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अभिषेक बनर्जी के आमतला पार्टी कार्यालय पर दूसरे दिन भी बुलडोजर, डिजिटल लॉक और फाइलों से भरे ट्रंक मिले

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अभिषेक बनर्जी के आमतला पार्टी कार्यालय पर दूसरे दिन भी बुलडोजर, डिजिटल लॉक और फाइलों से भरे ट्रंक मिले

सारांश

अभिषेक बनर्जी के आमतला पार्टी कार्यालय पर दूसरे दिन भी बुलडोजर चला — लेकिन असली चौंकाने वाली बात इमारत के भीतर मिली: हर मंजिल पर अत्याधुनिक डिजिटल लॉक और फाइलों से भरे ट्रंक। एक जिला पार्टी दफ्तर में इतनी उन्नत सुरक्षा व्यवस्था ने सवालों की झड़ी लगा दी है।

मुख्य बातें

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के दक्षिण 24 परगना के आमतला स्थित पाँच मंजिला पार्टी कार्यालय पर रविवार को लगातार दूसरे दिन ध्वस्तीकरण कार्रवाई जारी रही।
अभियान में जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग, जिला पुलिस और CAPF की संयुक्त टीम शामिल है।
इमारत की हर मंजिल पर अत्याधुनिक डिजिटल लॉक मिले, जिन्हें खोलने के लिए अग्निशमन विभाग के विशेष कर्मचारियों की मदद लेनी पड़ी।
ध्वस्तीकरण के दौरान फाइलों से भरे कई ट्रंक बरामद किए गए; दस्तावेजों की प्रकृति पर पुलिस की आधिकारिक चुप्पी।
स्थानीय लोगों के अनुसार कार्यालय में कथित अवैध भूमि कब्जे और 'सेबाश्रय' स्वास्थ्य शिविर से जुड़ी फाइलें रखी थीं — दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं।
जिला प्रशासन ने कथित अवैध निर्माण पर दो नोटिस भेजे थे, जिनका कोई जवाब नहीं आया।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के दक्षिण 24 परगना जिले के आमतला स्थित पाँच मंजिला पार्टी कार्यालय को ध्वस्त करने की कार्रवाई रविवार, 20 जुलाई 2025 को लगातार दूसरे दिन भी जारी रही। शनिवार दोपहर से शुरू हुई यह कार्रवाई जिला प्रशासन की निगरानी में संचालित हो रही है। इमारत पर 'सांसद अभिषेक बनर्जी का कार्यालय' का बोर्ड लगा था।

ध्वस्तीकरण अभियान में कौन शामिल

इस संयुक्त अभियान में दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग, जिला पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की टीमें शामिल हैं। अधिकारियों के अनुसार, जिला प्रशासन ने कथित अवैध निर्माण को लेकर तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व को लगातार दो नोटिस भेजे थे। आरोप है कि इन नोटिसों का कोई जवाब नहीं मिला, जिसके बाद ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।

हर मंजिल पर अत्याधुनिक डिजिटल लॉक

ध्वस्तीकरण के दौरान अधिकारियों को इमारत की सुरक्षा व्यवस्था ने चौंका दिया। इमारत की हर मंजिल पर अत्याधुनिक डिजिटल लॉक लगाए गए थे। एक जिला पुलिस अधिकारी के अनुसार, इस तरह के डिजिटल लॉक आमतौर पर वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के कार्यालयों में गोपनीय दस्तावेजों की सुरक्षा के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं। अधिकारियों ने सवाल उठाया कि एक सांसद के जिला पार्टी कार्यालय में इतनी उन्नत सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता क्यों थी।

इन लॉक को खोलने के लिए राज्य अग्निशमन विभाग के विशेष कर्मचारियों की सहायता लेनी पड़ी, जिन्होंने लॉक तोड़कर कमरों तक पहुँच बनाई।

फाइलों से भरे ट्रंक और स्थानीय दावे

सूत्रों के अनुसार, ध्वस्तीकरण के दौरान टीम को भवन के कुछ कमरों से फाइलों से भरे कई ट्रंक मिले, जिन्हें बाहर निकाला गया। हालाँकि, राज्य पुलिस ने इन ट्रंकों में रखे दस्तावेजों की प्रकृति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।

स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर दावा किया है कि इस कार्यालय में जिले में कथित अवैध भूमि कब्जे से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और अभिषेक बनर्जी की महत्वाकांक्षी 'सेबाश्रय' स्वास्थ्य शिविर से संबंधित फाइलें रखी गई थीं। हालाँकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।

राजनीतिक संदर्भ और आगे की स्थिति

यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और प्रशासनिक तंत्र के बीच तनाव की खबरें सामने आती रही हैं। गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी TMC के भीतर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बाद सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिने जाते हैं। इस ध्वस्तीकरण ने पार्टी के भीतर और विपक्ष में एक साथ प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न की हैं। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि TMC इस मामले में कानूनी रास्ता अपनाती है या प्रशासनिक स्तर पर बातचीत करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

और अब जो दस्तावेज मिले हैं, उनकी जाँच की जिम्मेदारी किसकी होगी। पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल के इतने वरिष्ठ नेता के कार्यालय पर यह कार्रवाई राज्य की आंतरिक राजनीति के किसी बड़े समीकरण का संकेत भी हो सकती है — जिसे मुख्यधारा की कवरेज अभी तक नज़रअंदाज़ कर रही है।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी के आमतला पार्टी कार्यालय पर बुलडोजर कार्रवाई क्यों हुई?
जिला प्रशासन ने इमारत के कथित अवैध निर्माण को लेकर तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व को दो नोटिस भेजे थे, जिनका कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद शनिवार दोपहर से ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू की गई।
ध्वस्तीकरण के दौरान इमारत में क्या मिला?
अधिकारियों को इमारत की हर मंजिल पर अत्याधुनिक डिजिटल लॉक मिले और कुछ कमरों से फाइलों से भरे कई ट्रंक बरामद किए गए। राज्य पुलिस ने इन दस्तावेजों की प्रकृति के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी है।
डिजिटल लॉक को कैसे खोला गया?
डिजिटल लॉक खोलने के लिए राज्य अग्निशमन विभाग के विशेष कर्मचारियों की मदद ली गई, जिन्होंने लॉक तोड़कर कमरों तक पहुँच बनाई।
स्थानीय लोगों ने इस कार्यालय के बारे में क्या दावे किए हैं?
स्थानीय लोगों ने कथित तौर पर दावा किया है कि इस कार्यालय में जिले के कथित अवैध भूमि कब्जे से जुड़े दस्तावेज और 'सेबाश्रय' स्वास्थ्य शिविर से संबंधित फाइलें रखी थीं। हालाँकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
इस ध्वस्तीकरण अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल हैं?
इस संयुक्त अभियान में दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन, अग्निशमन विभाग, जिला पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) शामिल हैं।
राष्ट्र प्रेस
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