22 जुलाई 2026
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ईरान युद्ध पर अमेरिका का $37.5 अरब खर्च, पेंटागन ने सीनेट से माँगे $87.6 अरब

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ईरान युद्ध पर अमेरिका का $37.5 अरब खर्च, पेंटागन ने सीनेट से माँगे $87.6 अरब

सारांश

ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिका अब तक $37.5 अरब खर्च कर चुका है — और पेंटागन ने $87.6 अरब की नई माँग रखी है। होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर भड़की लड़ाई, संवैधानिक अधिकार पर विवाद और डेमोक्रेट्स के तीखे सवाल — यह सुनवाई अमेरिकी युद्धनीति की सबसे बड़ी परीक्षा बन गई है।

मुख्य बातें

रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 22 जुलाई 2026 को सीनेट को बताया कि ईरान युद्ध पर अब तक अनुमानित $37.5 अरब खर्च हो चुके हैं।
ट्रंप प्रशासन ने $87.6 अरब की आपातकालीन फंडिंग माँगी है, जिसमें सेना के लिए $67 अरब शामिल हैं।
$46 अरब हाइपरसोनिक हथियारों, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और गोला-बारूद उत्पादन के लिए प्रस्तावित।
डेमोक्रेट्स ने सवाल उठाया — पहले के पैकेज से $75 अरब अप्रयुक्त होने के बावजूद नई माँग क्यों?
'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन' के तहत राष्ट्रपति को 60 दिनों में लड़ाई समाप्त करने का प्रावधान है, लेकिन प्रशासन ने संवैधानिक अधिकार का दावा किया।
जनरल डैन केन ने जमीनी सेना तैनाती की संभावना पर टिप्पणी करने से इनकार किया।

अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने 22 जुलाई 2026 को सीनेट एप्रोप्रिएशन कमेटी को बताया कि ईरान के साथ जारी युद्ध में अब तक अनुमानित 37.5 अरब डॉलर का खर्च आ चुका है। यह खुलासा तब हुआ जब ट्रंप प्रशासन ने होर्मुज जलडमरूमध्य में फिर से भड़की लड़ाई के बीच 87.6 अरब डॉलर की आपातकालीन फंडिंग की माँग रखी।

युद्ध की लागत और फंडिंग की माँग

हेगसेथ ने डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड डर्बिन के सवालों के जवाब में स्पष्ट किया कि 37.5 अरब डॉलर के अनुमान में अब तक हुए वास्तविक खर्च के साथ-साथ 30 सितंबर तक सेना के वेतन, ऑपरेशन और रखरखाव के संभावित खर्च भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'आज हमारे पास जो अनुमान है, वह 37.5 अरब डॉलर है।'

माँगे गए 87.6 अरब डॉलर में से लगभग 67 अरब डॉलर सेना के लिए निर्धारित हैं। इसमें 21 अरब डॉलर सेना की तैयारी — वेतन, उपकरण प्रतिस्थापन, अग्रिम मोर्चे पर तैनात सेना, ईंधन और नेशनल गार्ड सहयोग — के लिए रखे गए हैं। शेष 46 अरब डॉलर गोला-बारूद उत्पादन बढ़ाने तथा हाइपरसोनिक हथियारों, काउंटर-ड्रोन सिस्टम और सैटेलाइट क्षमताओं में निवेश के लिए प्रस्तावित हैं।

कांग्रेस को मंजूरी न मिलने का खतरा

हेगसेथ ने चेतावनी दी कि यदि कांग्रेस अतिरिक्त फंड को मंजूरी नहीं देती, तो ट्रेनिंग अभ्यासों में कटौती करनी पड़ सकती है। उनके अनुसार सेना पहले से ही वर्षों से लंबित रखरखाव और हथियारों के घटते स्टॉक जैसी चुनौतियों से जूझ रही है।

उन्होंने कहा, 'इन फंड के बिना, हमें गंभीर कमियों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे सर्विस मेंबर्स को वेतन देने, उपकरण और गोला-बारूद की त्वरित भरपाई करने और बिना किसी रुकावट के जरूरी ऑपरेशन जारी रखने की हमारी क्षमता पर खतरा पैदा हो सकता है।'

डेमोक्रेट्स के तीखे सवाल

डेमोक्रेटिक सांसदों ने पेंटागन की माँग पर कड़े सवाल उठाए। उनका तर्क था कि पहले के खर्च पैकेज से अभी भी लगभग 75 अरब डॉलर का अप्रयुक्त फंड उपलब्ध है, तो नई माँग की जरूरत क्यों है। सीनेटर पैटी मरे ने बताया कि प्रस्तावित सप्लीमेंटल फंड में यूएस सदर्न कमांड के लिए लगभग 1 अरब डॉलर, वॉशिंगटन में नेशनल गार्ड की तैनाती जारी रखने के लिए लगभग 1 अरब डॉलर और दक्षिणी सीमा पर ऑपरेशन के लिए 1 अरब डॉलर से अधिक शामिल हैं।

मरे ने कहा, 'अमेरिकी जनता इस युद्ध का जल्द और रणनीतिक अंत चाहती है, न कि अपने टैक्स के 70 अरब डॉलर इसे जारी रखने में खर्च होते देखना।'

वॉर पावर्स और संवैधानिक विवाद

सुनवाई में सैन्य अभियान जारी रखने के प्रशासन के कानूनी अधिकार को लेकर भी तीखे मतभेद उभरे। रिपब्लिकन सीनेटर लिसा मुर्कोव्स्की ने स्मरण दिलाया कि 'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन' के तहत राष्ट्रपति को सामान्यतः 60 दिनों के भीतर लड़ाई समाप्त करनी होती है, जब तक कि कांग्रेस की स्वीकृति न मिल जाए। हेगसेथ ने कहा कि प्रशासन का मानना है कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास सभी आवश्यक संवैधानिक अधिकार हैं।

इस बीच, जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने यह बताने से इनकार किया कि क्या अमेरिका जमीनी सेना तैनात करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने केवल इतना कहा कि सैन्य योजनाकार नियमित रूप से विभिन्न विकल्प तैयार करते हैं और उनके जोखिमों का आकलन करते हैं। यह संघर्ष ऐसे समय में गहराता जा रहा है जब होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए सीधा खतरा बना हुआ है।

संपादकीय दृष्टिकोण

वह वियतनाम और इराक के बाद की सबसे गंभीर कानूनी चुनौती बन सकती है। गौरतलब है कि $75 अरब के अप्रयुक्त फंड के बावजूद $87.6 अरब की नई माँग पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव जब तक बना रहेगा, वैश्विक तेल बाज़ार और भारत जैसे आयातक देश भी इस संघर्ष की आर्थिक छाया से अछूते नहीं रह सकते।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरान युद्ध में अमेरिका का अब तक कितना खर्च हुआ है?
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार ईरान के साथ जारी युद्ध में अब तक अनुमानित $37.5 अरब खर्च हो चुके हैं। इस अनुमान में वास्तविक खर्च के साथ-साथ 30 सितंबर तक के वेतन, ऑपरेशन और रखरखाव के संभावित खर्च शामिल हैं।
ट्रंप प्रशासन ने सीनेट से कितनी आपातकालीन फंडिंग माँगी है?
ट्रंप प्रशासन ने $87.6 अरब की आपातकालीन फंडिंग माँगी है, जिसमें सेना के लिए लगभग $67 अरब शामिल हैं। इसमें $21 अरब सेना की तैयारी और $46 अरब गोला-बारूद उत्पादन व हाइपरसोनिक हथियारों जैसी उन्नत क्षमताओं के लिए प्रस्तावित हैं।
डेमोक्रेट्स ने पेंटागन की फंडिंग माँग पर क्यों सवाल उठाए?
डेमोक्रेटिक सांसदों का तर्क है कि पहले के खर्च पैकेज से अभी भी लगभग $75 अरब का अप्रयुक्त फंड मौजूद है, इसलिए नई माँग की तत्काल जरूरत स्पष्ट नहीं है। सीनेटर पैटी मरे ने कहा कि अमेरिकी जनता युद्ध का जल्द अंत चाहती है, न कि अपने टैक्स के $70 अरब इसे जारी रखने में खर्च होते देखना।
वॉर पावर्स रेजोल्यूशन और ईरान युद्ध में इसका क्या महत्व है?
'वॉर पावर्स रेजोल्यूशन' के तहत अमेरिकी राष्ट्रपति को कांग्रेस की मंजूरी के बिना सामान्यतः 60 दिनों के भीतर सैन्य कार्रवाई समाप्त करनी होती है। ट्रंप प्रशासन का दावा है कि राष्ट्रपति के पास सभी आवश्यक संवैधानिक अधिकार हैं, लेकिन यह तर्क कांग्रेस में विवादास्पद बना हुआ है।
क्या अमेरिका ईरान में जमीनी सेना तैनात कर सकता है?
जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने इस संभावना पर सीधी टिप्पणी करने से इनकार किया। उन्होंने केवल इतना कहा कि सैन्य योजनाकार नियमित रूप से विभिन्न विकल्प तैयार करते हैं और उनके जोखिमों का आकलन करते हैं।
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