अमेरिका में बिजली संकट: ट्रंप प्रशासन ने धारा 202(सी) लागू की, 6.5 करोड़ लोगों को राहत
सारांश
मुख्य बातें
ट्रंप प्रशासन ने 20 अगस्त 2026 को अमेरिका के मिड-अटलांटिक क्षेत्र में संभावित बिजली संकट को टालने के लिए फेडरल पावर एक्ट की धारा 202(सी) के तहत आपातकालीन संघीय अधिकार का इस्तेमाल किया। यह क्षेत्र 13 राज्यों और वाशिंगटन डीसी में लगभग 6.5 करोड़ लोगों को बिजली आपूर्ति करता है। यह आदेश ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी बिजली ग्रिड पर दबाव ऐतिहासिक ऊँचाई पर है।
आपात आदेश का विवरण
ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने बुधवार को स्थानीय समय के अनुसार यह आदेश जारी किया। इसके तहत मैरीलैंड के एनी अरुंडेल काउंटी में स्थित वागनर जनरेटिंग स्टेशन की यूनिट 4 को निर्धारित सीमा से अधिक संचालित करने की अनुमति दी गई है। पीजेएम इंटरकनेक्शन, टैलन एनर्जी कॉरपोरेशन के साथ मिलकर इस यूनिट का संचालन करेगा।
पीजेएम मिड-अटलांटिक क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का समन्वय करने वाली क्षेत्रीय ट्रांसमिशन संस्था है। संस्था ने स्वयं संघीय हस्तक्षेप की माँग की थी, क्योंकि उसे अधिक माँग वाले समय में इस यूनिट की आवश्यकता पड़ने की आशंका थी।
ऊर्जा मंत्री की प्रतिक्रिया
राइट ने कहा, '6.5 करोड़ अमेरिकियों के लिए बिजली की कमी बिल्कुल भी स्वीकार्य नहीं है।' उन्होंने आगे कहा, 'मिड-अटलांटिक क्षेत्र में पहले के आदेशों से लाइटें चालू रखने में मदद मिली है और मुझे भरोसा है कि यह आदेश आने वाले महीनों में भी ऐसा ही करेगा।'
राइट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह आदेश ग्रिड की विश्वसनीयता बढ़ाने की तत्काल आवश्यकता को अस्थायी रूप से पूरा करेगा और मिड-अटलांटिक क्षेत्र के नागरिकों को मौसम की परवाह किए बिना 'सस्ती, भरोसेमंद और सुरक्षित बिजली' सुनिश्चित करेगा।
आदेश की समय-सीमा और उद्देश्य
ऊर्जा विभाग के अनुसार यह आपात आदेश 20 अगस्त से 17 नवंबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। इसका मूल उद्देश्य ग्रिड को मज़बूत करना और बिजली की कमी के जोखिम को कम करना है। गौरतलब है कि यह पहला ऐसा आदेश नहीं है — इससे पहले भी इसी क्षेत्र में इसी प्रावधान के तहत आदेश जारी किए जा चुके हैं।
बिजली संकट की जड़ें
अमेरिका के बिजली नेटवर्क पर दबाव कई कारणों से बढ़ रहा है — चरम मौसमी घटनाएँ, पुराने पावर प्लांटों का बंद होना, और डेटा सेंटर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) प्रणालियों तथा मैन्युफैक्चरिंग संयंत्रों की बिजली माँग में तीव्र वृद्धि। मिड-अटलांटिक क्षेत्र, विशेषकर उत्तरी वर्जीनिया, इंटरनेट और क्लाउड-कंप्यूटिंग ट्रैफिक को संसाधित करने वाली सुविधाओं का एक प्रमुख वैश्विक केंद्र बन चुका है।
AI के विस्तार के साथ तकनीकी कंपनियाँ नए डेटा सेंटरों में अरबों डॉलर निवेश कर रही हैं, जिन्हें कंप्यूटिंग उपकरणों और कूलिंग सिस्टम के लिए निर्बाध और भारी बिजली आपूर्ति की आवश्यकता होती है। इससे संघीय और राज्य अधिकारियों के सामने यह गंभीर प्रश्न खड़ा हो गया है कि क्या मौजूदा बिजली उत्पादन और ट्रांसमिशन ढाँचा नियोजित विकास की गति से तालमेल बिठा पाएगा।
कानूनी आधार और आगे की राह
फेडरल पावर एक्ट की धारा 202(सी) ऊर्जा मंत्री को आपात स्थिति में अस्थायी बिजली उत्पादन या ट्रांसमिशन के निर्देश देने का विशेष अधिकार देती है। ऐसे आदेश तब जारी किए जाते हैं जब अधिकारी यह मानते हैं कि आपूर्ति की कमी या ग्रिड की अविश्वसनीयता उपभोक्ताओं के लिए गंभीर खतरा बन सकती है। आने वाले महीनों में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि क्या यह अस्थायी उपाय दीर्घकालिक ग्रिड सुधारों की नींव रख पाता है।