अग्निपथ स्कीम: असम के बोडोलैंड से 50 बोडो युवाओं का भारतीय सेना में चयन
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय सेना की भर्ती-पूर्व प्रशिक्षण पहल के सार्थक परिणाम सामने आए हैं — असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (बीटीआर) से 50 बोडो युवाओं को अग्निपथ भर्ती स्कीम के तहत भारतीय सेना में शामिल होने के जॉइनिंग लेटर मिल चुके हैं। अधिकारियों ने रविवार, 7 जून को यह जानकारी दी।
सम्मान समारोह और प्रमुख उपस्थिति
चयनित उम्मीदवारों को सम्मानित करने के लिए उदलगुरी जिले के उदलगुरी हायर सेकेंडरी स्कूल में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम नागरिक समाज संगठनों और सरकार के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ। इसमें बीटीआर के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव मेंबर रिहोन दैमारी विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने स्थानीय युवाओं को सशक्त बनाने की सेना की प्रतिबद्धता की सराहना की।
मुख्य भर्ती प्रक्रिया: कैसे हुआ चयन
भर्ती की यह यात्रा 23 नवंबर 2024 को आयोजित एक भर्ती-पूर्व रैली से शुरू हुई। इससे पहले, सेना ने क्षेत्र के 30 शिक्षण संस्थानों में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए, जिनके ज़रिए 2,000 से अधिक छात्रों तक पहुँच बनाई गई।
स्क्रीनिंग और मॉक टेस्ट के बाद 343 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिन्हें 'रेड हॉर्न्स गनर्स' की देखरेख में व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया गया। इनमें से 234 उम्मीदवारों ने कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया।
इसके बाद सफल उम्मीदवारों ने सेना की समर्पित टीमों की निगरानी में कड़ा शारीरिक प्रशिक्षण पूरा किया। 13 से 15 फरवरी 2025 के बीच आयोजित अंतिम फिजिकल टेस्ट में 119 पुरुष उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए, जिनमें से 50 को अब तक जॉइनिंग लेटर प्राप्त हो चुके हैं।
सरकार और सेना की प्रतिक्रिया
समारोह में बोलते हुए रिहोन दैमारी ने कहा कि यह पहल राष्ट्र-निर्माण और युवा सशक्तिकरण में सेना, नागरिक प्रशासन और स्थानीय समुदायों के बीच मज़बूत साझेदारी को दर्शाती है। उन्होंने प्रशिक्षकों और मेंटर्स के समर्पण की भी विशेष सराहना की।
सेना के अधिकारियों ने बताया कि इस सम्मान समारोह का उद्देश्य न केवल चयनित उम्मीदवारों की उपलब्धियों का उत्सव मनाना था, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करना था।
आम जनता और समुदाय पर असर
गौरतलब है कि बीटीआर एक ऐसा क्षेत्र रहा है जहाँ दशकों तक अशांति की छाया रही। ऐसे में भारतीय सेना की यह भर्ती पहल स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भर्ती से जुड़ी पहलों के अलावा, सेना नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर खेल प्रतियोगिताओं, स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और पर्यावरण जागरूकता अभियान जैसे सामुदायिक विकास कार्यक्रम भी संचालित करती रहती है।
क्या होगा आगे
अधिकारियों के अनुसार, शेष चयनित उम्मीदवारों को भी शीघ्र ही जॉइनिंग लेटर जारी किए जाने की उम्मीद है। यह सफलता बीटीआर में भविष्य की भर्ती पहलों के लिए एक मज़बूत आधार तैयार करती है।