अमेरिका-प्रशांत देशों का ड्रग कार्टेल और साइबर ठगों पर बड़ा प्रहार, $44 मिलियन की सुरक्षा सहायता घोषित
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिका और प्रशांत महासागर के द्वीपीय देशों ने 27 अक्टूबर 2026 को अंतरराष्ट्रीय ड्रग कार्टेल, ऑनलाइन ठगी नेटवर्क और क्रिप्टोकरेंसी-आधारित मनी लॉन्ड्रिंग के विरुद्ध संयुक्त मोर्चा खोलने की घोषणा की। अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा जारी संयुक्त बयान के अनुसार, वाशिंगटन ने क्षेत्रीय कानून-व्यवस्था और समुद्री सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए 44 मिलियन डॉलर से अधिक की सहायता देने का वचन दिया है। यह समझौता 21 और 22 अक्टूबर को लॉस एंजिलिस में संपन्न हुए पहले अमेरिका-प्रशांत द्वीप पुलिस मंत्रियों के सम्मेलन के ठीक बाद सामने आया है।
सम्मेलन का घटनाक्रम और भागीदार देश
लॉस एंजिलिस में आयोजित इस ऐतिहासिक सम्मेलन की संयुक्त मेजबानी अमेरिका और पलाऊ ने की। इसकी सह-अध्यक्षता अमेरिकी कोस्ट गार्ड के कमांडेंट एडमिरल केविन लुंडे और पलाऊ की न्याय मंत्री जेनिफर ओलेगेरिल ने की। सम्मेलन में प्रशांत द्वीपीय देशों के अतिरिक्त ऑस्ट्रेलिया, न्यूज़ीलैंड, फ्रांस, फिलीपींस और इक्वाडोर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी तथा अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। गौरतलब है कि यह इस प्रारूप में आयोजित अपनी तरह का पहला उच्चस्तरीय पुलिस मंत्रिस्तरीय सम्मेलन था।
साइबर अपराध और मनी लॉन्ड्रिंग पर केंद्रित पहल
संयुक्त बयान में स्पष्ट किया गया कि ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह अब विशाल आपराधिक कारोबार का रूप ले चुके हैं। ये संगठन डिजिटल तकनीकों का दुरुपयोग कर लोगों को ठगते हैं और अवैध आय को अंतरराष्ट्रीय वित्तीय तंत्र के माध्यम से छुपाते हैं। बयान में यह भी कहा गया कि आपराधिक नेटवर्क क्रिप्टोकरेंसी लेनदेन, भूमिगत वित्तीय मार्गों और विभिन्न देशों की कानून-प्रवर्तन एजेंसियों की कमज़ोरियों का फायदा उठा रहे हैं।
इस खतरे से निपटने के लिए अमेरिका ने पैसिफिक एलायंस फॉर कॉम्बैटिंग इलिसिट फाइनेंस एंड साइबरक्राइम कार्यक्रम के तहत 50 लाख डॉलर आवंटित किए हैं। सभी भागीदार देशों ने अपने साइबर अपराध प्रकोष्ठों, वित्तीय खुफिया एजेंसियों और कानून-प्रवर्तन संस्थाओं की जाँच क्षमता बढ़ाने पर सहमति जताई।
ड्रग तस्करी और समुद्री सुरक्षा
संयुक्त बयान में मेथामफेटामिन, कोकीन और सिंथेटिक ड्रग्स की बढ़ती तस्करी पर गहरी चिंता व्यक्त की गई। तस्करी नेटवर्क कथित तौर पर 'सेमी-सबमर्सिबल वेसल्स' का इस्तेमाल कर रहे हैं और ऐसे मामलों की पहचान फिजी, मार्शल द्वीप तथा सोलोमन द्वीपों के निकटवर्ती समुद्री क्षेत्रों में भी हुई है। इस खतरे से निपटने के लिए अमेरिका ने रिपटाइड (RIPTIDE) — रीजनल इंटरडिक्शन पार्टनरशिप फॉर ट्रैफिकिंग इंटेलिजेंस, डिसरप्शन एंड एन्फोर्समेंट — कार्यक्रम हेतु 40 लाख डॉलर की सहायता घोषित की है। यह पहल इंटरपोल और विश्व सीमा शुल्क संगठन के सहयोग से संचालित होगी।
प्रशिक्षण केंद्र और आधुनिकीकरण
अमेरिका ने पलाऊ में एक क्षेत्रीय समुद्री कानून प्रवर्तन प्रशिक्षण एवं समन्वय केंद्र की स्थापना के लिए 70 लाख डॉलर देने का वादा किया है। इस केंद्र में जहाज़ों की तलाशी, साक्ष्य संकलन और समुद्री निगरानी का प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, क्षेत्रीय समुद्री जागरूकता नेटवर्क के लिए लगभग 55 लाख डॉलर की अतिरिक्त सहायता भी घोषित की गई है, जिससे निगरानी उपकरण, संचार प्रणाली और गश्ती जहाज़ों का आधुनिकीकरण किया जाएगा। FBI समर्थित एक अलग कार्यक्रम के अंतर्गत पुलिस जाँच क्षमता बढ़ाने हेतु 50 लाख डॉलर और निर्धारित किए गए हैं, जो ड्रग तस्करी, भ्रष्टाचार, मनी लॉन्ड्रिंग और साइबर अपराध जैसे मामलों पर केंद्रित होगा।
आगे की राह
भागीदार देशों ने स्पष्ट किया कि इन समस्त कार्यक्रमों को प्रत्येक देश की संप्रभुता का सम्मान करते हुए और उनके घरेलू कानूनों के अनुरूप लागू किया जाएगा। यह समझौता ऐसे समय में आया है जब प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती रणनीतिक उपस्थिति को लेकर अमेरिका अपनी साझेदारियाँ तेज़ी से विस्तारित कर रहा है। अब देखना होगा कि यह बहु-देशीय ढाँचा कितनी शीघ्रता और प्रभावशीलता से ज़मीनी स्तर पर परिणाम दे पाता है।