1984 सिख नरसंहार: हरि नगर में BJP का न्याय मार्च, CM रेखा गुप्ता और हर्ष मल्होत्रा शामिल
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने रविवार, 1 नवंबर 2026 को हरि नगर में आयोजित एक न्याय मार्च में हिस्सा लिया। यह मार्च 1984 के सिख-विरोधी दंगों की 42वीं बरसी पर पीड़ित परिवारों के साथ एकजुटता जताने और कांग्रेस से जवाबदेही की माँग के उद्देश्य से निकाला गया। BJP के बयान के अनुसार, इस मार्च में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सिख समुदाय के हज़ारों लोगों ने भागीदारी की।
मार्च की पृष्ठभूमि और उद्देश्य
पार्टी के अनुसार, यह आयोजन उन परिवारों की पीड़ा को आवाज़ देने का प्रयास था जो नवंबर 1984 की हिंसा में अपने प्रियजनों को खो चुके हैं और दशकों से न्याय की प्रतीक्षा में हैं। गौरतलब है कि 1984 की सिख-विरोधी हिंसा में देशभर में हज़ारों लोगों की जानें गई थीं, जिनमें बड़ी संख्या दिल्ली में थी। यह ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस नेतृत्व के 1984 से जुड़े बयान और कार्यक्रम राजनीतिक विवाद का केंद्र बने हुए हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का बयान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि सिख समुदाय आज उन लोगों से एक ज़रूरी सवाल पूछ रहा है जो संविधान की प्रतियाँ लेकर चलते हैं और लोकतंत्र की बातें करते हैं — 'क्या नवंबर 1984 में जो हुआ, वह लोकतंत्र की हत्या नहीं थी?' उन्होंने कहा, 'उस भयानक दौर में हज़ारों सिख परिवारों ने अपनों को खो दिया था। आज भी कई माताएँ, बहनें और परिवार उस त्रासदी की दर्दनाक यादों के साथ जी रहे हैं और न्याय का इंतज़ार कर रहे हैं।' गुप्ता ने यह भी कहा कि 1975 के आपातकाल और 1984 की हिंसा — दोनों घटनाएँ एक ही राजनीतिक विरासत की देन हैं, और जो आज लोकतंत्र की दुहाई देते हैं उन्हें पहले अपने अतीत का हिसाब देना होगा।
हर्ष मल्होत्रा और अन्य नेताओं के आरोप
दिल्ली BJP अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने 1984 के दंगों को कांग्रेस की 'सोची-समझी साजिश' करार देते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेता खुद सड़कों पर उतरे, सिख परिवारों के घरों की पहचान कराई और हिंसा को अंजाम देने में सहयोग किया। उन्होंने कहा कि इस मामले में एच.के.एल. भगत और सज्जन कुमार सहित कई कांग्रेस नेताओं की भूमिका न्यायिक प्रक्रिया में सामने आई थी और सिखों का लगातार 72 घंटों तक नरसंहार किया गया। मल्होत्रा ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में गठित SIT ने ही दोषियों को सजा दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
मल्होत्रा ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि वे 1984 नरसंहार की बरसी पर जानबूझकर कार्यक्रम आयोजित कर पीड़ित परिवारों के ज़ख्मों पर नमक छिड़क रहे हैं।
अन्य नेताओं की भागीदारी
दिल्ली के मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी 1984 के सिख नरसंहार पर राजनीति कर अपने पिता के नक्शेकदम पर चल रहे हैं। यमुना विकास बोर्ड के अध्यक्ष और BJP नेता अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि 1 नवंबर 1984 को न केवल दिल्ली में, बल्कि पूरे देश में कानून-व्यवस्था नाम की कोई चीज़ नहीं बची थी।
वरिष्ठ अधिवक्ता एच.एस. फूलका — जिन्होंने 1984 की सिख-विरोधी हिंसा के पीड़ितों के लिए लंबी कानूनी लड़ाई लड़ी है — ने कहा कि सेवानिवृत्त और सेवारत सैनिकों की हत्याएँ अत्यंत गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण थीं। BJP के राज्यसभा सदस्य विक्रमजीत सिंह साहनी ने बताया कि हिंसा के दौरान उनके अपने परिवार के कई सदस्यों की हत्या कर दी गई थी। दिल्ली के मंत्री आशीष सूद ने कहा कि कांग्रेस नेताओं द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिखाई गई तस्वीरें और उनकी मानसिकता आगजनी और अराजकता को बढ़ावा देने वाली है।
आगे क्या होगा
हर्ष मल्होत्रा ने घोषणा की कि सोमवार, 2 नवंबर को गुरुद्वारा बंगला साहिब के पास एक और मार्च निकाला जाएगा, जिसमें प्रतिभागी 1984 के नरसंहार की याद में बने स्मारक पर पहुँचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। BJP की यह अभियान श्रृंखला संकेत देती है कि पार्टी राष्ट्रीय राजधानी में 1984 की जवाबदेही के मुद्दे को आगामी दिनों में भी जीवित रखेगी।