28 जुलाई 2026 पंचांग: शाम 6:18 बजे से गुरु पूर्णिमा, अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:07–12:59 बजे
सारांश
मुख्य बातें
हिंदू पंचांग के अनुसार 28 जुलाई 2026 (मंगलवार) का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि इस दिन शाम 6:19 बजे तक रहेगी, जिसके पश्चात पूर्णिमा तिथि का आरंभ होगा। इसी के साथ शाम 6:18 बजे से गुरु पूर्णिमा का पावन पर्व प्रारंभ हो जाएगा, जो 29 जुलाई 2026 की रात 8:05 बजे तक रहेगा।
गुरु पूर्णिमा का महत्व
गुरु पूर्णिमा पर श्रद्धालु अपने गुरुओं, शिक्षकों और आध्यात्मिक आचार्यों का पूजन करते हैं और उनका आशीर्वाद ग्रहण करते हैं। यह पर्व गुरु-शिष्य परंपरा की अटूट श्रृंखला का उत्सव है और हिंदू धर्म में इसे विशेष आस्था के साथ मनाया जाता है।
सूर्योदय, सूर्यास्त एवं चंद्र-स्थिति
पंचांग के अनुसार, 28 जुलाई को सूर्योदय सुबह 5:59 बजे और सूर्यास्त शाम 7:07 बजे होगा। चंद्रोदय शाम 6:31 बजे तथा चंद्रास्त भोर 5:25 बजे होगा। सूर्य इस दिन पुष्य नक्षत्र में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा दोपहर 1:11 बजे तक पूर्वाषाढ़ा नक्षत्र में रहेगा और उसके बाद उत्तराषाढ़ा नक्षत्र में प्रवेश करेगा।
शुभ मुहूर्त एवं योग
मंगलवार को हर्षण योग रात्रि 11:34 बजे तक रहेगा। दिन का सर्वाधिक शुभ समय अभिजित मुहूर्त दोपहर 12:07 से 12:59 बजे तक रहेगा — पंचांग शास्त्र में इसे दिन का सबसे पवित्र काल माना जाता है। इसके अतिरिक्त अमृत काल सुबह 7:50 से 9:37 बजे तक रहेगा, जो पूजा-पाठ और नए कार्यों के लिए उत्तम है।
अशुभ काल — राहुकाल, गुलिक एवं यमगंड
पारंपरिक मान्यताओं के अनुसार, कुछ विशेष कालखंडों में नए कार्य आरंभ करने से बचना चाहिए। राहुकाल दोपहर 3:50 बजे से शाम 5:28 बजे तक, गुलिक काल दोपहर 12:07 से 1:48 बजे तक, और यमगंड काल सुबह 9:16 से 10:55 बजे तक रहेगा। इन अवधियों को अशुभ माना जाता है।
राशि-स्थिति एवं दिशाशूल
इस दिन सूर्य कर्क राशि में और चंद्रमा धनु राशि में स्थित रहेंगे। ज्योतिषीय गणना के अनुसार उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। वास्तु और ज्योतिष की मान्यताओं के मुताबिक इस दिशा में यात्रा से बचना उचित है। यदि उत्तर दिशा की यात्रा अनिवार्य हो, तो विशेष ज्योतिषीय उपाय अपनाकर प्रस्थान किया जा सकता है।
गुरु पूर्णिमा के इस पावन अवसर पर अभिजित मुहूर्त और अमृत काल का समुचित उपयोग कर श्रद्धालु अपने गुरुओं का आशीर्वाद प्राप्त कर सकते हैं।