एसी 18 डिग्री पर ज़्यादा ठंडा नहीं देता, 24°C है सही तापमान — पर्यावरण मंत्रालय
सारांश
मुख्य बातें
भारत सरकार के पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने एयर कंडीशनर के उपयोग को लेकर फैले आम भ्रमों को दूर करते हुए स्पष्ट किया है कि 18 डिग्री सेल्सियस पर एसी चलाना न तो अधिक ठंडक देता है और न ही किफ़ायती है। मंत्रालय के अनुसार, 24 डिग्री सेल्सियस पर एसी चलाना आरामदायक और ऊर्जा-कुशल दोनों है। यह जानकारी ऐसे समय में सामने आई है जब देश के कई राज्यों में तापमान 45 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुँच चुका है और बिजली की माँग अपने चरम पर है।
18 बनाम 24 डिग्री — असली फ़र्क क्या है
मंत्रालय ने बताया कि एसी का तापमान एक डिग्री सेल्सियस बढ़ाने से लगभग 6 प्रतिशत बिजली की बचत होती है। इस हिसाब से 18 डिग्री की जगह 24 डिग्री पर एसी चलाने से बिजली खपत में करीब 36 प्रतिशत तक की कमी आ सकती है। मंत्रालय का कहना है कि कमरे को ठंडा करने की क्षमता तापमान सेटिंग से नहीं, बल्कि एसी की क्षमता (टन) और कमरे के इन्सुलेशन पर निर्भर करती है।
मंत्रालय ने इस संदर्भ में कहा, 'समझदारी से कूल रहें, ज़ोर लगाकर नहीं।' बेहद कम तापमान पर एसी चलाने से न केवल बिजली का अनावश्यक खर्च होता है, बल्कि अचानक गर्म वातावरण से ठंडे कमरे में जाने पर सर्दी-जुकाम और अन्य स्वास्थ्य समस्याएँ भी हो सकती हैं।
स्टैंडबाय मोड भी खींचता है बिजली
मंत्रालय ने एक अन्य प्रचलित भ्रम को भी दूर किया — कि रिमोट से बंद किया गया एसी या टीवी बिजली नहीं खाता। वास्तव में, स्टैंडबाय मोड में भी ये उपकरण लगातार बिजली की खपत करते रहते हैं। मंत्रालय की सलाह है कि उपयोग के बाद इन उपकरणों का प्लग दीवार के सॉकेट से निकाल दें, ताकि बिना काम की बिजली की बर्बादी रोकी जा सके।
गर्मी में ऊर्जा बचत के लिए मंत्रालय की अपील
पर्यावरण मंत्रालय ने नागरिकों से कई व्यावहारिक उपाय अपनाने की अपील की है। इनमें प्रमुख हैं — एसी का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस पर रखना, धूप रोकने के लिए पर्दे बंद रखना, दरवाज़े और खिड़कियाँ बंद रखना ताकि बाहर की गर्म हवा अंदर न आए, और एसी के फ़िल्टर नियमित रूप से साफ़ करना जिससे उसकी दक्षता बनी रहे।
पर्यावरण पर असर और जलवायु संदर्भ
मंत्रालय ने यह भी रेखांकित किया कि एसी का सही उपयोग केवल बिजली बिल घटाने तक सीमित नहीं है — यह कार्बन उत्सर्जन में कमी और जलवायु परिवर्तन से मुकाबले में भी योगदान देता है। गौरतलब है कि भारत में गर्मियों के दौरान बिजली की माँग में भारी उछाल आता है, जो थर्मल पावर प्लांट्स पर दबाव बढ़ाता है। ऐसे में छोटी-छोटी आदतें मिलकर बड़ा बदलाव ला सकती हैं।
आगे क्या करें उपभोक्ता
मंत्रालय की सिफ़ारिशें सरल और तुरंत लागू करने योग्य हैं। उपभोक्ता आज से ही एसी की सेटिंग 24°C पर करके और स्टैंडबाय की आदत छोड़कर अपने बिजली बिल में उल्लेखनीय कमी ला सकते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि देशभर में यह बदलाव व्यापक स्तर पर अपनाया जाए, तो पीक-ग्रिड लोड में भी उल्लेखनीय राहत मिल सकती है।