ईरान युद्ध पर अमेरिका का $37.5 अरब खर्च, पेंटागन ने सीनेट से माँगे $87.6 अरब
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 22 जुलाई 2026 को सीनेट एप्रोप्रिएशन कमेटी को बताया कि ईरान के साथ जारी युद्ध में अब तक अनुमानित 37.5 अरब डॉलर का खर्च आ चुका है। यह खुलासा तब हुआ जब ट्रंप प्रशासन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर से भड़की लड़ाई के बीच 87.6 अरब डॉलर की आपातकालीन फंडिंग की माँग रखी।
युद्ध की लागत और फंडिंग की माँग
हेगसेथ ने डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड डर्बिन के सवालों के जवाब में स्पष्ट किया कि 37.5 अरब डॉलर के अनुमान में अब तक हुए वास्तविक खर्च के साथ-साथ 30 सितंबर तक सेना के वेतन, ऑपरेशन और रखरखाव के संभावित खर्च भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'आज हमारे पास जो अनुमान है, वह 37.5 अरब डॉलर है।'
माँगे गए 87.6 अरब डॉलर में से लगभग 67 अरब डॉलर सेना के लिए निर्धारित हैं। इसमें 21 अरब डॉलर सेना की तैयारी — वेतन, उपकरण प्रतिस्थापन, अग्रिम मोर्चे पर तैनात सेना, ईंधन और नेशनल गार्ड सहयोग — के लिए रखे गए हैं। शेष 46 अरब डॉलर गोला-बारूद उत्पादन बढ़ाने तथा हाइपरसोनिक हथियारों, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और सैटेलाइट क्षमताओं में निवेश के लिए प्रस्तावित हैं।
कांग्रेस को मंजूरी न मिलने का खतरा
हेगसेथ ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस अतिरिक्त फंड को मंजूरी नहीं देती, तो ट्रेनिंग अभ्यासों में कटौती करनी पड़ सकती है। उनके अनुसार सेना पहले से ही वर्षों से लंबित रखरखाव और हथियारों के घटते स्टॉक जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।
उन्होंने कहा, 'इन फंड के बिना, हमें गंभीर कमियों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे सर्विस मेंबर्स को वेतन देने, उपकरण और गोला-बारूद की त्वरित भरपाई करने और बिना किसी रुकावट के जरूरी ऑपरेशन जारी रखने की हमारी क्षमता पर खतरा पैदा हो सकता है।'
डेमोक्रेट्स के तीखे सवाल
डेमोक्रेटिक सांसदों ने पेंटागन की माँग पर कड़े सवाल उठाए। उनका तर्क था कि पहले के खर्च पैकेज से अभी भी लगभग 75 अरब डॉलर का अप्रयुक्त फंड उपलब्ध है, तो नई माँग की जरूरत क्यों है। सीनेटर पैटी मरे ने बताया कि प्रस्तावित सप्लीमेंटल फंड में यूएस सदर्न कमांड के लिए लगभग 1 अरब डॉलर, वॉशिंगटन में नेशनल गार्ड की तैनाती जारी रखने के लिए लगभग 1 अरब डॉलर और दक्षिणी सीमा पर ऑपरेशन के लिए 1 अरब डॉलर से अधिक शामिल हैं।
मरे ने कहा, 'अमेरिकी जनता इस युद्ध का जल्द और रणनीतिक अंत चाहती है, न कि अपने टैक्स के 70 अरब डॉलर इसे जारी रखने में खर्च होते देखना।'
वॉर पावर्स और संवैधानिक विवाद
सुनवाई में सैन्य अभियान जारी रखने के प्रशासन के कानूनी अधिकार को लेकर भी तीखे मतभेद उभरे। रिपब्लिकन सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की ने स्मरण दिलाया कि 'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन' के तहत राष्ट्रपति को सामान्यतः 60 दिनों के भीतर लड़ाई समाप्त करनी होती है, जब तक कि कांग्रेस की स्वीकृति न मिल जाए। हेगसेथ ने कहा कि प्रशासन का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास सभी आवश्यक संवैधानिक अधिकार हैं।
इस बीच, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने यह बताने से इनकार किया कि क्या अमेरिका जमीनी सेना तैनात करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने केवल इतना कहा कि सैन्य योजनाकार नियमित रूप से विभिन्न विकल्प तैयार करते हैं और उनके जोखिमों का आकलन करते हैं। यह संघर्ष ऐसे समय में गहराता जा रहा है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सीधा खतरा बना हुआ है।