन अगर यह सच है तो यह निश्चित रूप से चौंकाने वाला होगा।' उन्होंने आगे कहा, 'शी जिनपिंग ने मुझसे दृढ़ता से कहा था कि चीन इसमें शामिल नहीं होगा। लेकिन अगर ऐसा हुआ तो उन्हें पता है कि मैं काफी निराश होऊंगा।'

शी जिनपिंग की अमेरिका यात्रा का संदर्भ

ट्रंप ने यह भी उल्लेख किया कि शी जिनपिंग 24 सितंबर को अमेरिका आने वाले हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव चरम पर है और ईरान कथित तौर पर अपनी हवाई सुरक्षा प्रणाली को मजबूत करने की कोशिश में है।

व्यापक भू-राजनीतिक संदर्भ

गौरतलब है कि अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता और ईरान परमाणु मुद्दे पर वाशिंगटन की कूटनीतिक सक्रियता के बीच यह खुलासा तीनों देशों के संबंधों को और जटिल बना सकता है। यदि ये रिपोर्टें सही साबित होती हैं, तो बीजिंग और वाशिंगटन के बीच विश्वास की खाई और गहरी हो सकती है — और शी जिनपिंग की प्रस्तावित अमेरिका यात्रा से पहले यह कूटनीतिक दबाव का बड़ा बिंदु बन सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असल में यह वाशिंगटन की एक सोची-समझी कूटनीतिक चेतावनी है — शी जिनपिंग की 24 सितंबर की यात्रा से ठीक पहले। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता नाजुक दौर में है और ईरान पर दबाव बनाए रखना वाशिंगटन की प्राथमिकता है। विरोधाभास यह है कि ट्रंप एक तरफ शी पर भरोसा जताते हैं, दूसरी तरफ सार्वजनिक मंच से 'निराशा' की भाषा इस्तेमाल करते हैं — यह द्विपक्षीय संबंधों में दबाव बनाने की परिचित रणनीति है। पाकिस्तान का खंडन भी उल्लेखनीय है, क्योंकि इस्लामाबाद पहले से ही अमेरिका और चीन दोनों के साथ संतुलन साधने की कोशिश में है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने ईरान को चीनी हथियार आपूर्ति पर क्या कहा?
ट्रंप ने 30 जुलाई को व्हाइट हाउस में कहा कि अगर चीन सच में ईरान को हथियार दे रहा है, तो यह उनके लिए 'चौंकाने वाला और निराशाजनक' होगा। उन्होंने बताया कि शी जिनपिंग ने उन्हें व्यक्तिगत रूप से भरोसा दिया था कि चीन ऐसी किसी सैन्य आपूर्ति में शामिल नहीं होगा।
चीन ईरान को कौन से हथियार देने की खबर है?
रिपोर्टों के अनुसार चीन ईरान को 400 मैनपैड्स एयर डिफेंस मिसाइल लॉन्चर देने की योजना में है, जो कंधे पर रखकर दागी जाने वाली मिसाइलें हैं। ये अमेरिका के साथ जारी संघर्ष के बीच ईरान की हवाई सुरक्षा मजबूत करने के लिए कथित तौर पर मांगी गई हैं।
हथियार किस रास्ते से ईरान पहुंचने की बात कही गई है?
रिपोर्टों के अनुसार हथियारों की खेप पहले चीन के उरुमकी शहर से रवाना होकर पाकिस्तान के रास्ते ईरान पहुंचनी थी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि परिवहन हवाई मार्ग से होगा या सड़क मार्ग से।
पाकिस्तान ने इन रिपोर्टों पर क्या कहा?
पाकिस्तानी सेना की मीडिया शाखा आईएसपीआर ने इन दावों को 'पूरी तरह मनगढ़ंत और झूठा' करार दिया है। इस्लामाबाद ने किसी भी ट्रांजिट भूमिका से स्पष्ट रूप से इनकार किया है।
इस विवाद का अमेरिका-चीन संबंधों पर क्या असर हो सकता है?
शी जिनपिंग की 24 सितंबर को प्रस्तावित अमेरिका यात्रा से पहले यह खुलासा वाशिंगटन-बीजिंग रिश्तों में नया तनाव पैदा कर सकता है। ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से 'निराशा' की भाषा इस्तेमाल कर बीजिंग पर कूटनीतिक दबाव बनाने का संकेत दिया है।
राष्ट्र प्रेस
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