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अमताला पार्टी ऑफिस ध्वस्तीकरण: अभिषेक बनर्जी की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट में रविवार को तत्काल सुनवाई

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अमताला पार्टी ऑफिस ध्वस्तीकरण: अभिषेक बनर्जी की याचिका पर कलकत्ता हाईकोर्ट में रविवार को तत्काल सुनवाई

सारांश

अमताला में TMC कार्यालय ध्वस्त — अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। जस्टिस राजा बसु चौधरी की स्पेशल बेंच में रविवार को सुनवाई। प्रशासन का दावा: दो नोटिस के बावजूद कोई जवाब नहीं; बनर्जी ने सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी।

मुख्य बातें

अभिषेक बनर्जी ने अमताला में पार्टी कार्यालय तोड़े जाने के विरुद्ध कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
सुनवाई रविवार, 20 जुलाई को जस्टिस राजा बसु चौधरी की स्पेशल बेंच में होगी।
ध्वस्तीकरण शनिवार को शुरू हुआ और रविवार सुबह तक जारी रहा।
दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने 30 जून और 7 जुलाई को नोटिस भेजे थे, जिनका कोई जवाब नहीं मिला।
अभिषेक बनर्जी ने ज़रूरत पड़ने पर सर्वोच्च न्यायालय जाने की चेतावनी दी।
स्थानीय लोगों ने कार्यालय के कथित तौर पर गैर-कानूनी निर्माण और आपराधिक गतिविधियों से जुड़े होने के आरोप लगाए।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और लोकसभा सदस्य अभिषेक बनर्जी ने दक्षिण 24 परगना जिले के अमताला में अपने पार्टी कार्यालय को तोड़े जाने के विरुद्ध कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की है, जिस पर रविवार, 20 जुलाई को तत्काल सुनवाई होगी। यह मामला उस समय सुर्खियों में आया जब ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शनिवार को शुरू होकर रविवार सुबह तक जारी रही।

मुख्य घटनाक्रम

इस मामले की सुनवाई जस्टिस राजा बसु चौधरी की स्पेशल बेंच में होगी। अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि उन्होंने कलकत्ता हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश के ओएसडी को ईमेल भेजकर ध्वस्तीकरण के सभी वीडियो साक्ष्य संलग्न किए हैं और मामले में तत्काल सुनवाई की अपील की है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि आवश्यक हुआ तो वे इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय तक ले जाने से नहीं हिचकेंगे।

प्रशासन का पक्ष

दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन का दावा है कि कथित अवैध निर्माण के संबंध में दो नोटिस भेजे गए थे — पहला 30 जून को और दूसरा 7 जुलाई को — परंतु दोनों का कोई जवाब नहीं मिला। प्रशासन के अनुसार, नोटिस पाने वाले को 15 जुलाई को जिला कार्यालय में उपस्थित होकर स्पष्टीकरण देना था, जो नहीं दिया गया। प्रशासन का यह भी कहना है कि इमारत वैध बिल्डिंग अनुमोदन योजना के बिना निर्मित की गई थी, जिसके आधार पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।

स्थानीय लोगों के आरोप

स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया है कि TMC से कथित तौर पर जुड़े जहांगीर खान जैसे विवादित व्यक्ति इस कार्यालय से अपनी गतिविधियाँ संचालित करते थे। स्थानीय लोगों का यह भी दावा है कि यह कार्यालय गैर-कानूनी और जबरदस्ती के तरीके से बनाया गया था। हालाँकि, इन आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में TMC और विपक्षी दलों के बीच राजनीतिक तनाव चरम पर है। गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी TMC के भीतर दूसरी सबसे प्रभावशाली आवाज़ माने जाते हैं और उनसे जुड़ी किसी भी घटना का राजनीतिक महत्व स्वाभाविक रूप से बड़ा होता है। यह ध्वस्तीकरण विवाद न्यायपालिका और स्थानीय प्रशासन के बीच शक्ति संतुलन की परीक्षा भी बन सकता है।

आगे क्या होगा

कलकत्ता हाईकोर्ट की स्पेशल बेंच की सुनवाई के नतीजे पर सभी की निगाहें टिकी हैं। यदि हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली, तो अभिषेक बनर्जी के सर्वोच्च न्यायालय जाने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। यह मामला अवैध निर्माण बनाम राजनीतिक उत्पीड़न की बहस को और तेज़ कर सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी परतें कहीं गहरी हैं। जिला प्रशासन के दो नोटिसों का जवाब न देना और फिर हाईकोर्ट का दरवाज़ा खटखटाना — यह अनुक्रम बताता है कि मामला केवल कानूनी नहीं, राजनीतिक भी है। यह पहली बार नहीं है जब पश्चिम बंगाल में राजनीतिक दलों के कार्यालयों को लेकर प्रशासनिक कार्रवाई और न्यायिक हस्तक्षेप का टकराव हुआ हो। असली सवाल यह है कि क्या यह कार्रवाई कानून के शासन का पालन है या राजनीतिक दबाव का औज़ार — और यही परीक्षा कलकत्ता हाईकोर्ट की स्पेशल बेंच को करनी होगी।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अभिषेक बनर्जी ने कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका क्यों दायर की?
अभिषेक बनर्जी ने दक्षिण 24 परगना जिले के अमताला में अपने TMC पार्टी कार्यालय को तोड़े जाने के विरुद्ध कलकत्ता हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने ध्वस्तीकरण के वीडियो साक्ष्य संलग्न कर तत्काल सुनवाई की अपील की।
कलकत्ता हाईकोर्ट में सुनवाई कब और किसके सामने होगी?
सुनवाई रविवार, 20 जुलाई को जस्टिस राजा बसु चौधरी की स्पेशल बेंच में होगी। यह तत्काल सुनवाई अभिषेक बनर्जी की याचिका पर स्वीकृत की गई है।
जिला प्रशासन ने ध्वस्तीकरण का क्या कारण बताया?
दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन का दावा है कि इमारत बिना वैध बिल्डिंग अनुमोदन के बनाई गई थी। प्रशासन ने 30 जून और 7 जुलाई को दो नोटिस भेजे थे, जिनका कोई जवाब नहीं मिला और 15 जुलाई को उपस्थित होने का निर्देश भी नजरअंदाज किया गया।
क्या अभिषेक बनर्जी सुप्रीम कोर्ट भी जा सकते हैं?
हाँ, अभिषेक बनर्जी ने स्पष्ट कहा है कि यदि कलकत्ता हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली, तो वे इस मामले को सर्वोच्च न्यायालय तक ले जाएंगे।
स्थानीय लोगों ने इस पार्टी कार्यालय के बारे में क्या आरोप लगाए हैं?
स्थानीय निवासियों ने कथित तौर पर आरोप लगाया है कि TMC से जुड़े जहांगीर खान जैसे विवादित व्यक्ति इस कार्यालय से गतिविधियाँ चलाते थे और इसे गैर-कानूनी तरीके से बनाया गया था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राष्ट्र प्रेस
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