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बिहार छात्र प्रदर्शन: 694 हिरासत में, 91 पुलिसकर्मी घायल; सारण में BDO की आँख की रोशनी गई

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बिहार छात्र प्रदर्शन: 694 हिरासत में, 91 पुलिसकर्मी घायल; सारण में BDO की आँख की रोशनी गई

सारांश

25 जुलाई को बिहार में छात्र प्रदर्शनों के दौरान भड़की हिंसा में 694 लोग हिरासत में लिए गए और 91 पुलिसकर्मी घायल हुए। सबसे गंभीर मामला सारण का रहा, जहाँ एक BDO की आँख की रोशनी चली गई। 355 लोगों को अदालत में पेश किया गया, जाँच जारी है।

मुख्य बातें

25 जुलाई 2026 को बिहार में छात्र संगठनों के प्रदर्शनों के दौरान 694 लोग हिरासत में लिए गए।
सत्यापन के बाद 339 नाबालिगों और छात्रों को रिहा किया गया; 355 आरोपियों को अदालत में पेश किया गया।
पत्थरबाजी और हमलों में 91 पुलिसकर्मी और 13 नागरिक घायल हुए।
सिवान व सीतामढ़ी के SP सहित कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी घायलों में शामिल।
सारण के सदर BDO की हमले में एक आँख की रोशनी गई ; रेवलगंज BDO का मेदांता में ऑपरेशन हुआ।
14 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त, 1 वाहन में आग लगाई गई।

बिहार पुलिस मुख्यालय ने 27 जुलाई 2026 को खुलासा किया कि 25 जुलाई को राज्यभर में छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के छात्र विंग द्वारा आयोजित प्रदर्शनों, रैलियों और मार्चों के दौरान भड़की हिंसा में 694 लोगों को हिरासत में लिया गया और 91 पुलिस अधिकारी व कर्मी घायल हुए। पुलिस के अनुसार, इस राज्यव्यापी आंदोलन ने कई जिलों में गंभीर कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न कर दी।

हिरासत और रिहाई का विवरण

पुलिस मुख्यालय के बयान के अनुसार, हिरासत में लिए गए 694 लोगों में बड़ी संख्या में छात्र और नाबालिग शामिल थे। सत्यापन प्रक्रिया के बाद 339 नाबालिगों और छात्रों को रिहा कर दिया गया। शेष 355 व्यक्तियों को — जिन पर हिंसक घटनाओं में कथित तौर पर शामिल होने का आरोप है — कानूनी प्रक्रिया के तहत अदालत में पेश किया गया। अधिकारियों ने कहा कि जाँच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।

पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों पर हमले

पत्थरबाजी, पुलिस पर हमले और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की घटनाओं में 91 पुलिसकर्मी घायल हुए। घायलों में सिवान और सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक (SP), दो उपमंडल पुलिस अधिकारी (SDPO) और कई थाना प्रभारी (SHO) शामिल हैं। गांधी मैदान पुलिस स्टेशन के SHO गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं।

इसके अतिरिक्त, हिंसा की विभिन्न घटनाओं में 13 नागरिक भी घायल हुए हैं। प्रदर्शनों के दौरान 14 सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हुए, जबकि एक सरकारी वाहन में आग लगा दी गई।

सारण में सबसे गंभीर हिंसा

पुलिस मुख्यालय की रिपोर्ट में सारण जिले की हिंसा को विशेष रूप से गंभीर बताया गया है। सदर ब्लॉक के ब्लॉक विकास अधिकारी (BDO) पर हमले के बाद उनकी एक आँख की रोशनी चली गई; वे वर्तमान में पटना स्थित IGIMS में उपचाराधीन हैं। रेवलगंज ब्लॉक के BDO पर भी कथित तौर पर हमला किया गया, जिससे उन्हें सिर में गंभीर चोट आई। उनका मेदांता अस्पताल में ऑपरेशन हुआ और वे अभी भी चिकित्सा निगरानी में हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, दोनों अधिकारियों की हालत गंभीर बनी हुई है।

पुलिस मुख्यालय का रुख

बिहार पुलिस मुख्यालय ने अपने आधिकारिक बयान में स्पष्ट किया कि विरोध प्रदर्शनों की आड़ में हुई हिंसा, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान और पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर हमलों को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान की जा रही है और कानूनी कार्रवाई जारी है।

आगे की स्थिति

पुलिस ने दोहराया है कि राज्यभर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक उपाय किए जा रहे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब बिहार में छात्र आंदोलन लगातार तेज होते जा रहे हैं और प्रशासन पर दोहरा दबाव है — एक ओर प्रदर्शनकारियों की माँगें, दूसरी ओर हिंसा पर अंकुश लगाने की जिम्मेदारी। जाँच के नतीजे और न्यायालय की आगामी सुनवाई यह तय करेगी कि हिरासत में लिए गए 355 लोगों के खिलाफ कौन-सी धाराएँ लागू होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

अन्यथा दमन और आंदोलन का यह चक्र दोहराता रहेगा।
RashtraPress
28 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

25 जुलाई को बिहार में किस बात को लेकर छात्र प्रदर्शन हुए थे?
25 जुलाई को विभिन्न छात्र संगठनों और राजनीतिक दलों के छात्र विंग ने बिहार के कई जिलों में प्रदर्शन, रैलियाँ और मार्च आयोजित किए। पुलिस मुख्यालय के बयान में इन प्रदर्शनों के दौरान हिंसा, पत्थरबाजी और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुँचाने की घटनाएँ दर्ज की गई हैं।
बिहार में कितने लोगों को हिरासत में लिया गया और उनके साथ क्या हुआ?
पुलिस के अनुसार कुल 694 लोगों को हिरासत में लिया गया। सत्यापन के बाद 339 नाबालिगों और छात्रों को रिहा कर दिया गया, जबकि हिंसा में कथित तौर पर शामिल 355 लोगों को अदालत में पेश किया गया और उनके खिलाफ जाँच जारी है।
सारण जिले में क्या हुआ जो इसे सबसे गंभीर बताया जा रहा है?
सारण के सदर ब्लॉक के BDO पर हमले के बाद उनकी एक आँख की रोशनी चली गई और वे पटना के IGIMS में उपचाराधीन हैं। रेवलगंज ब्लॉक के BDO को भी सिर में गंभीर चोट आई और मेदांता अस्पताल में उनका ऑपरेशन हुआ; दोनों की हालत गंभीर बताई जा रही है।
बिहार प्रदर्शनों में कितने पुलिसकर्मी घायल हुए और कौन-कौन से वरिष्ठ अधिकारी प्रभावित हुए?
पुलिस मुख्यालय के अनुसार 91 पुलिस अधिकारी और कर्मी घायल हुए। घायलों में सिवान और सीतामढ़ी के SP, दो SDPO और कई SHO शामिल हैं। गांधी मैदान पुलिस स्टेशन के SHO गंभीर रूप से घायल हैं।
बिहार पुलिस आगे क्या कार्रवाई करेगी?
पुलिस मुख्यालय ने कहा है कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर दोषियों की पहचान की जा रही है और कानूनी कार्रवाई जारी है। अदालत में पेश किए गए 355 लोगों की भूमिका की जाँच हो रही है और निष्कर्षों के आधार पर आगे की धाराएँ तय होंगी।
राष्ट्र प्रेस
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