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ईरान के खतरों के विरुद्ध अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने UAE, थाईलैंड और फिलीपींस का दौरा किया

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ईरान के खतरों के विरुद्ध अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने UAE, थाईलैंड और फिलीपींस का दौरा किया

सारांश

अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने UAE, थाईलैंड और फिलीपींस का दौरा कर ईरान के बढ़ते खतरों के विरुद्ध सहयोगियों को एकजुट किया। HPSCI सदस्य जोश गॉटहाइमर ने स्पष्ट किया — ईरान पड़ोसियों को धमकाना जारी नहीं रख सकता। AI, ऊर्जा और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी अहम चर्चा हुई।

मुख्य बातें

कांग्रेसी जोश गॉटहाइमर के नेतृत्व में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने UAE, थाईलैंड और फिलीपींस का दौरा किया।
अबू धाबी में शेख तहनून बिन जायद और शेख अब्दुल्ला बिन जायद से उच्चस्तरीय बैठक हुई।
ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बावजूद UAE की दृढ़ता और अब्राहम समझौते के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना की गई।
वार्ता में AI, ऊर्जा सुरक्षा , यहूदी-विरोध और उग्रवाद से मुकाबला प्रमुख विषय रहे।
हिंद-प्रशांत दौरे में चीन, उत्तर कोरिया और ईरान के अस्थिरकारी प्रभाव का मुकाबला करने पर जोर दिया गया।

अमेरिकी कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने हाल ही में संयुक्त अरब अमीरात (UAE), थाईलैंड और फिलीपींस की यात्रा की, जिसका मुख्य उद्देश्य सुरक्षा संबंधों को सुदृढ़ करना और यह स्पष्ट संदेश देना था कि ईरान को अपने पड़ोसी देशों को धमकाना बंद करना होगा। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व हाउस परमानेंट सेलेक्ट कमेटी ऑन इंटेलिजेंस (HPSCI) के सदस्य कांग्रेसी जोश गॉटहाइमर ने किया।

UAE में उच्चस्तरीय बैठकें

अबू धाबी में गॉटहाइमर ने UAE के उप शासक एवं राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार शेख तहनून बिन जायद अल नाहयान और उप प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री शेख अब्दुल्ला बिन जायद अल नाहयान से मुलाकात की। इन वार्ताओं में ईरान के साथ जारी तनाव, क्षेत्रीय सुरक्षा, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और ऊर्जा सुरक्षा सहयोग केंद्र में रहे।

यात्रा के बाद गॉटहाइमर ने कहा, 'संयुक्त राज्य अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात घनिष्ठ साझेदार हैं और मैं इस पूरी यात्रा के दौरान हमारे मेजबानों द्वारा दिखाए गए स्नेह के लिए आभारी हूँ।' उन्होंने ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों के बावजूद UAE की दृढ़ता की सराहना की।

ईरान पर साझा रुख

गॉटहाइमर ने UAE की प्रतिक्रिया को रेखांकित करते हुए कहा, 'संयुक्त अरब अमीरात ने अमीराती शहरों पर ईरान के निरंतर मिसाइल और ड्रोन हमलों के दौरान दृढ़ता से डटकर सामना किया है और अब्राहम समझौते की स्थायी शक्ति का प्रदर्शन करते हुए इजरायल के साथ पहले से कहीं अधिक गहरी साझेदारी में शामिल हुआ है। हम इस बात से पूरी तरह सहमत हैं कि ईरान अपने पड़ोसियों को धमकाना जारी नहीं रख सकता।' दोनों पक्षों ने बढ़ते यहूदी-विरोध और उग्रवाद से लड़ने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

AI और ऊर्जा सहयोग पर जोर

वार्ता में उभरती प्रौद्योगिकियों और ऊर्जा के क्षेत्र में वाशिंगटन और अबू धाबी के बीच बढ़ते सहयोग को विशेष महत्व दिया गया। गॉटहाइमर ने कहा, 'एआई और ऊर्जा सहयोग पर भी हमारी सार्थक चर्चा हुई, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि हमारे दोनों समाज मिलकर क्या-क्या कर सकते हैं। हम एक ऐसी साझेदारी का निर्माण कर रहे हैं जो एआई और ऊर्जा नवाचार के भविष्य को परिभाषित करेगी।'

हिंद-प्रशांत में सुरक्षा सहयोग

UAE के बाद प्रतिनिधिमंडल थाईलैंड और फिलीपींस पहुँचा, जहाँ वरिष्ठ अधिकारियों के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग पर विस्तृत चर्चा हुई। गॉटहाइमर के अनुसार, इन वार्ताओं का केंद्र क्षेत्रीय स्थिरता को मजबूत करना और 'चीन, उत्तर कोरिया और ईरान सहित दुनिया भर के बुरे तत्वों' के अस्थिरकारी प्रभाव का मुकाबला करना था।

गौरतलब है कि यह यात्रा ऐसे समय में हुई जब वाशिंगटन एक साथ मध्य पूर्व और हिंद-प्रशांत दोनों क्षेत्रों में सुरक्षा चुनौतियों का सामना कर रहा है। UAE अब्राहम समझौते का एक प्रमुख हस्ताक्षरकर्ता है, जिसने इजरायल और कई अरब देशों के बीच संबंधों को सामान्य बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।

आगे क्या

गॉटहाइमर HPSCI के सदस्य होने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी और साइबर उपसमिति के वरिष्ठ सदस्य भी हैं। इस दौरे के नतीजे अमेरिका की बहु-क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीति को और आकार दे सकते हैं, खासकर ईरान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रमों पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बनाने के संदर्भ में।

संपादकीय दृष्टिकोण

थाईलैंड और फिलीपींस को एक ही दौरे में मध्य पूर्व एजेंडे के साथ जोड़ना यह भी संकेत देता है कि अमेरिका 'चीन-ईरान-उत्तर कोरिया' को एक समन्वित खतरे के रूप में पेश करने की कोशिश में है — एक ऐसी फ्रेमिंग जिसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देश हमेशा उसी नजरिए से नहीं देखते।
RashtraPress
18 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमेरिकी कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने इस दौरे में किन देशों की यात्रा की?
प्रतिनिधिमंडल ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE), थाईलैंड और फिलीपींस की यात्रा की। इसका उद्देश्य सुरक्षा संबंधों को मजबूत करना और ईरान के खतरों के विरुद्ध साझेदारों को एकजुट करना था।
कांग्रेसी जोश गॉटहाइमर कौन हैं और इस दौरे में उनकी भूमिका क्या रही?
जोश गॉटहाइमर अमेरिकी हाउस परमानेंट सेलेक्ट कमेटी ऑन इंटेलिजेंस (HPSCI) के सदस्य और राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसी व साइबर उपसमिति के वरिष्ठ सदस्य हैं। उन्होंने इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया और UAE के शीर्ष नेताओं से सीधी बातचीत की।
UAE दौरे में ईरान पर क्या संदेश दिया गया?
गॉटहाइमर ने स्पष्ट किया कि ईरान अपने पड़ोसियों को मिसाइल और ड्रोन हमलों से धमकाना जारी नहीं रख सकता। UAE और अमेरिका दोनों ने इस रुख पर सहमति जताई और ईरान के खिलाफ साझा प्रतिबद्धता दोहराई।
इस दौरे में AI और ऊर्जा सहयोग पर क्या चर्चा हुई?
वाशिंगटन और अबू धाबी के बीच AI और ऊर्जा नवाचार में बढ़ते सहयोग पर सार्थक चर्चा हुई। गॉटहाइमर के अनुसार, दोनों देश मिलकर एक ऐसी साझेदारी बना रहे हैं जो भविष्य की AI और ऊर्जा प्रौद्योगिकी को परिभाषित करेगी।
अब्राहम समझौता क्या है और UAE की इसमें क्या भूमिका है?
अब्राहम समझौते अमेरिका की मध्यस्थता से हुए वे ऐतिहासिक समझौते हैं जिन्होंने इजरायल और कई अरब देशों — जिनमें UAE प्रमुख है — के बीच राजनयिक संबंधों को सामान्य बनाया। UAE इस समझौते का एक प्रमुख हस्ताक्षरकर्ता है और तब से इजरायल के साथ उसकी साझेदारी लगातार गहरी होती जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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