14 अगस्त 2026
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सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 11 आसियान देशों की महिला सैन्य अधिकारियों से की मुलाकात, UN शांति अभियान पाठ्यक्रम का हिस्सा

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सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 11 आसियान देशों की महिला सैन्य अधिकारियों से की मुलाकात, UN शांति अभियान पाठ्यक्रम का हिस्सा

सारांश

थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने नई दिल्ली में 11 आसियान देशों की महिला सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की — यह मुलाकात उस विशेष पाठ्यक्रम के बीच हुई जो संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने और भारत-आसियान रक्षा सहयोग को नई गहराई देने की दिशा में एक सोची-समझी रणनीतिक पहल है।

मुख्य बातें

जनरल धीरज सेठ ने 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में 11 आसियान देशों की महिला सैन्य अधिकारियों से मुलाकात कर उन्हें सम्मानित किया।
CUNPK द्वारा आयोजित आसियान-संयुक्त राष्ट्र महिला सैन्य अधिकारी पाठ्यक्रम 10 से 21 अगस्त 2026 तक मानेकशॉ सेंटर, नई दिल्ली में चल रहा है।
पाठ्यक्रम की घोषणा 2025 में कुआलालंपुर में हुई तीसरी भारत-आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक में की गई थी।
इस पहल का उद्देश्य संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिला भागीदारी बढ़ाना और भारत-आसियान सैन्य क्षमता निर्माण को सुदृढ़ करना है।
भारत संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ताओं में से एक रहा है।

भारतीय थलसेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ ने 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में 11 आसियान देशों की महिला सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। ये अधिकारी सेंटर फॉर यूनाइटेड नेशन पीस कीपिंग (CUNPK) द्वारा आयोजित आसियान-संयुक्त राष्ट्र महिला सैन्य अधिकारी पाठ्यक्रम में भाग ले रही हैं, जो संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिलाओं की भूमिका को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

मुलाकात का विवरण और सराहना

जनरल सेठ ने आसियान देशों की महिला सैन्य अधिकारियों के साथ-साथ भारतीय महिला सैन्य अधिकारियों से भी विस्तृत बातचीत की। इस संवाद में उन्होंने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और उनकी प्रतिबद्धता की विशेष सराहना की। यह बैठक रक्षा सहयोग और सैन्य कूटनीति के लिहाज़ से उल्लेखनीय मानी जा रही है।

पाठ्यक्रम का विवरण

यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 10 से 21 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में आयोजित किया जा रहा है। पाठ्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला सैन्य अधिकारियों को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में तैनाती से पहले आवश्यक प्रशिक्षण, कार्यप्रणाली और ज़िम्मेदारियों से परिचित कराना है। गौरतलब है कि इस पाठ्यक्रम की घोषणा रक्षा मंत्री ने 2025 में कुआलालंपुर में आयोजित तीसरी भारत-आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान की थी।

भारत-आसियान रक्षा सहयोग पर असर

यह पहल भारत और आसियान देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई ऊँचाई देने की दिशा में एक ठोस कदम मानी जा रही है। भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सक्रिय और अग्रणी भूमिका निभाता रहा है। इस पाठ्यक्रम के माध्यम से भारत न केवल महिला सैन्य भागीदारी को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि आसियान देशों के साथ सैन्य प्रशिक्षण और अनुभवों के आदान-प्रदान को भी सुदृढ़ कर रहा है।

आगे की दिशा

इस पाठ्यक्रम के ज़रिये भारत ने क्षेत्रीय सहयोग और सैन्य क्षमता निर्माण को प्राथमिकता देने का स्पष्ट संकेत दिया है। 21 अगस्त 2026 को कार्यक्रम के समापन के बाद प्रशिक्षित अधिकारी अपने-अपने देशों में संयुक्त राष्ट्र मिशनों के लिए बेहतर तैयार होंगी। यह पहल भारत-आसियान संबंधों में महिला सशक्तिकरण और सैन्य सहयोग के नए अध्याय की शुरुआत के रूप में देखी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली परीक्षा यह होगी कि क्या ये प्रशिक्षित अधिकारी वास्तविक संयुक्त राष्ट्र मिशनों में तैनात होती हैं — क्योंकि अब तक ऐसे कार्यक्रमों के बाद महिला अधिकारियों की वास्तविक तैनाती दर पर पारदर्शी आँकड़े कम ही सामने आए हैं।
RashtraPress
14 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जनरल धीरज सेठ ने आसियान महिला सैन्य अधिकारियों से कब और कहाँ मुलाकात की?
जनरल धीरज सेठ ने 13 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में 11 आसियान देशों की महिला सैन्य अधिकारियों से मुलाकात की। यह मुलाकात मानेकशॉ सेंटर में चल रहे CUNPK पाठ्यक्रम के दौरान हुई।
आसियान-संयुक्त राष्ट्र महिला सैन्य अधिकारी पाठ्यक्रम क्या है?
यह सेंटर फॉर यूनाइटेड नेशन पीस कीपिंग (CUNPK) द्वारा आयोजित एक विशेष प्रशिक्षण पाठ्यक्रम है, जो 10 से 21 अगस्त 2026 तक नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में चल रहा है। इसका उद्देश्य महिला सैन्य अधिकारियों को संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में तैनाती से पहले आवश्यक प्रशिक्षण देना है।
इस पाठ्यक्रम की घोषणा कब और कहाँ की गई थी?
इस पाठ्यक्रम की घोषणा रक्षा मंत्री ने 2025 में कुआलालंपुर में आयोजित तीसरी भारत-आसियान रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान की थी। यह भारत-आसियान रक्षा सहयोग के एजेंडे का हिस्सा है।
इस पहल से भारत-आसियान संबंधों पर क्या असर पड़ेगा?
यह पाठ्यक्रम भारत और आसियान देशों के बीच सैन्य प्रशिक्षण, अनुभव-साझेदारी और रक्षा सहयोग को मज़बूत करता है। साथ ही, यह संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने की साझा प्रतिबद्धता को भी रेखांकित करता है।
संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में भारत की क्या भूमिका है?
भारत लंबे समय से संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में सबसे बड़े सैन्य योगदानकर्ताओं में से एक रहा है। इस तरह के प्रशिक्षण कार्यक्रमों के ज़रिये भारत महिला सैन्य अधिकारियों की भूमिका को और व्यापक बना रहा है।
राष्ट्र प्रेस
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