बहरीन पर ईरानी मिसाइल-ड्रोन हमले, सेना ने बताया 'क्रूर'; 22 ठिकानों पर आईआरजीसी का दावा
सारांश
मुख्य बातें
बहरीन की सशस्त्र सेना ने 10 जून 2026 को ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों को 'क्रूर' करार दिया, जब इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) ने दावा किया कि उसने जॉर्डन, बहरीन समेत कुल 22 अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी हमले किए। यह कार्रवाई दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी सैन्य हमलों के प्रतिउत्तर में की गई बताई जा रही है।
मुख्य घटनाक्रम
बहरीन सशस्त्र बलों ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जारी आधिकारिक बयान में कहा कि उनकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई ईरानी हवाई हमलों को सफलतापूर्वक रोककर नष्ट कर दिया। सेना ने यह भी स्पष्ट किया कि ईरान 'लगातार अपनी शत्रुतापूर्ण नीति को आगे बढ़ा रहा है' और जानबूझकर मिसाइलों व ड्रोन के ज़रिए नागरिकों को निशाना बना रहा है, जो अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन है।
इससे पहले बहरीन के गृह मंत्रालय ने पुष्टि की कि पूरे देश में चेतावनी सायरन सक्रिय किए गए। आईआरजीसी ने विशेष रूप से दावा किया कि उसने बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के पाँचवें बेड़े को निशाना बनाया।
सेना की तैयारी और नागरिकों को अपील
बहरीन सेना ने बयान में कहा कि देश की सभी सैन्य इकाइयाँ पूरी तरह सतर्क हैं और उच्चतम स्तर की तैयारी में हैं, ताकि राज्य की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। सेना ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु के पास न जाएँ — विशेषकर उन अवशेषों के पास जो हमलों के बाद ज़मीन पर गिर सकते हैं — और ऐसी किसी भी वस्तु की तुरंत सूचना अधिकारियों को दें।
ईरान की कूटनीतिक सक्रियता
बदलते घटनाक्रम के बीच बुधवार को ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने सऊदी अरब और तुर्की के विदेश मंत्रियों से अलग-अलग फोन पर बातचीत की। सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, इन वार्ताओं में दक्षिणी ईरान पर अमेरिकी हमलों के बाद उत्पन्न क्षेत्रीय हालात पर चर्चा हुई।
अराघची ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की कड़ी निंदा करते हुए इसे ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया। उन्होंने दोहराया कि ईरान को आत्मरक्षा का अधिकार है और उसकी सेना हमलों का जवाब दे रही है।
क्षेत्रीय संदर्भ और आगे की स्थिति
यह ऐसे समय में आया है जब खाड़ी क्षेत्र में तनाव अपने उच्चतम स्तर पर है। बहरीन में अमेरिकी नौसेना का पाँचवाँ बेड़ा स्थायी रूप से तैनात है, जो इसे ईरान के लिए एक सांकेतिक और सामरिक निशाना बनाता है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब ईरान ने खाड़ी में अमेरिकी सैन्य उपस्थिति को निशाना बनाने का दावा किया हो, लेकिन 22 ठिकानों पर एक साथ हमले का दावा इस संघर्ष की व्यापकता को रेखांकित करता है। स्थिति अभी भी तेज़ी से बदल रही है और आने वाले घंटों में और जानकारी सामने आने की संभावना है।