दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने 15 साल बाद पकड़ा 72 वर्षीय भगोड़ा, 2008 के रंगदारी मामले में गिरफ्तारी
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली पुलिस के स्पेशल सेल ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए 72 वर्षीय हरि सिंह शेखावत को गिरफ्तार किया है, जो 2008 के जबरन वसूली के एक मामले में करीब 15 वर्षों से कानून की गिरफ्त से बाहर थे। 13 अगस्त को मिली खुफिया जानकारी के आधार पर स्पेशल सेल की साउथ-वेस्टर्न रेंज (SWR) की टीम ने शेखावत को जयपुर, राजस्थान की एक रिहायशी सोसाइटी से दबोचा।
मुख्य घटनाक्रम
यह मामला वर्ष 2008 का है, जब शेखावत कथित तौर पर एक बड़ी मल्टीनेशनल गारमेंट कंपनी में कार्यरत थे और उन्होंने उसी कंपनी से जबरन पैसे वसूलने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद स्पेशल सेल थाने में उनके विरुद्ध भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धाराओं 384, 389, 506 और 511 के तहत मामला दर्ज किया गया।
अधिकारियों के अनुसार, शेखावत बार-बार अदालत में पेश होने से बचते रहे, जिसके चलते अदालत ने 2 अप्रैल 2016 को उन्हें औपचारिक रूप से 'घोषित अपराधी' करार दिया।
बहु-राज्यीय तलाशी अभियान
स्पेशल सेल की टीम ने दिल्ली, हरियाणा, गुजरात और राजस्थान में व्यापक अंतर-राज्यीय तलाशी अभियान चलाया। एक महीने से अधिक की सघन छानबीन के बाद जाँचकर्ताओं को पता चला कि शेखावत ने शुरुआत में कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए गुजरात में शरण ली थी और बाद में राजस्थान चले गए, जहाँ वह वर्षों तक छिपकर रहे।
13 अगस्त को पक्की सूचना मिलते ही एक विशेष रेडिंग टीम तुरंत जयपुर रवाना की गई। टीम ने जयपुर में सघन तलाशी चलाई और आरोपी की पहचान की पुष्टि करने के बाद उन्हें एक रिहायशी परिसर से गिरफ्तार कर लिया।
जाँच टीम और नेतृत्व
एसीपी पूरन चंद्र पंत की देखरेख में इंस्पेक्टर संदीप यादव और इंस्पेक्टर नीरज कुमार ने इस अभियान का नेतृत्व किया। अधिकारियों ने बताया कि यह गिरफ्तारी निरंतर निगरानी, खुफिया जानकारी जुटाने और कई राज्यों में समन्वित प्रयासों का परिणाम है।
आरोपी की पृष्ठभूमि
अधिकारियों के अनुसार, हरि सिंह शेखावत एक्सएलआरआई के स्नातक हैं और उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में कई जानी-मानी मल्टीनेशनल कंपनियों में वरिष्ठ पदों पर काम किया है। वह राजस्थान के जयपुर के मूल निवासी हैं।
आगे की कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद शेखावत को कानूनी प्रावधानों के तहत हिरासत में लिया गया है। यह मामला अब आगे की न्यायिक प्रक्रिया के लिए सक्षम अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। स्पेशल सेल के अनुसार, इस तरह के भगोड़े अपराधियों का पता लगाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।