24 अगस्त 2026 पंचांग: सावन का चौथा और अंतिम सोमवार व्रत, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:04 से 12:54 बजे तक
सारांश
मुख्य बातें
24 अगस्त 2026 को श्रावण मास का चौथा और अंतिम सोमवार है — भगवान भोलेनाथ की आराधना के लिए यह दिन विशेष महत्व रखता है। पंचांग के अनुसार इस दिन शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि तड़के 4:19 बजे से प्रारंभ होकर अगले दिन 25 अगस्त की सुबह 6:21 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात त्रयोदशी तिथि का आरंभ होगा।
सावन के अंतिम सोमवार का महत्व
हिंदू धर्म में सावन सोमवार व्रत को अत्यंत फलदायी माना जाता है। जो श्रद्धालु इस वर्ष के पहले तीन सावन सोमवार का व्रत नहीं रख सके, वे 24 अगस्त के इस अंतिम व्रत के माध्यम से भगवान शिव और माँ पार्वती की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, सावन के अंतिम सोमवार को श्रद्धापूर्वक की गई पूजा का फल अन्य दिनों की तुलना में अधिक होता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त और नक्षत्र स्थिति
इस दिन सूर्योदय सुबह 6:10 बजे और सूर्यास्त शाम 6:48 बजे होगा। चंद्रोदय दोपहर बाद 4:27 बजे और चंद्रास्त अगले दिन तड़के 3:16 बजे होगा। पंचांग के अनुसार सूर्य इस दिन मघा नक्षत्र में स्थित रहेगा। चंद्रमा रात लगभग 8:28 बजे तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा, तत्पश्चात उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
शुभ मुहूर्त और योग
सोमवार को सुबह लगभग 7:03 बजे तक प्रीति योग रहेगा, इसके बाद आयुष्मान योग प्रभावी हो जाएगा। दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:04 बजे से 12:54 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त अमृत काल दोपहर 3:06 बजे से 4:53 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है।
अशुभ काल — किन समयों में नए कार्य न करें
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल सुबह 7:45 बजे से 9:19 बजे तक रहेगा। गुलिक काल दोपहर 2:04 बजे से शाम 3:38 बजे तक और यमगंड काल सुबह 10:54 बजे से 12:29 बजे तक रहेगा। इन समयावधियों में नए कार्यों का शुभारंभ, यात्रा या महत्वपूर्ण निर्णय लेने से बचने की सलाह दी जाती है।
राशि स्थिति और दिशाशूल
इस दिन सूर्य सिंह राशि में और चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेगा। ज्योतिषीय गणना के अनुसार पूर्व दिशा में दिशाशूल रहेगा। यदि पूर्व दिशा की यात्रा अनिवार्य हो, तो ज्योतिषीय उपायों को अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है। 24 अगस्त 2026 का यह दिन सावन की विदाई का प्रतीक है — भोलेनाथ की भक्ति और पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त का लाभ उठाकर इस अवसर को सार्थक बनाएं।