8 अगस्त 2026
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यमन ने यूएनएससी बयान का स्वागत किया, ईरानी विमानों की अनधिकृत लैंडिंग को संप्रभुता उल्लंघन बताया

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यमन ने यूएनएससी बयान का स्वागत किया, ईरानी विमानों की अनधिकृत लैंडिंग को संप्रभुता उल्लंघन बताया

सारांश

यमन के विदेश मंत्रालय ने यूएनएससी के उस बयान को 'सही रास्ता' बताया जिसमें ईरानी विमानों की अनधिकृत लैंडिंग को संप्रभुता उल्लंघन कहा गया। इसी बीच हूती हमलों में यमन के 58 सैनिक मारे गए और सऊदी के नजरान में 11 नागरिक घायल हुए — लाल सागर व्यापार मार्गों पर संकट गहराता जा रहा है।

मुख्य बातें

यमन के विदेश मंत्रालय ने यूएनएससी के उस बयान का स्वागत किया जिसमें सना और होदेइदाह हवाईअड्डों पर ईरानी विमानों की कथित अनधिकृत लैंडिंग को संप्रभुता उल्लंघन बताया गया।
हूती हमले में यमन सरकार के सैन्य ठिकानों पर 58 सैनिकों की मौत हुई, कई घायल हुए।
सऊदी अरब के नजरान में हूती हमले में 11 नागरिक घायल — 7 सऊदी, 1 यमनी, 2 मिस्री, 1 पाकिस्तानी।
यमन ने हूती विद्रोहियों तक हथियारों और सैन्य तकनीक की आपूर्ति तत्काल रोकने की माँग की।
लाल सागर में वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों से अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार को गंभीर खतरा।

यमन के विदेश मंत्रालय ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) के उस बयान का स्वागत किया है, जिसमें सना और होदेइदाह हवाईअड्डों पर ईरानी विमानों की कथित अनधिकृत लैंडिंग को यमन की 'संप्रभुता का उल्लंघन' करार दिया गया है। 8 अगस्त को जारी इस बयान में यूएनएससी ने ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब और वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए हमलों की भी कड़ी निंदा की।

यमन का रुख और सुरक्षा परिषद का समर्थन

यमनी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में कहा कि यूएनएससी का यह कदम सरकार के उस रुख को बल देता है कि राज्य संस्थाओं की बहाली और देश के समस्त हिस्सों में उनके अधिकार की स्थापना ही यमन में 'सही रास्ता' है। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि हूती विद्रोहियों के निरंतर हमलों और क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए उनसे उत्पन्न खतरों को देखते हुए सुरक्षा परिषद के संबंधित प्रस्तावों का प्रभावी क्रियान्वयन अनिवार्य है।

हथियारों की आपूर्ति रोकने की माँग

यमनी विदेश मंत्रालय ने हूती विद्रोहियों तक हथियारों, सैन्य तकनीक और सैन्य विशेषज्ञता की आपूर्ति पर तत्काल रोक लगाने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया। बयान में अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की गई कि वह यमन की सरकारी संस्थाओं को सशक्त बनाने और उनकी क्षमताओं में वृद्धि करने में सहयोग करे, ताकि देश की संप्रभुता के साथ-साथ उसके तटों, क्षेत्रीय जलक्षेत्र और अंतरराष्ट्रीय समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

हूती हमलों का विवरण

गुरुवार को ईरान-समर्थित हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब और यमन में एक साथ बड़े हमले किए। पहला हमला यमन सरकार के सैन्य ठिकानों पर हुआ, जिसमें 58 सैनिकों की मौत हो गई और अनेक घायल हुए। यमन के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि 'सही समय और सही जगह पर जवाब दिया जाएगा।'

दूसरा हमला सऊदी अरब के नजरान में हुआ, जिसमें 11 नागरिक घायल हुए — इनमें 7 सऊदी, 1 यमनी, 2 मिस्री और 1 पाकिस्तानी नागरिक शामिल थे। हमले के बाद नजरान के कई इलाकों में आग भड़क उठी।

समुद्री व्यापार पर व्यापक असर

यमन में वर्षों से जारी संघर्ष का प्रभाव देश की सीमाओं से कहीं आगे तक फैल चुका है। लाल सागर और आसपास के जलमार्गों में वाणिज्यिक जहाजों पर हूती हमलों ने वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। यह ऐसे समय में आया है जब अंतरराष्ट्रीय समुदाय यमन में स्थायी शांति की दिशा में प्रयास कर रहा है।

आगे की राह

यूएनएससी के इस बयान के बाद यमन सरकार अंतरराष्ट्रीय समर्थन को कूटनीतिक दबाव में बदलने की कोशिश करेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हूती विद्रोहियों को हथियारों की आपूर्ति नहीं रुकती और सुरक्षा परिषद के प्रस्तावों को ज़मीन पर लागू नहीं किया जाता, तब तक स्थायी स्थिरता की उम्मीद कम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन ज़मीनी हकीकत यह है कि सुरक्षा परिषद के पिछले प्रस्ताव भी हूती गतिविधियों पर लगाम लगाने में नाकाम रहे हैं। 58 सैनिकों की मौत और नजरान में नागरिक हताहत यह बताते हैं कि बयानबाज़ी और वास्तविक निरोध के बीच की खाई अभी पाटी नहीं गई। जब तक ईरान से हथियारों की आपूर्ति की श्रृंखला नहीं तोड़ी जाती, तब तक यूएनएससी के प्रस्ताव केवल कागज़ी दस्तावेज़ बने रहेंगे। लाल सागर व्यापार मार्गों पर बढ़ता खतरा अब इसे केवल यमन का आंतरिक संकट नहीं रहने देता — यह वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का मुद्दा बन चुका है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूएनएससी ने यमन की संप्रभुता के बारे में क्या कहा?
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने सना और होदेइदाह हवाईअड्डों पर ईरानी विमानों की कथित अनधिकृत लैंडिंग को यमन की संप्रभुता का उल्लंघन बताया। परिषद ने हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी अरब और वाणिज्यिक जहाजों पर किए गए हमलों की भी निंदा की।
हूती हमलों में कितने लोग हताहत हुए?
यमन सरकार के सैन्य ठिकानों पर हुए हूती हमले में 58 सैनिकों की मौत हो गई और कई घायल हुए। सऊदी अरब के नजरान में हुए दूसरे हमले में 11 नागरिक घायल हुए, जिनमें 7 सऊदी, 1 यमनी, 2 मिस्री और 1 पाकिस्तानी नागरिक शामिल थे।
यमन के विदेश मंत्रालय ने यूएनएससी बयान पर क्या प्रतिक्रिया दी?
यमनी विदेश मंत्रालय ने बयान का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनके उस रुख को मज़बूत करता है कि राज्य संस्थाओं की बहाली और उनके अधिकार की स्थापना ही 'सही रास्ता' है। मंत्रालय ने हूती विद्रोहियों तक हथियारों और सैन्य तकनीक की आपूर्ति रोकने की भी माँग की।
लाल सागर में हूती हमलों का अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर क्या असर पड़ा है?
लाल सागर और आसपास के समुद्री मार्गों में वाणिज्यिक जहाजों पर हूती हमलों ने वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए गंभीर चुनौती पैदा की है। इससे अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखला प्रभावित हुई है और क्षेत्रीय सुरक्षा पर दबाव बढ़ा है।
यमन संकट में ईरान की क्या भूमिका है?
यूएनएससी के बयान और यमनी सरकार के अनुसार, ईरानी विमानों ने सना और होदेइदाह हवाईअड्डों पर कथित तौर पर अनधिकृत लैंडिंग की। यमन का आरोप है कि ईरान हूती विद्रोहियों को हथियार, सैन्य तकनीक और विशेषज्ञता मुहैया करा रहा है, जिसे रोकना ज़रूरी है।
राष्ट्र प्रेस
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