होर्मुज प्रबंधन पर ईरान-ओमान वार्ता में प्रगति; लाल सागर में हूती हमलों की कुवैत ने कड़ी निंदा की
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्रालय ने शनिवार को पुष्टि की कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के प्रबंधन को लेकर ईरान और ओमान के बीच तेहरान में हुई वार्ता में सकारात्मक प्रगति दर्ज की गई है। इसी बीच, लाल सागर में हूती विद्रोहियों द्वारा सऊदी जहाज एनसीसी एमएएसए पर किए गए हमले की कुवैत ने कड़ी निंदा की और सऊदी अरब के साथ पूर्ण एकजुटता जताई।
ईरान-ओमान वार्ता का विवरण
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाघेई ने बताया कि दोनों देशों के उप-विदेश मंत्रियों के बीच शुक्रवार और शनिवार को तेहरान में होर्मुज प्रबंधन पर विस्तृत बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने दोनों तटीय देशों के संप्रभु अधिकारों का सम्मान करते हुए जलडमरूमध्य में सुरक्षित समुद्री यातायात सुनिश्चित करने के साझा सिद्धांतों और व्यावहारिक व्यवस्थाओं पर विचार-विमर्श किया।
बाघेई के अनुसार, यह वार्ता उपयोगी रही और दोनों देशों के बीच तकनीकी व राजनीतिक स्तर पर संवाद अभी भी जारी है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों की आवाजाही की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है।
कुवैत की कड़ी प्रतिक्रिया
कुवैत के विदेश मंत्रालय ने लाल सागर में सऊदी जहाज एनसीसी एमएएसए पर हूती विद्रोहियों के हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन और समुद्री सुरक्षा, नौवहन की स्वतंत्रता तथा वैश्विक व्यापार के लिए सीधा खतरा करार दिया। कुवैत ने सऊदी अरब के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त करते हुए कहा कि वह अपनी संप्रभुता, सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों की रक्षा के लिए सऊदी अरब द्वारा उठाए गए सभी कदमों का समर्थन करता है।
गौरतलब है कि लाल सागर में हूती हमलों का यह सिलसिला वैश्विक शिपिंग मार्गों पर गहरा दबाव डाल रहा है और कई बड़ी शिपिंग कंपनियाँ पहले ही इस मार्ग को छोड़ चुकी हैं।
अमेरिकी सैन्य कार्रवाई
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने एक वीडियो जारी किया है, जिसमें कथित तौर पर अमेरिकी बल एक तेल टैंकर पर चढ़ते हुए और दूसरे टैंकर को निष्क्रिय करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इन जहाजों पर ईरान के खिलाफ लगाए गए अमेरिकी नौसैनिक प्रतिबंधों का उल्लंघन करने का आरोप है।
सेंटकॉम के अनुसार, अब तक 12 वाणिज्यिक जहाजों का मार्ग बदलवाया गया है, जबकि आदेशों का पालन न करने पर दो जहाजों को निष्क्रिय कर दिया गया है। यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब होर्मुज और लाल सागर दोनों ही मोर्चों पर तनाव चरम पर है।
क्षेत्रीय महत्व और आगे की राह
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से विश्व का लगभग 20% तेल परिवहन होता है, जिससे इसका रणनीतिक महत्व असाधारण है। ईरान और ओमान के बीच जारी राजनयिक संवाद को विशेषज्ञ एक सकारात्मक संकेत मान रहे हैं, हालाँकि किसी ठोस समझौते की घोषणा अभी नहीं हुई है। आने वाले हफ्तों में दोनों देशों के बीच तकनीकी और राजनीतिक स्तर की बातचीत जारी रहने की उम्मीद है।