11 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

13 जून 2026 पंचांग: मासिक शिवरात्रि पर त्रयोदशी-चतुर्दशी का दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
13 जून 2026 पंचांग: मासिक शिवरात्रि पर त्रयोदशी-चतुर्दशी का दुर्लभ संयोग, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल

सारांश

13 जून 2026 को ज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी और मासिक शिवरात्रि का दुर्लभ संयोग है। सुकर्मा व धृति योग, कृत्तिका-रोहिणी नक्षत्र और अभिजीत मुहूर्त इस दिन को शिव उपासना के लिए विशेष बनाते हैं। राहुकाल सुबह 9:05 से 10:46 बजे तक — नए कार्य इस दौरान टालें।

मुख्य बातें

13 जून 2026 को मासिक शिवरात्रि और ज्येष्ठ कृष्ण त्रयोदशी का विशेष संयोग।
त्रयोदशी तिथि दोपहर 4:08 बजे तक, इसके बाद चतुर्दशी आरंभ।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 से 12:53 बजे ; ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:08 से 4:56 बजे ।
राहुकाल सुबह 9:05 से 10:46 बजे ; यमगंड दोपहर 2:07 से 3:47 बजे ।
कृत्तिका नक्षत्र रात 1:16 बजे तक, तत्पश्चात शुभ रोहिणी नक्षत्र प्रारंभ।
चंद्रमा सुबह 9:25 बजे मेष से वृषभ राशि में प्रवेश करेगा।

13 जून 2026, शनिवार को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि और मासिक शिवरात्रि का विशेष संयोग बन रहा है। पंचांग के अनुसार इस दिन सुकर्मा योग और कृत्तिका नक्षत्र का प्रभाव रहेगा, जो धार्मिक कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। भगवान शिव के उपासकों के लिए यह दिन व्रत, पूजा-अर्चना और मनोकामना पूर्ति की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है।

तिथि और नक्षत्र की स्थिति

पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि दोपहर 4 बजकर 8 मिनट तक रहेगी। इसके पश्चात चतुर्दशी तिथि आरंभ होगी, जो भगवान शिव को समर्पित मानी जाती है। इस दिन कृत्तिका नक्षत्र रात 1 बजकर 16 मिनट तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद रोहिणी नक्षत्र शुरू होगा। ज्योतिष शास्त्र में रोहिणी नक्षत्र को अत्यंत शुभ माना जाता है और इसमें किए गए कार्य सकारात्मक परिणाम देते हैं।

योग और ग्रह स्थिति

शनिवार को सुकर्मा योग शाम 5 बजकर 28 मिनट तक रहेगा, इसके बाद धृति योग प्रारंभ होगा। दोनों योग शुभ कार्यों, पूजा-पाठ और जप के लिए लाभकारी माने जाते हैं। ग्रहों की स्थिति में चंद्रमा सुबह 9 बजकर 25 मिनट तक मेष राशि में रहेगा और उसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। सूर्य इस दिन वृषभ राशि में ही स्थित रहेगा। ज्योतिष में चंद्रमा के राशि परिवर्तन को मन और भावनाओं पर प्रभावी माना जाता है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और ब्रह्म मुहूर्त

13 जून को सूर्योदय सुबह 5:44 बजे और सूर्यास्त शाम 7:09 बजे होगा। चंद्रोदय सुबह 3:28 बजे और चंद्रास्त शाम 5:28 बजे होगा। ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:08 बजे से 4:56 बजे तक रहेगा — यह समय ध्यान, पूजा और ईश्वर स्मरण के लिए सर्वोत्तम माना जाता है।

शुभ मुहूर्त और अमृत काल

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक रहेगा, जो महत्वपूर्ण और मंगल कार्यों की शुरुआत के लिए उपयुक्त है। इसके अतिरिक्त, अमृत काल रात 11:09 बजे से अगले दिन रात 12:34 बजे तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए लाभदायक माना जाता है।

राहुकाल और अशुभ समय

नए और महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से पहले इन समयों का ध्यान रखना आवश्यक है। राहुकाल सुबह 9:05 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा। यमगंड काल दोपहर 2:07 बजे से 3:47 बजे तक और वर्ज्य काल दोपहर 2:41 बजे से 4:06 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इन अवधियों में कोई भी नया शुभ कार्य आरंभ नहीं किया जाता।

मासिक शिवरात्रि के इस पावन संयोग में श्रद्धालु सही मुहूर्त का लाभ उठाकर भगवान शिव की उपासना कर सकते हैं और अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

क्योंकि करोड़ों भारतीय दैनिक धार्मिक निर्णयों के लिए इन जानकारियों पर निर्भर हैं। मासिक शिवरात्रि जैसे अवसर केवल आस्था तक सीमित नहीं — ये सामाजिक और पारिवारिक जीवन की लय तय करते हैं। हालाँकि ज्योतिषीय मान्यताएँ वैज्ञानिक सत्यापन से परे हैं, इनकी सांस्कृतिक प्रासंगिकता निर्विवाद है और पाठकों को सटीक व समयबद्ध जानकारी देना एक जिम्मेदार समाचार मंच का दायित्व है।
RashtraPress
11 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

13 जून 2026 को मासिक शिवरात्रि क्यों मनाई जाएगी?
13 जून 2026 को ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी के बाद चतुर्दशी तिथि आरंभ होती है, जो भगवान शिव को समर्पित है — इसी कारण इस दिन मासिक शिवरात्रि का व्रत रखा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा-अर्चना से मनोकामनाएँ पूर्ण होती हैं।
13 जून 2026 को शुभ मुहूर्त कब है?
इस दिन अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:00 बजे से 12:53 बजे तक है, जो महत्वपूर्ण कार्यों की शुरुआत के लिए अनुकूल माना जाता है। इसके अलावा ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:08 से 4:56 बजे और अमृत काल रात 11:09 बजे से अगले दिन 12:34 बजे तक रहेगा।
13 जून 2026 को राहुकाल किस समय है?
13 जून 2026, शनिवार को राहुकाल सुबह 9:05 बजे से 10:46 बजे तक रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में नए और महत्वपूर्ण कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए।
13 जून 2026 को कौन-सा नक्षत्र रहेगा?
इस दिन कृत्तिका नक्षत्र रात 1:16 बजे तक प्रभावी रहेगा, जिसके बाद शुभ रोहिणी नक्षत्र आरंभ होगा। ज्योतिष के अनुसार रोहिणी नक्षत्र में किए गए कार्य सकारात्मक परिणाम देते हैं।
13 जून 2026 को चंद्रमा किस राशि में रहेगा?
चंद्रमा सुबह 9:25 बजे तक मेष राशि में रहेगा और उसके बाद वृषभ राशि में प्रवेश करेगा। ज्योतिष शास्त्र में चंद्रमा के इस राशि परिवर्तन का मन और भावनाओं पर प्रभाव माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 3 सप्ताह पहले
  3. 4 सप्ताह पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले