भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता में सोडा ऐश प्रतिबंध का मुद्दा उठाएगा ट्रंप प्रशासन
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने बुधवार, 22 जुलाई को सीनेट फाइनेंस कमेटी को बताया कि ट्रंप प्रशासन भारत सरकार के साथ अमेरिकी सोडा ऐश पर प्रस्तावित आयात प्रतिबंधों का मुद्दा सीधे द्विपक्षीय व्यापार वार्ता में उठाएगा। यह घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की 2026 ट्रेड पॉलिसी एजेंडा पर हुई सुनवाई के दौरान सामने आई।
मुद्दा कैसे उठा
वायोमिंग के सीनेटर जॉन बैरासो ने सुनवाई में कहा कि भारत के कुछ घरेलू निर्माताओं ने अपनी सरकार से अमेरिका से आयात होने वाले सोडा ऐश पर रोक या प्रतिबंध लगाने की माँग की है। बैरासो ने ज़ोर देकर कहा कि वायोमिंग में दुनिया का सबसे बड़ा ट्रोना का प्राकृतिक भंडार है, जिससे सोडा ऐश तैयार किया जाता है, और अमेरिकी कंपनियाँ वैश्विक स्तर पर किसी से भी बराबरी की प्रतिस्पर्धा करने में सक्षम हैं।
ग्रीर का आश्वासन
ग्रीर ने सीनेटर बैरासो की चिंताओं पर सीधा जवाब देते हुए कहा, 'भारत में मेरे समकक्ष अधिकारी के साथ मेरे अच्छे रिश्ते हैं और हम उनके व्यापार मंत्रालय के साथ मिलकर काम करते हैं।' उन्होंने स्पष्ट किया कि अगली बैठक में यह मुद्दा ज़रूर उठाया जाएगा और अमेरिका चाहता है कि भारत की व्यापार प्रक्रिया 'पूरी तरह निष्पक्ष हो, हमारे उत्पादकों के साथ न्याय हो और सही फैसला लिया जाए।'
व्यापक व्यापार वार्ता का हिस्सा
यह सुनवाई मुख्य रूप से ट्रंप प्रशासन की टैरिफ नीति, विभिन्न देशों के साथ व्यापार समझौतों और चीन पर अमेरिकी निर्भरता घटाने की रणनीति पर केंद्रित थी। बैठक में कनाडा, मैक्सिको, यूरोपीय संघ और एशिया के अन्य देशों के साथ चल रही व्यापार वार्ताओं पर भी चर्चा हुई। ग्रीर ने बताया कि प्रशासन अब तक 19 व्यापारिक ढाँचागत या पारस्परिक समझौते कर चुका है, जो वैश्विक जीडीपी के लगभग 32 प्रतिशत हिस्से को कवर करते हैं।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर असर
गौरतलब है कि भारत और अमेरिका के बीच व्यापक द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत पहले से जारी है। सोडा ऐश का यह मुद्दा उन कई क्षेत्रीय घर्षण बिंदुओं में से एक है जो इन वार्ताओं को जटिल बनाते हैं। यह ऐसे समय में उभरा है जब दोनों देश टैरिफ और बाज़ार पहुँच पर एक व्यापक सौदे की दिशा में काम कर रहे हैं। ग्रीर ने पुष्टि की कि भारतीय अधिकारियों के साथ उनका संपर्क नियमित बना हुआ है और दोनों पक्ष आपसी व्यापार बढ़ाने पर सहमत हैं।
आगे क्या होगा
ट्रंप प्रशासन के अनुसार, सोडा ऐश प्रतिबंध का मुद्दा भारत के साथ अगली उच्चस्तरीय बैठक में औपचारिक रूप से उठाया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत के घरेलू उद्योग की माँगों और अमेरिकी दबाव के बीच नई दिल्ली को एक संतुलित रुख अपनाना होगा, ताकि व्यापक द्विपक्षीय वार्ता प्रभावित न हो।