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अग्निपथ स्कीम: असम के बोडोलैंड से 50 बोडो युवाओं का भारतीय सेना में चयन

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अग्निपथ स्कीम: असम के बोडोलैंड से 50 बोडो युवाओं का भारतीय सेना में चयन

सारांश

असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन में भारतीय सेना की भर्ती-पूर्व प्रशिक्षण मुहिम रंग लाई — 2,000 से अधिक छात्रों तक पहुँच, 343 की ट्रेनिंग और अंततः 50 बोडो युवाओं को अग्निपथ स्कीम के तहत जॉइनिंग लेटर। यह पहल क्षेत्र में सेना और समुदाय की साझेदारी की नई मिसाल है।

मुख्य बातें

50 बोडो युवाओं को अग्निपथ स्कीम के तहत भारतीय सेना में शामिल होने के जॉइनिंग लेटर मिले।
भर्ती प्रक्रिया 23 नवंबर 2024 की भर्ती-पूर्व रैली से शुरू हुई; 30 संस्थानों के 2,000+ छात्रों तक पहुँच बनाई गई।
343 शॉर्टलिस्ट उम्मीदवारों में से 234 ने कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन पास किया; 119 फिजिकल टेस्ट में उत्तीर्ण।
प्रशिक्षण 'रेड हॉर्न्स गनर्स' की देखरेख में निर्धारित केंद्रों पर आयोजित किया गया।
बीटीआर डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव मेंबर रिहोन दैमारी ने उदलगुरी में आयोजित सम्मान समारोह में सेना की प्रतिबद्धता की सराहना की।

भारतीय सेना की भर्ती-पूर्व प्रशिक्षण पहल के सार्थक परिणाम सामने आए हैं — असम के बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (बीटीआर) से 50 बोडो युवाओं को अग्निपथ भर्ती स्कीम के तहत भारतीय सेना में शामिल होने के जॉइनिंग लेटर मिल चुके हैं। अधिकारियों ने रविवार, 7 जून को यह जानकारी दी।

सम्मान समारोह और प्रमुख उपस्थिति

चयनित उम्मीदवारों को सम्मानित करने के लिए उदलगुरी जिले के उदलगुरी हायर सेकेंडरी स्कूल में एक विशेष सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम नागरिक समाज संगठनों और सरकार के संयुक्त प्रयास से संपन्न हुआ। इसमें बीटीआर के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव मेंबर रिहोन दैमारी विशेष रूप से उपस्थित रहे और उन्होंने स्थानीय युवाओं को सशक्त बनाने की सेना की प्रतिबद्धता की सराहना की।

मुख्य भर्ती प्रक्रिया: कैसे हुआ चयन

भर्ती की यह यात्रा 23 नवंबर 2024 को आयोजित एक भर्ती-पूर्व रैली से शुरू हुई। इससे पहले, सेना ने क्षेत्र के 30 शिक्षण संस्थानों में बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाए, जिनके ज़रिए 2,000 से अधिक छात्रों तक पहुँच बनाई गई।

स्क्रीनिंग और मॉक टेस्ट के बाद 343 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया, जिन्हें 'रेड हॉर्न्स गनर्स' की देखरेख में व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया गया। इनमें से 234 उम्मीदवारों ने कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन सफलतापूर्वक उत्तीर्ण किया।

इसके बाद सफल उम्मीदवारों ने सेना की समर्पित टीमों की निगरानी में कड़ा शारीरिक प्रशिक्षण पूरा किया। 13 से 15 फरवरी 2025 के बीच आयोजित अंतिम फिजिकल टेस्ट में 119 पुरुष उम्मीदवार उत्तीर्ण हुए, जिनमें से 50 को अब तक जॉइनिंग लेटर प्राप्त हो चुके हैं।

सरकार और सेना की प्रतिक्रिया

समारोह में बोलते हुए रिहोन दैमारी ने कहा कि यह पहल राष्ट्र-निर्माण और युवा सशक्तिकरण में सेना, नागरिक प्रशासन और स्थानीय समुदायों के बीच मज़बूत साझेदारी को दर्शाती है। उन्होंने प्रशिक्षकों और मेंटर्स के समर्पण की भी विशेष सराहना की।

सेना के अधिकारियों ने बताया कि इस सम्मान समारोह का उद्देश्य न केवल चयनित उम्मीदवारों की उपलब्धियों का उत्सव मनाना था, बल्कि क्षेत्र के अन्य युवाओं को भी सेना में भर्ती के लिए प्रेरित करना था।

आम जनता और समुदाय पर असर

गौरतलब है कि बीटीआर एक ऐसा क्षेत्र रहा है जहाँ दशकों तक अशांति की छाया रही। ऐसे में भारतीय सेना की यह भर्ती पहल स्थानीय युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। भर्ती से जुड़ी पहलों के अलावा, सेना नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर खेल प्रतियोगिताओं, स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और पर्यावरण जागरूकता अभियान जैसे सामुदायिक विकास कार्यक्रम भी संचालित करती रहती है।

क्या होगा आगे

अधिकारियों के अनुसार, शेष चयनित उम्मीदवारों को भी शीघ्र ही जॉइनिंग लेटर जारी किए जाने की उम्मीद है। यह सफलता बीटीआर में भविष्य की भर्ती पहलों के लिए एक मज़बूत आधार तैयार करती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

अग्निपथ स्कीम को लेकर राष्ट्रीय स्तर पर जो बहस जारी है, उसके बीच बीटीआर जैसे संवेदनशील क्षेत्र में इसकी स्वीकार्यता एक सकारात्मक संकेत है — लेकिन दीर्घकालिक प्रभाव चार साल की सेवा के बाद पुनर्वास और रोज़गार की उपलब्धता पर भी निर्भर करेगा।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अग्निपथ स्कीम के तहत बोडो युवाओं का चयन कैसे हुआ?
भारतीय सेना ने बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन में 30 शिक्षण संस्थानों में जागरूकता अभियान चलाकर 2,000 से अधिक छात्रों तक पहुँच बनाई। 23 नवंबर 2024 की भर्ती-पूर्व रैली के बाद 343 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण दिया गया, जिनमें से 119 फिजिकल टेस्ट में सफल हुए और 50 को जॉइनिंग लेटर मिले।
सम्मान समारोह कहाँ और किसकी उपस्थिति में आयोजित हुआ?
यह समारोह उदलगुरी जिले के उदलगुरी हायर सेकेंडरी स्कूल में आयोजित किया गया। बीटीआर के डिप्टी चीफ एग्जीक्यूटिव मेंबर रिहोन दैमारी सहित नागरिक समाज संगठनों और सरकारी प्रतिनिधियों ने इसमें भाग लिया।
'रेड हॉर्न्स गनर्स' की इस भर्ती में क्या भूमिका रही?
'रेड हॉर्न्स गनर्स' ने शॉर्टलिस्ट किए गए 343 उम्मीदवारों को निर्धारित केंद्रों पर व्यवस्थित प्रशिक्षण कार्यक्रम में शामिल किया। इनकी देखरेख में उम्मीदवारों ने कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन और अंतिम फिजिकल टेस्ट की तैयारी की।
बोडोलैंड में सेना अन्य कौन-से सामुदायिक कार्यक्रम चलाती है?
भर्ती पहलों के अलावा भारतीय सेना नागरिक प्रशासन के साथ मिलकर खेल प्रतियोगिताएँ, स्किल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट और पर्यावरण जागरूकता अभियान जैसे सामुदायिक विकास कार्यक्रम भी संचालित करती है।
अग्निपथ स्कीम क्या है और इसका उद्देश्य क्या है?
अग्निपथ स्कीम भारत सरकार की एक सैन्य भर्ती योजना है जिसके तहत युवाओं को चार वर्षों के लिए सशस्त्र बलों में 'अग्निवीर' के रूप में भर्ती किया जाता है। इसका उद्देश्य सेना में युवा जनशक्ति को शामिल करना और देशभर के युवाओं को राष्ट्रीय सेवा का अवसर देना है।
राष्ट्र प्रेस
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