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9 अगस्त 2026 पंचांग: कामिका एकादशी पर विष्णु-शिव पूजा शुभ, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06–12:58 बजे

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9 अगस्त 2026 पंचांग: कामिका एकादशी पर विष्णु-शिव पूजा शुभ, अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06–12:58 बजे

सारांश

9 अगस्त 2026 को कामिका एकादशी और सावन का संगम — भगवान विष्णु व शिव की एकसाथ उपासना का दुर्लभ अवसर। अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:58 और हर्षण योग पूरे दिन। राहुकाल व यमगंड में सावधानी ज़रूरी।

मुख्य बातें

कामिका एकादशी तिथि 9 अगस्त 2026 को सुबह 11:05 बजे तक; उसके बाद द्वादशी।
इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव — दोनों की पूजा विशेष फलदायी।
अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:58 बजे ; अमृत काल सुबह 10:47 से दोपहर 12:26 बजे तक।
पूरे दिन हर्षण योग ; सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में, चंद्रमा मृगशिरा से आर्द्रा में।
राहुकाल दोपहर 5:23–शाम 7:00 बजे; यमगंड काल दोपहर 12:32–2:09 बजे — नए कार्य वर्जित।
पश्चिम दिशा में दिशाशूल; उस दिशा की यात्रा से बचने की सलाह।

9 अगस्त 2026 (रविवार) को कामिका एकादशी का पावन पर्व है, जो श्रावण माह के कृष्ण पक्ष में पड़ रहा है। पंचांग के अनुसार एकादशी तिथि सुबह 11:05 बजे तक रहेगी, इसके पश्चात द्वादशी तिथि आरंभ होगी। इस दिन भगवान विष्णु और भगवान शिव — दोनों की उपासना विशेष फलदायी मानी गई है।

तिथि, नक्षत्र और राशि

रविवार को सूर्योदय सुबह 6:04 बजे और सूर्यास्त शाम 7:00 बजे होगा। चंद्रोदय रात 1:53 बजे और चंद्रास्त अगले दिन दोपहर 4:15 बजे होगा। सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में विराजमान रहेंगे। चंद्रमा दोपहर 2:43 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र में रहेंगे, उसके बाद आर्द्रा नक्षत्र का आगमन होगा। राशि की दृष्टि से सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा मिथुन राशि में स्थित रहेंगे।

शुभ मुहूर्त और योग

इस दिन पूरे दिन हर्षण योग बना रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 से 12:58 बजे तक रहेगा। इसके अतिरिक्त अमृत काल सुबह 10:47 बजे से दोपहर 12:26 बजे तक रहेगा — यह समय पूजा, दान और मांगलिक कार्यों के लिए उत्तम माना जाता है।

अशुभ काल — किन समयों में सावधानी बरतें

पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ विशेष कालखंडों में नए कार्य आरंभ करने से बचना उचित माना जाता है। राहुकाल दोपहर 5:23 बजे से शाम 7:00 बजे तक, गुलिक काल सुबह 3:46 से दोपहर 5:23 बजे तक, और यमगंड काल दोपहर 12:32 से 2:09 बजे तक रहेगा। इन अवधियों में महत्वपूर्ण निर्णय या यात्रा टालना श्रेयस्कर बताया गया है।

दिशाशूल और यात्रा संबंधी सुझाव

रविवार को पश्चिम दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिन पश्चिम दिशा की यात्रा से यथासंभव बचना चाहिए। यदि यात्रा अनिवार्य हो, तो विशेष ज्योतिषीय उपायों के साथ प्रस्थान करने की परंपरा है।

कामिका एकादशी का धार्मिक महत्व

कामिका एकादशी हिंदू धर्म में विशेष रूप से पुण्यदायी मानी जाती है। चूँकि यह एकादशी सावन के पवित्र माह में पड़ रही है, इस दिन भगवान विष्णु के साथ-साथ भगवान शिव की आराधना का भी विशेष महत्व है। मान्यता है कि इस दिन व्रत और पूजा करने से पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति का मार्ग प्रशस्त होता है। आने वाले दिनों में श्रावण की अन्य महत्वपूर्ण तिथियाँ भी श्रद्धालुओं के लिए विशेष अवसर लेकर आएंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि व्यावहारिक जीवन-निर्णयों का आधार है। कामिका एकादशी और सावन का एकसाथ पड़ना इस वर्ष विशेष रूप से उल्लेखनीय है, क्योंकि यह वैष्णव और शैव — दोनों परंपराओं के श्रद्धालुओं को एक ही दिन जोड़ता है। हालाँकि ज्योतिषीय मान्यताएँ व्यक्तिगत आस्था पर निर्भर हैं, इन समयों की जानकारी पाठकों को अपनी परंपरा के अनुसार दिन की योजना बनाने में सहायक होती है।
RashtraPress
23 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

9 अगस्त 2026 को कामिका एकादशी कब तक है?
पंचांग के अनुसार कामिका एकादशी तिथि 9 अगस्त 2026 को सुबह 11:05 बजे तक रहेगी। इसके बाद द्वादशी तिथि आरंभ हो जाएगी।
9 अगस्त 2026 को अभिजीत मुहूर्त कितने बजे है?
9 अगस्त 2026 को अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से 12:58 बजे तक रहेगा। यह दिन का सर्वाधिक शुभ समय माना जाता है और इस दौरान पूजा, दान व मांगलिक कार्य किए जा सकते हैं।
कामिका एकादशी पर किस भगवान की पूजा करनी चाहिए?
कामिका एकादशी पर भगवान विष्णु की पूजा विशेष रूप से फलदायी मानी जाती है। चूँकि यह एकादशी सावन माह में पड़ रही है, इस दिन भगवान शिव की आराधना भी उत्तम बताई गई है।
9 अगस्त 2026 को राहुकाल किस समय है?
9 अगस्त 2026 को राहुकाल दोपहर 5:23 बजे से शाम 7:00 बजे तक रहेगा। पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार इस अवधि में नए कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए।
9 अगस्त 2026 को कौन-सा योग और नक्षत्र है?
इस दिन पूरे दिन हर्षण योग रहेगा। सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में और चंद्रमा दोपहर 2:43 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र में रहेंगे, उसके बाद आर्द्रा नक्षत्र लगेगा।
राष्ट्र प्रेस
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