भाजपा आरक्षण खत्म नहीं करेगी, महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना लक्ष्य: एसपी सिंह बघेल
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय मंत्री एस.पी. सिंह बघेल ने 25 जून 2026 को आगरा में कांग्रेस और विपक्षी दलों द्वारा भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर लगाए जा रहे आरक्षण-विरोधी आरोपों को पूरी तरह नकार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि BJP का एकमात्र उद्देश्य महिलाओं को लोकसभा और विधानसभाओं में अधिक राजनीतिक प्रतिनिधित्व दिलाना है, न कि किसी वर्ग के आरक्षण को समाप्त करना।
बघेल का स्पष्टीकरण: दो-तिहाई बहुमत का असली मकसद
बघेल ने कहा, 'भाजपा ने कभी भी आरक्षण समाप्त करने की बात नहीं की है। जब पार्टी जनता से दो-तिहाई बहुमत मांगती है तो उसका उद्देश्य आरक्षण खत्म करना नहीं, बल्कि महिलाओं को राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना है। लोकसभा और विधानसभा में महिला आरक्षण को लागू करने की दिशा में भाजपा ने महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं, जिससे देश की आधी आबादी को निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी का अवसर मिलेगा।'
उन्होंने सामाजिक संदर्भ देते हुए जोड़ा, 'भारत जैसे देश में जहां लंबे समय तक घूंघट प्रथा, पर्दा प्रथा, सती प्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियाँ मौजूद रही हैं और महिलाओं को बराबरी का दर्जा नहीं मिला, वहां महिलाओं को राजनीतिक प्रतिनिधित्व देना सामाजिक परिवर्तन की दिशा में बड़ा कदम है।'
सामाजिक समावेशन पर BJP का दावा
केंद्रीय मंत्री ने दावा किया कि वर्तमान में BJP के पास अनुसूचित जाति, पिछड़ा वर्ग और अन्य आरक्षित वर्गों से आने वाले जनप्रतिनिधियों की संख्या सर्वाधिक है। उन्होंने कहा कि पार्टी के कई सांसद, विधायक, मुख्यमंत्री और राज्यपाल आरक्षित एवं पिछड़े वर्गों से आते हैं, जो सामाजिक समावेशन के प्रति BJP की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
विपक्ष पर दुष्प्रचार का आरोप
बघेल ने विपक्ष पर जनता को भ्रमित करने का सीधा आरोप लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले भी यह प्रचार किया गया था कि BJP बहुमत मिलने पर संविधान और आरक्षण व्यवस्था बदल देगी — परंतु ऐसा नहीं हुआ। उनके अनुसार, आलोचकों का यह आख्यान तथ्यहीन है और केवल राजनीतिक ध्रुवीकरण के लिए फैलाया जा रहा है।
राम मंदिर दानपेटी विवाद पर प्रतिक्रिया
इसी अवसर पर बघेल ने स्वामी प्रसाद मौर्य द्वारा राम मंदिर की दानपेटी में कथित अनियमितताओं को लेकर दिए गए बयान की भी निंदा की। उन्होंने कहा कि कुछ लोग केवल चर्चा में बने रहने के लिए विवादास्पद बयान देते हैं और समाज में विभाजन पैदा करने की कोशिश करते हैं। बघेल ने स्पष्ट किया कि भगवान राम करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के केंद्र हैं और उनसे जुड़े अनावश्यक विवाद उचित नहीं हैं।
आगे की राजनीतिक दिशा
यह ऐसे समय में आया है जब महिला आरक्षण विधेयक के क्रियान्वयन को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ है और परिसीमन प्रक्रिया पूरी होने तक इसे लागू नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि इस मुद्दे पर BJP और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला आने वाले चुनावी मौसम में और तेज़ होने की संभावना है।