बमपूर गैरिसन पर अमेरिकी हमले में 7 ईरानी सैनिक शहीद, सेना ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
ईरानी सेना ने 15 जुलाई 2026 को पुष्टि की कि सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांत के इरानशहर इलाके में स्थित बमपूर बैरक पर अमेरिकी हमले में 388वीं ब्रिगेड के 7 सैन्यकर्मी मारे गए और कई अन्य घायल हुए। सेना ने इस हमले को 'कायरना' करार देते हुए कहा कि इसका 'निर्णायक जवाब उचित समय पर दिया जाएगा।'
हमले का विवरण
ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम के अनुसार, अमेरिका ने बमपूर बैरक पर 13 मिसाइलें दागीं। हमले में सैन्य अड्डे के गेस्टहाउस, सुरक्षा चौकियों और आवासीय फैसिलिटी को विशेष रूप से निशाना बनाया गया। ईरानी सेना ने दावा किया कि सैन्य अड्डे पर मौजूद 'सुरक्षा उपायों' के कारण हताहतों की संख्या को सीमित रखा जा सका।
सेना के बयान में कहा गया कि हमले का उद्देश्य केवल सैन्य ढाँचे को क्षति पहुँचाना नहीं, बल्कि 'अधिक से अधिक लोगों को हताहत करना' था — यह आरोप ईरान की ओर से लगाया गया है।
नागरिक हताहत और सरकारी प्रतिक्रिया
ईरानी सरकार की प्रवक्ता फातेमेह मोहाजेरानी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट करते हुए बताया कि पिछले कुछ दिनों में दक्षिणी ईरान पर हुए अमेरिकी हमलों में 30 से अधिक आम नागरिकों की मौत हुई है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए लिखा, 'हम शोक संतप्त परिवारों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त करते हैं और मारे गए लोगों की स्मृति का सम्मान करते हैं।'
मोहाजेरानी ने दक्षिणी ईरान को देश का 'धड़कता हुआ दिल' बताते हुए कहा कि सरकार 'पूरी ताकत के साथ जनता के साथ खड़ी रहेगी।' वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता होसैन केरमनपौर ने बताया कि ताज़ा हमलों में 260 से ज़्यादा लोग घायल हुए हैं।
बुशहर में भी हमले, जनहानि नहीं
बुशहर प्रांत के गवर्नर मोहम्मद मोजफ्फरी ने बताया कि अमेरिका ने पश्चिमी तटीय शहर में चार स्थानों पर हमला किया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, मंगलवार सुबह शहर में गिरे अमेरिकी प्रोजेक्टाइल से कोई जनहानि नहीं हुई।
गवर्नर ने कहा, 'बचाव एजेंसियाँ अभी सतर्क हैं और शहर में स्थिति सामान्य बनी हुई है।' गौरतलब है कि बुशहर ईरान का एक रणनीतिक तटीय क्षेत्र है, जहाँ महत्वपूर्ण औद्योगिक और ऊर्जा प्रतिष्ठान स्थित हैं।
व्यापक संदर्भ और क्षेत्रीय तनाव
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब मध्य-पूर्व में अमेरिका-ईरान तनाव अपने चरम पर है। सिस्तान-बलूचिस्तान ईरान का एक सुदूर और संवेदनशील प्रांत है, जो पाकिस्तान और अफगानिस्तान की सीमा से लगता है। आलोचकों का कहना है कि आवासीय और गेस्टहाउस सुविधाओं को निशाना बनाना अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून के तहत जाँच का विषय बन सकता है।
आगे की स्थिति
ईरानी सेना की जवाबी कार्रवाई की चेतावनी के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका है। प्रशासन ने बुशहर में आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट पर रखा है और हालात पर निगरानी जारी है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की प्रतिक्रिया और संभावित कूटनीतिक पहल पर सभी की नज़रें टिकी हैं।