13 सितंबर 2026
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नेपाल बाढ़ पीड़ितों की पहचान के लिए अमेरिका ने 10 लाख डॉलर और मंजूर किए, कुल सहायता 50 लाख डॉलर पार

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नेपाल बाढ़ पीड़ितों की पहचान के लिए अमेरिका ने 10 लाख डॉलर और मंजूर किए, कुल सहायता 50 लाख डॉलर पार

सारांश

नेपाल में बाढ़ की तबाही के बाद अमेरिका ने पीड़ितों की डीएनए-आधारित पहचान के लिए 10 लाख डॉलर और मंजूर किए। एफबीआई विशेषज्ञ और सेना की टीम मैदान में हैं, कुल अमेरिकी सहायता 50.5 लाख डॉलर पहुँच गई — यह सिर्फ राहत नहीं, एक रणनीतिक द्विपक्षीय साझेदारी का विस्तार है।

मुख्य बातें

अमेरिकी विदेश विभाग ने 12 सितंबर 2026 को नेपाल बाढ़ पीड़ितों की फोरेंसिक पहचान के लिए अतिरिक्त 10 लाख डॉलर मंजूर किए।
इस नई फंडिंग के साथ विदेश विभाग की कुल सहायता 50.5 लाख डॉलर (5.05 मिलियन डॉलर) हो गई है।
सहायता का सबसे बड़ा हिस्सा — 30 लाख डॉलर — वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के ज़रिए खाद्य और लॉजिस्टिक्स के लिए है।
एफबीआई के फोरेंसिक विशेषज्ञ और अमेरिकी सेना की चार सदस्यीय 'सिविल अफेयर्स टीम' नेपाल पुलिस के साथ ज़मीन पर काम कर रही है।
अमेरिकी सेना ने अलग से 5,000 राहत सामग्री , 500 फर्स्ट-एड किट , स्ट्रेचर और उपकरण भी भेजे हैं।
फोरेंसिक सहायता में डीएनए एनालिसिस किट शामिल हैं, ताकि मृतकों की पहचान हो सके और परिजनों को जवाब मिल सके।

अमेरिकी विदेश विभाग ने 12 सितंबर 2026 को नेपाल में बाढ़ पीड़ितों की फोरेंसिक पहचान के लिए अतिरिक्त 10 लाख डॉलर (1 मिलियन डॉलर) की मंजूरी दी है, जिससे इस आपदा के लिए विदेश विभाग की कुल सहायता 50.5 लाख डॉलर (5.05 मिलियन डॉलर) से अधिक हो गई है। अमेरिकी फोरेंसिक विशेषज्ञ और एफबीआई के दल नेपाल पुलिस के साथ मिलकर मृतकों की पहचान का कार्य कर रहे हैं।

नई फंडिंग का उद्देश्य और स्रोत

विदेश विभाग के 'ब्यूरो ऑफ इंटरनेशनल नारकोटिक्स एंड लॉ एनफोर्समेंट अफेयर्स' ने इस राशि को पीड़ितों की पहचान में नेपाल सरकार की सहायता करने के उद्देश्य से स्वीकृत किया है। अमेरिकी अधिकारी नेपाल पुलिस के साथ मिलकर सबसे ज़रूरी आवश्यकताओं का आकलन कर रहे हैं, जिनमें डीएनए एनालिसिस किट भी शामिल हैं। यह फोरेंसिक सहायता पहले से दी जा रही खाद्य, आश्रय, स्वास्थ्य और राहत से जुड़ी फंडिंग के अतिरिक्त है।

कुल अमेरिकी सहायता का ब्यौरा

विदेश विभाग की सहायता का सबसे बड़ा हिस्सा 30 लाख डॉलर (3 मिलियन डॉलर) है, जो वर्ल्ड फूड प्रोग्राम के साथ वैश्विक सहायता समझौते के ज़रिए खाद्य सामग्री और लॉजिस्टिक्स के लिए आवंटित किया गया है। इसके अलावा, झपीगो, एफएचआई-360 और यूनिसेफ के माध्यम से स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल, स्वच्छता और साफ-सफाई से संबंधित सहायता के लिए 3,65,000 डॉलर दिए जा रहे हैं। नई फोरेंसिक फंडिंग को मिलाकर विदेश विभाग द्वारा आवंटित कुल राशि 50.5 लाख डॉलर हो जाती है।

अमेरिकी सेना और एफबीआई की भूमिका

अमेरिकी सेना ने अलग से 5,000 विशेष राहत सामग्री, 500 फर्स्ट-एड किट, स्ट्रेचर और फ्रंट-एंड लोडर आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचाए हैं। अमेरिकी सेना की चार सदस्यीय 'सिविल अफेयर्स टीम' भी नेपाल में तैनात है, जो संकट के बाद की मानवीय ज़रूरतों को पूरा करने के लिए विदेशी मानवीय, आपदा और नागरिक सहायता परियोजनाएँ संचालित कर रही है। एफबीआई के फोरेंसिक विशेषज्ञ मृतकों की पहचान करने और अमेरिकी नागरिकों सहित अन्य पीड़ितों के परिवारों के सवालों का जवाब देने में नेपाल पुलिस की मदद कर रहे हैं।

अमेरिका-नेपाल संबंध और प्राथमिकताएँ

विदेश विभाग ने प्रभावित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए और नेपाल के साथ अमेरिकी मित्रता को दोहराते हुए स्पष्ट किया कि 'प्रभावित क्षेत्र में अमेरिकी नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।' विभाग ने इस अभियान को तेज़ी से बदलते हालात वाला ऑपरेशन बताया और कहा कि वे स्थानीय सहयोगियों के साथ मिलकर बदलती परिस्थितियों के अनुरूप कार्य कर रहे हैं। विभाग ने यह भी कहा कि अमेरिका नेपाल सरकार के साथ मिलकर नेपाल की ज़रूरतों को सीधे पूरा करने के लिए अतिरिक्त सहायता पहुँचाने को तैयार है।

आगे की राह

यह सहायता ऐसे समय में आई है जब नेपाल में बाढ़ से प्रभावित समुदायों में खोज, बचाव और राहत कार्य अभी भी जारी हैं। गौरतलब है कि नेपाल हर साल मानसून बाढ़ से गंभीर रूप से प्रभावित होता है, और इस बार की तबाही ने पीड़ितों की पहचान की चुनौती को केंद्र में ला दिया है। अमेरिका का यह बहु-स्तरीय सहायता ढाँचा — आपातकालीन राहत से लेकर फोरेंसिक समर्थन तक — दोनों देशों के बीच बढ़ते मानवीय सहयोग का संकेत देता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि कूटनीतिक रूप से भी मजबूत कर रहा है। लेकिन यह सवाल उठता है कि डीएनए किट और फोरेंसिक विशेषज्ञों की यह तैनाती किस स्तर की तबाही का संकेत है, और क्या नेपाल सरकार की अपनी आपदा-प्रतिक्रिया क्षमता इस स्तर की चुनौती के लिए पर्याप्त है। गौरतलब है कि दक्षिण एशिया में अमेरिकी मानवीय सहायता अक्सर दीर्घकालिक रणनीतिक साझेदारी की नींव रखती है। कुल मिलाकर, यह ऑपरेशन राहत से कहीं आगे जाकर अमेरिका-नेपाल संबंधों के एक नए अध्याय की शुरुआत हो सकता है।
RashtraPress
13 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिका ने नेपाल बाढ़ के लिए कितनी कुल सहायता दी है?
अमेरिकी विदेश विभाग ने नेपाल बाढ़ राहत के लिए कुल 50.5 लाख डॉलर (5.05 मिलियन डॉलर) आवंटित किए हैं। इसमें नवीनतम 10 लाख डॉलर की फोरेंसिक सहायता भी शामिल है, जो 12 सितंबर 2026 को मंजूर की गई।
नेपाल में अमेरिकी फोरेंसिक सहायता का उद्देश्य क्या है?
इस सहायता का मकसद बाढ़ में मारे गए लोगों की डीएनए एनालिसिस और अन्य फोरेंसिक तकनीकों के ज़रिए पहचान करना है। एफबीआई के विशेषज्ञ नेपाल पुलिस के साथ मिलकर मृतकों की पहचान करेंगे और अमेरिकी नागरिकों सहित अन्य पीड़ितों के परिवारों के सवालों का जवाब देंगे।
अमेरिकी सहायता में कौन-कौन सी संस्थाएँ शामिल हैं?
अमेरिकी सहायता वर्ल्ड फूड प्रोग्राम, झपीगो, एफएचआई-360 और यूनिसेफ जैसी संस्थाओं के ज़रिए दी जा रही है। इसके अलावा एफबीआई के फोरेंसिक विशेषज्ञ और अमेरिकी सेना की 'सिविल अफेयर्स टीम' भी ज़मीन पर काम कर रही है।
अमेरिकी सेना ने नेपाल को क्या राहत सामग्री भेजी है?
अमेरिकी सेना ने 5,000 विशेष राहत सामग्री, 500 फर्स्ट-एड किट, स्ट्रेचर और फ्रंट-एंड लोडर नेपाल भेजे हैं। यह सामग्री नेपाल के नेतृत्व में चलाए जा रहे खोज, बचाव और राहत कार्यों में सहयोग कर रही है।
क्या अमेरिका आगे और सहायता देने की योजना बना रहा है?
विदेश विभाग ने संकेत दिया है कि वे बदलती परिस्थितियों के अनुसार नेपाल सरकार के साथ मिलकर अतिरिक्त सहायता पहुँचाने को तैयार हैं। विभाग ने इसे 'तेज़ी से बदलते हालात वाला ऑपरेशन' बताया है, जो ज़रूरत के अनुसार विस्तारित हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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