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क्या 9 जनवरी का पंचांग माघ मास की सप्तमी तिथि के लिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल बताता है?

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क्या 9 जनवरी का पंचांग माघ मास की सप्तमी तिथि के लिए शुभ मुहूर्त और राहुकाल बताता है?

सारांश

9 जनवरी को माघ मास की सप्तमी तिथि है, जानें इस दिन के शुभ मुहूर्त और राहुकाल के बारे में। इस लेख में जानें कैसे सही समय पर पूजा करने से आप अपने कार्यों में सफलता पा सकते हैं।

मुख्य बातें

पंचांग का महत्व समझें।
शुभ मुहूर्त का चयन करें।
माता लक्ष्मी की पूजा विधि जानें।
सप्तमी तिथि की विशेषताएं समझें।

नई दिल्ली, 8 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। सनातन धर्म में पंचांग का अत्यधिक महत्व है। किसी भी शुभ कार्य या पूजा-पाठ की शुरुआत से पहले पंचांग से शुभ मुहूर्त, तिथि, नक्षत्र आदि का ध्यान रखा जाता है। राहुकाल या भद्राकाल जैसे अशुभ समय में महत्वपूर्ण कार्य वर्जित माने जाते हैं। आइए जानते हैं 9 जनवरी, दिन शुक्रवार का संपूर्ण पंचांग।

पंचांग के पांच मुख्य अंग तिथि, वार, नक्षत्र, योग और करण होते हैं। इनका ध्यान रखते हुए कार्य करने से सफलता प्राप्त होती है। ज्योतिष विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि शुभ मुहूर्त में कार्य करना चाहिए और अशुभ समय से बचना चाहिए।

दृक पंचांग के अनुसार, 9 जनवरी को शुक्रवार है। माघ मास के कृष्ण पक्ष की सप्तमी तिथि पूरी रात तक रहेगी। इसके बाद अष्टमी तिथि आरंभ होगी। इस दिन सूर्य धनु राशि में और चंद्रमा कन्या राशि में गोचर करेंगे।

सूर्योदय सुबह 7 बजकर 15 मिनट पर और सूर्यास्त शाम 5 बजकर 41 मिनट पर होगा। उत्तराफाल्गुनी नक्षत्र दोपहर 1 बजकर 40 मिनट तक रहेगा, इसके बाद हस्त नक्षत्र लगेगा। योग शोभन दोपहर 4 बजकर 56 मिनट तक और फिर अतिगंड योग रहेगा। करण विष्टि शाम 7 बजकर 39 मिनट तक और फिर बव करण पूरी रात रहेगा।

अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, जो शुभ कार्यों के लिए उत्तम समय है। शुभ कार्य करने वालों को राहुकाल का विशेष ध्यान रखना चाहिए। राहुकाल सुबह 11 बजकर 10 मिनट से दोपहर 12 बजकर 28 मिनट तक रहेगा। इस समय कोई नया या महत्वपूर्ण कार्य आरंभ न करें, क्योंकि राहुकाल में किए गए काम में बाधाएं आ सकती हैं।

शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित है। इस दिन विष्णुप्रिया की पूजा से घर में धन-समृद्धि और सुख-शांति आती है। पूजा के लिए सुबह स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें। घर के पूजा स्थल में माता लक्ष्मी की प्रतिमा या फोटो की विधिवत पूजा करें। माता के सामने दीपक जलाएं और धूप-अगरबत्ती दिखाएं।

माता लक्ष्मी को इत्र, अबीर-बुक्का, कमल का फूल, लाल या पीले फूल, फल, सफेद मिठाई और दूध का प्रसाद अर्पित करें। इसके बाद 'ओम श्रीं ह्रीं क्लीं महालक्ष्म्यै नमः' मंत्र का जाप करें। लक्ष्मी चालीसा, कनक धारा या सूक्त पाठ करें। प्रसाद के रूप में खीर या हलवा बनाएं। शाम को दीपक जलाकर आरती करें। पूजा के बाद प्रसाद बांटें और दान करें। नियमित रूप से शुक्रवार व्रत रखने से माता लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं और आर्थिक संकट दूर होते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पंचांग का महत्व केवल धार्मिक नहीं है, बल्कि यह हमारी दैनिक जीवन में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। सही समय पर शुभ कार्य करने से व्यक्ति को मानसिक शांति और सकारात्मकता मिलती है।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

9 जनवरी का पंचांग क्या है?
9 जनवरी का पंचांग माघ मास की सप्तमी तिथि, शुभ मुहूर्त और राहुकाल के बारे में जानकारी देता है।
अभिजीत मुहूर्त का समय क्या है?
अभिजीत मुहूर्त 9 जनवरी को दोपहर 12 बजकर 7 मिनट से 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा।
शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा कैसे करें?
शुक्रवार को माता लक्ष्मी की पूजा के लिए स्नान कर स्वच्छ वस्त्र पहनें और उचित विधि से पूजा करें।
शुभ कार्य के लिए क्या ध्यान रखें?
शुभ कार्य करते समय शुभ मुहूर्त का ध्यान रखना चाहिए और राहुकाल में कार्य नहीं करना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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