हूती समुद्री धमकियों पर कुवैत ने सऊदी अरब का समर्थन किया, UNSC प्रस्तावों को लागू करने की अपील
सारांश
मुख्य बातें
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने 21 जुलाई को यमन के हूती समूह द्वारा सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध लगाने की धमकियों की कड़ी निंदा करते हुए रियाद के प्रति अपना पूर्ण समर्थन दोहराया। कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय कानून के अंतर्गत समुद्री मार्गों पर आवाजाही की स्वतंत्रता और सुरक्षा को अक्षुण्ण बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।
कुवैत का आधिकारिक रुख
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने अपने आधिकारिक बयान में हूती समूह द्वारा सऊदी अरब पर लगाए गए आरोपों को 'निराधार और असत्य' बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया। मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि समुद्री यातायात की स्वतंत्रता एवं सुरक्षा को खतरे में डालने वाली किसी भी धमकी को स्वीकार नहीं किया जाएगा। बयान में यह भी रेखांकित किया गया कि कुवैत सऊदी अरब की सुरक्षा और संप्रभुता की रक्षा के लिए उठाए गए हर कदम का समर्थन करता है।
UNSC प्रस्तावों को लागू करने की अपील
कुवैत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आग्रह किया कि वह संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) के संबंधित प्रस्तावों को प्रभावी ढंग से लागू करने में सहयोग करे। इनमें यमन से संबंधित प्रस्ताव 2216 और लाल सागर में समुद्री आवाजाही की सुरक्षा सुनिश्चित करने वाला प्रस्ताव 2722 प्रमुख रूप से शामिल हैं। यह ऐसे समय में आया है जब लाल सागर और बाब अल-मंदेब जलसंधि में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
हूती धमकियों की पृष्ठभूमि
यह बयान हूती समूह द्वारा सऊदी अरब से जुड़े जहाजों पर समुद्री प्रतिबंध की घोषणा के एक दिन बाद आया। हूती समूह ने कथित तौर पर यह कदम पिछले सप्ताह सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सऊदी अरब द्वारा की गई बमबारी के आरोप के जवाब में उठाया। गौरतलब है कि यमनी सरकार ने हवाई अड्डे के रनवे पर उस समय हमला किया था, जब ईरान से आने वाले एक विमान को — जिसमें कथित तौर पर हूती प्रतिनिधिमंडल का एक वरिष्ठ सदस्य सवार था — रोकने का प्रयास किया जा रहा था। बाद में उस विमान को होदेदा की ओर मोड़ दिया गया।
हूती नेता की चेतावनी
रविवार को हूती सुप्रीम पॉलिटिकल काउंसिल के सदस्य अब्दुल्लाह अल-नामी ने लेबनान के चैनल अल मायादीन से बातचीत में कहा कि सऊदी अरब के 'महत्वपूर्ण ठिकाने' उनके हमलों की पहुँच के भीतर हैं। अल-नामी ने यह भी घोषित किया कि सना अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से 'सभी देशों' की उड़ानें शुरू की जाएंगी और यदि सऊदी अरब ने इन उड़ानों को बाधित करने की कोशिश की, तो 'व्यापक जवाब' दिया जाएगा। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि यदि अमेरिका सऊदी अरब के साथ मिलकर यमन के विरुद्ध किसी सैन्य कार्रवाई में शामिल होता है, तो वॉशिंगटन को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
सऊदी गठबंधन की प्रतिक्रिया और आगे की स्थिति
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने कहा है कि वह बाब अल-मंदेब जलसंधि से गुजरने वाले व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा के लिए 'आवश्यक और कड़े कदम' उठाएगा। गठबंधन ने हूती धमकियों का मजबूती से जवाब देने की चेतावनी भी दी। इसी बीच हूती समूह ने दावा किया कि उसने सऊदी अरब के आभा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, हालांकि इसकी स्वतंत्र पुष्टि तत्काल उपलब्ध नहीं हो सकी। क्षेत्र में बढ़ता यह तनाव वैश्विक समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा के लिए एक गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।