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यूक्रेन पर 500 'शाहेद' ड्रोन हमला, जेलेंस्की बोले — रूस अर्थव्यवस्था तबाह करने की रणनीति पर

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यूक्रेन पर 500 'शाहेद' ड्रोन हमला, जेलेंस्की बोले — रूस अर्थव्यवस्था तबाह करने की रणनीति पर

सारांश

सैन्य मोर्चे पर फँसे रूस ने अब यूक्रेन की रोज़मर्रा की अर्थव्यवस्था को युद्धक्षेत्र बना दिया है। एक ही दिन में 500 'शाहेद' ड्रोन, खाद्य गोदाम, दवा कारखाने, यात्री ट्रेनें — जेलेंस्की का संदेश साफ है: यह युद्ध अब सिर्फ मोर्चे पर नहीं, हर आम नागरिक की रोज़ी पर भी है।

मुख्य बातें

13 सितंबर 2026 को रूस ने लगभग 500 'शाहेद' ड्रोन से यूक्रेन पर हमला किया, जो एक दिन के सबसे बड़े हमलों में से एक है।
राष्ट्रपति जेलेंस्की ने आरोप लगाया कि रूस ने खाद्य गोदाम, पेट्रोल पंप, दवा सुविधाएँ, यात्री ट्रेनें और रिहायशी इमारतें निशाना बनाईं।
हाल में एक भारतीय कारोबारी के स्वामित्व वाले इस्पात कारखाने, एक अमेरिकी और एक पोलिश कंपनी पर भी हमले हुए।
जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से रूसी हमलों की नैतिक और राजनीतिक निंदा और प्रतिबंध जारी रखने की माँग की।
उन्होंने कहा कि रूसी ओलिगार्क्स और कंपनियों को युद्ध के नतीजों से बेपरवाह माहौल देना यूरोप के लिए भी खतरनाक है।

यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने 13 सितंबर 2026 को खुलासा किया कि रूस ने उस दिन लगभग 500 'शाहेद' ड्रोन से यूक्रेन पर हमला किया — और हमले शाम तक जारी रहे। जेलेंस्की के अनुसार, रूस ने सैन्य मोर्चे पर सफलता न मिलने के बाद अब यूक्रेन की नागरिक अर्थव्यवस्था को व्यवस्थित रूप से निशाना बनाने की रणनीति अपना ली है।

हमले का पैमाना और स्वरूप

जेलेंस्की ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि सुबह से लेकर शाम तक करीब 500 हमलावर ड्रोन छोड़े गए और उस वक्त भी 'शाहेद' ड्रोन आसमान में मंडरा रहे थे। यह एक ही दिन में रूस के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि रूस की रणनीति अब सीधी है — 'उन सभी जगहों को नष्ट करना जो लोगों को युद्ध की कठिन परिस्थितियों में टिके रहने में मदद कर सकती हैं।'

कौन-कौन से ठिकाने निशाने पर

जेलेंस्की के आरोपों के अनुसार, रूसी हमलों में खाद्य भंडारण गोदाम, पेट्रोल पंप, दवा निर्माण एवं भंडारण सुविधाएँ, यात्री ट्रेनें, रिहायशी इमारतें और नागरिक व्यवसायों को निशाना बनाया जा रहा है। इसके अलावा ट्रकों की पार्किंग, बंदरगाह, शॉपिंग मॉल और ऊर्जा बुनियादी ढाँचे पर भी हमले हुए हैं।

गौरतलब है कि हाल के दिनों में रूस ने एक इस्पात कारखाने पर हमला किया, जो एक भारतीय कारोबारी के स्वामित्व में है। साथ ही सूरजमुखी तेल बनाने वाली एक अमेरिकी कंपनी और प्लंबिंग फिटिंग्स बनाने वाली एक पोलिश कंपनी को भी निशाना बनाया गया — जो इस संघर्ष के बढ़ते अंतरराष्ट्रीय आर्थिक आयाम को रेखांकित करता है।

जेलेंस्की की सहयोगी देशों से अपील

यूक्रेनी राष्ट्रपति ने अपने सहयोगी देशों से माँग की कि रूसी हमलों की स्पष्ट नैतिक और राजनीतिक निंदा की जाए। उन्होंने कहा कि रूसी कंपनियाँ जो युद्ध के बजट में टैक्स देती हैं, और रूसी अरबपति (ओलिगार्क्स) जिनके बिना राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की व्यवस्था टिक नहीं सकती — उन्हें दुनिया में कहीं भी शांति और आराम से रहने की जगह नहीं मिलनी चाहिए जब तक यह युद्ध जारी है।

जेलेंस्की ने यह भी कहा कि युद्ध के पहले दिन से लगाए गए प्रतिबंध इसीलिए थे ताकि रूसी नेतृत्व अपने करीबी कारोबारियों को यह भरोसा न दिला सके कि उन्हें युद्ध के परिणामों का कोई असर नहीं झेलना होगा।

प्रतिबंधों पर जेलेंस्की का रुख

राष्ट्रपति जेलेंस्की ने ज़ोर देकर कहा कि प्रतिबंध ऐसे ही जारी रहने चाहिए ताकि रूसी कारोबारी अपने नेतृत्व पर दबाव बनाएँ और युद्ध समाप्त करने की माँग करें। उनके अनुसार, जब यूक्रेन की अर्थव्यवस्था रूस के लिए महज एक लक्ष्य बनकर रह गई हो, तब यूरोप का रूसी अरबपतियों को मित्रवत माहौल देना 'नैतिक रूप से गलत ही नहीं, बल्कि खुद के लिए भी खतरनाक' है।

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब यूक्रेन पश्चिमी देशों से और अधिक वायु रक्षा प्रणालियों की माँग कर रहा है। 'शाहेद' ड्रोन — जो मूलतः ईरानी डिज़ाइन पर आधारित हैं — बड़ी संख्या में दागकर यूक्रेनी वायु रक्षा को थकाने की रूसी रणनीति का हिस्सा माने जाते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि नागरिक अर्थव्यवस्था पर यह हमला यूक्रेन की जनता का मनोबल तोड़ने और पश्चिमी समर्थन को कमज़ोर करने की दोहरी कोशिश है।

संपादकीय दृष्टिकोण

मगर व्यावहारिक रूप से यह तभी कारगर होगा जब पश्चिमी देश प्रतिबंधों को वास्तव में सख्ती से लागू करें — जो अब तक पूरी तरह नहीं हो पाया है। भारतीय कारोबारी के कारखाने पर हमला यह भी याद दिलाता है कि यह युद्ध अब केवल यूरोपीय भूगोल तक सीमित नहीं है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'शाहेद' ड्रोन क्या हैं और रूस इनका उपयोग क्यों कर रहा है?
'शाहेद' ड्रोन मूलतः ईरानी डिज़ाइन पर आधारित एकतरफा हमलावर ड्रोन हैं, जिन्हें रूस बड़ी संख्या में दागकर यूक्रेन की वायु रक्षा प्रणाली को थकाने के लिए इस्तेमाल करता है। ये सस्ते और बड़ी तादाद में उपलब्ध होने के कारण रूस की प्रमुख हथियार रणनीति बन गए हैं।
13 सितंबर 2026 को रूस ने यूक्रेन पर कितने ड्रोन दागे?
राष्ट्रपति जेलेंस्की के अनुसार, 13 सितंबर 2026 को सुबह से शाम तक लगभग 500 हमलावर ड्रोन दागे गए और शाम को भी 'शाहेद' ड्रोन आसमान में मौजूद थे। यह एक ही दिन के सबसे बड़े ड्रोन हमलों में से एक बताया जा रहा है।
रूस यूक्रेन की अर्थव्यवस्था को क्यों निशाना बना रहा है?
जेलेंस्की के अनुसार, सैन्य मोर्चे पर अपेक्षित सफलता न मिलने के बाद रूस ने नागरिक आर्थिक ढाँचे को तबाह करने की रणनीति अपनाई है ताकि युद्ध सहने की यूक्रेन की क्षमता कमज़ोर हो। खाद्य, ऊर्जा, दवा और परिवहन — सभी बुनियादी क्षेत्रों को निशाना बनाया जा रहा है।
क्या रूसी हमलों में विदेशी कंपनियाँ भी प्रभावित हुई हैं?
हाँ, जेलेंस्की ने बताया कि हाल के हमलों में एक भारतीय कारोबारी के स्वामित्व वाला इस्पात कारखाना, एक अमेरिकी सूरजमुखी तेल कंपनी और एक पोलिश प्लंबिंग फिटिंग्स कंपनी भी निशाना बनी हैं। इससे यह संघर्ष अब केवल द्विपक्षीय नहीं, बल्कि बहुराष्ट्रीय आर्थिक मसला बन गया है।
जेलेंस्की ने सहयोगी देशों से क्या माँग की है?
जेलेंस्की ने माँग की है कि सहयोगी देश रूसी हमलों की स्पष्ट नैतिक और राजनीतिक निंदा करें, प्रतिबंध जारी रखें और रूसी ओलिगार्क्स को ऐसा माहौल न दें जहाँ वे युद्ध के नतीजों से बेपरवाह होकर रह सकें। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधों का दबाव ही रूसी कारोबारियों को नेतृत्व पर युद्ध रोकने का दबाव बनाने पर मजबूर कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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