12 अगस्त 2026
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वीणा सीकरी की बांग्लादेश को दो-टूक: 'ताली दो हाथों से बजती है', युनूस के बदलाव पलटे तारिक सरकार

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वीणा सीकरी की बांग्लादेश को दो-टूक: 'ताली दो हाथों से बजती है', युनूस के बदलाव पलटे तारिक सरकार

सारांश

पूर्व राजदूत वीणा सीकरी का संदेश साफ है — दिनेश त्रिवेदी और तारिक रहमान की मुलाकात स्वागतयोग्य है, लेकिन 'ताली दो हाथों से बजती है।' युनूस के 18 महीनों में हुए आर्थिक नुकसान को पलटना होगा, और बांग्लादेश को भारत के निमंत्रणों पर गंभीरता दिखानी होगी।

मुख्य बातें

पूर्व उच्चायुक्त वीणा सीकरी ने 11 अगस्त को उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और पीएम तारिक रहमान की मुलाकात को सकारात्मक लेकिन विलंबित बताया — त्रिवेदी को ढाका पहुँचे दो महीने बाद पहली बार यह मुलाकात हुई।
मुहम्मद युनूस की 18 महीने की सरकार के आर्थिक फेरबदल से सैकड़ों महिलाओं की नौकरियाँ गईं, कई फैक्ट्रियाँ बंद हुईं।
सीकरी ने कहा — शेख हसीना स्वयं वापसी की इच्छुक हैं और मृत्युदंड के खिलाफ कानूनी अपील करना चाहती हैं।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर बॉर्डर फेंसिंग का काम अब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी द्वारा ज़मीन उपलब्ध कराने के बाद शुरू हुआ।
PM मोदी का भारत-यात्रा निमंत्रण और ब्रिक्स आउटरीच का न्योता — दोनों पर बांग्लादेश की ओर से अभी तक कोई पुष्टि नहीं।

बांग्लादेश में भारत की पूर्व उच्चायुक्त वीणा सीकरी ने 11 अगस्त 2026 को कहा कि उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी और बांग्लादेशी प्रधानमंत्री तारिक रहमान के बीच हुई मुलाकात दोनों देशों के संबंधों के लिए एक सकारात्मक शुरुआत है, लेकिन रिश्तों को मज़बूत करने की ज़िम्मेदारी केवल भारत की नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुहम्मद युनूस की 18 महीने की सरकार के दौरान किए गए आर्थिक फेरबदल से बांग्लादेश की जनता को भारी नुकसान हुआ, और अब तारिक रहमान सरकार को उन बदलावों को पुरानी स्थिति में लाना होगा।

मुलाकात का महत्व और देरी पर टिप्पणी

सीकरी ने कहा, 'यह बहुत अच्छी बात है कि हमारे उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी की मुलाकात पीएम तारिक रहमान से हुई है। उन्हें ढाका गए हुए लगभग दो महीने हो गए — यह मुलाकात पहली बार हो रही है। इसमें काफी वक्त लगा, लेकिन अच्छा है।' उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि चर्चा सकारात्मक रही। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देशों के बीच राजनयिक संवाद महीनों से सीमित रहा है।

शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर रुख

पूर्व राजदूत सीकरी ने शेख हसीना के प्रत्यर्पण की माँग को लेकर बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के बयान पर कहा कि शेख हसीना ने स्वयं कहा है कि वे बांग्लादेश वापस जाना चाहती हैं। उनके अनुसार, 'एक बार उन्होंने कह दिया कि वो वापस जाना चाहती हैं, तो फिर से प्रत्यर्पण की बात दोहराने का मतलब नहीं है।' सीकरी ने कहा कि हसीना उनके विरुद्ध सुनाए गए मृत्युदंड के खिलाफ अपील करना चाहती हैं और कानूनी प्रक्रिया में शामिल होना चाहती हैं — जो लोकतांत्रिक दृष्टि से उचित है।

युनूस सरकार के फेरबदल से आर्थिक नुकसान

सीकरी ने मुहम्मद युनूस के कार्यकाल की आलोचना करते हुए कहा कि उस दौर में किए गए बदलावों से बांग्लादेश की अर्थव्यवस्था कमज़ोर हुई। उन्होंने बताया कि कई फैक्ट्रियाँ बंद हो गईं और सैकड़ों महिलाओं की नौकरियाँ चली गईं जो अब तक वापस नहीं मिली हैं। उनके अनुसार, 'बांग्लादेश की आर्थिक स्थिति काफी कमज़ोर है।' उन्होंने तारिक रहमान सरकार से आग्रह किया कि वे इन बदलावों को पलटें ताकि द्विपक्षीय संबंध फिर से पटरी पर आ सकें।

सीमा सुरक्षा और सिलीगुड़ी कॉरिडोर

भारत-बांग्लादेश सीमा पर फेंसिंग के मुद्दे पर सीकरी ने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार के दौरान संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर क्षेत्र में फेंसिंग के लिए ज़रूरी ज़मीन नहीं दी गई थी। उन्होंने बताया कि अब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने सबसे पहले ज़मीन उपलब्ध कराई है और बॉर्डर पर फेंसिंग का काम जारी है, जो देश की सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक है।

निमंत्रण अनदेखे, संवाद की कमी चिंताजनक

सीकरी ने चिंता जताई कि बांग्लादेश ने अब तक व्यापार, जुड़ाव और सुरक्षा समेत किसी भी मुद्दे पर भारत के साथ संवाद में कोई ख़ास दिलचस्पी नहीं दिखाई है। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान को भारत आने का न्योता दिया था — जिसका आश्वासन मिला, लेकिन दौरा नहीं हुआ। इसके बाद भारत सरकार ने ब्रिक्स समिट के आउटरीच सत्र में शामिल होने का निमंत्रण दिया है, क्योंकि बांग्लादेश बिम्सटेक का चेयरमैन है। सीकरी ने हैरानी जताई कि राजदूत के साथ बैठक के बाद बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय के बयान में इस निमंत्रण का कोई उल्लेख नहीं था। आगे देखना होगा कि क्या बांग्लादेश ब्रिक्स आउटरीच सत्र में शिरकत करता है और इससे द्विपक्षीय संवाद को नई गति मिलती है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

वीणा सीकरी ने दिनेश त्रिवेदी और तारिक रहमान की मुलाकात पर क्या कहा?
पूर्व उच्चायुक्त वीणा सीकरी ने इस मुलाकात को सकारात्मक बताया, लेकिन कहा कि त्रिवेदी के ढाका पहुँचने के दो महीने बाद यह पहली मुलाकात हुई — जिसमें काफी वक्त लगा। उन्होंने भारतीय विदेश मंत्रालय के हवाले से बताया कि चर्चा सकारात्मक रही।
युनूस सरकार के फेरबदल से बांग्लादेश को क्या नुकसान हुआ?
सीकरी के अनुसार, मुहम्मद युनूस की 18 महीने की सरकार के दौरान किए गए आर्थिक बदलावों से कई फैक्ट्रियाँ बंद हो गईं और सैकड़ों महिलाओं की नौकरियाँ चली गईं जो अब तक वापस नहीं मिली हैं। उन्होंने बांग्लादेश की आर्थिक स्थिति को 'काफी कमज़ोर' बताया।
शेख हसीना के प्रत्यर्पण पर भारत का क्या रुख है?
वीणा सीकरी ने कहा कि शेख हसीना ने स्वयं बांग्लादेश वापस जाने की इच्छा जताई है और वे मृत्युदंड के खिलाफ कानूनी अपील करना चाहती हैं। उनके अनुसार, हसीना की वापसी का इंतजाम होना चाहिए और सारी प्रक्रिया लोकतांत्रिक तरीके से पूरी होनी चाहिए।
सिलीगुड़ी कॉरिडोर पर बॉर्डर फेंसिंग का मुद्दा क्या है?
सीकरी ने बताया कि ममता बनर्जी की सरकार के दौरान संवेदनशील सिलीगुड़ी कॉरिडोर क्षेत्र में फेंसिंग के लिए ज़रूरी ज़मीन नहीं दी गई थी। अब मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने ज़मीन उपलब्ध कराई है और बॉर्डर फेंसिंग का काम जारी है।
भारत ने बांग्लादेश को कौन-कौन से निमंत्रण दिए हैं और उनका क्या हुआ?
PM नरेंद्र मोदी ने तारिक रहमान के प्रधानमंत्री बनने पर उन्हें भारत आने का न्योता दिया था, जिसका आश्वासन मिला लेकिन दौरा नहीं हुआ। इसके बाद भारत ने बिम्सटेक चेयरमैन की भूमिका में ब्रिक्स समिट आउटरीच सत्र का निमंत्रण दिया — जिस पर भी बांग्लादेश की ओर से अभी तक कोई पुष्टि नहीं आई है।
राष्ट्र प्रेस
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