अहमदाबाद पुलिस ने 149वीं रथ यात्रा में बिछड़े 64 बच्चों को परिवारों से मिलाया, 17 सहायता केंद्र रहे मददगार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद नगर पुलिस ने 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा के दौरान भीड़ में अपने परिजनों से बिछड़ गए 64 बच्चों को सुरक्षित रूप से उनके माता-पिता और अभिभावकों के हवाले कर दिया। 17 जुलाई को अधिकारियों ने बताया कि जुलूस मार्ग पर 17 जन सहायता केंद्र स्थापित किए गए थे, जिन्होंने इस पूरी प्रक्रिया में केंद्रीय भूमिका निभाई।
सहायता केंद्रों का नेटवर्क
पुलिस ने रथ यात्रा के पारंपरिक मार्ग पर कई प्रमुख स्थानों पर अस्थायी जन सहायता केंद्र बनाए। इनमें जमालपुर स्थित जगन्नाथ मंदिर के पास, खमासा चौराहा, रायपुर पुलिस चौकी, पंचकुवा गेट, कालूपुर सर्कल ट्रैफिक चौकी, सरसपुर विसामो, प्रेम दरवाजा पुलिस चौकी, तंबू पुलिस चौकी, दिल्ली चकला, शाहपुर गेट और रंगीला पुलिस चौकी सहित अन्य स्थान शामिल थे। प्रत्येक केंद्र पर तैनात पुलिस कर्मियों ने लाउडस्पीकर के ज़रिए लगातार घोषणाएँ कर श्रद्धालुओं का मार्गदर्शन किया।
थाना-वार बच्चों का विवरण
अधिकारियों के अनुसार, सर्वाधिक 41 बच्चे गायकवाड़ हवेली पुलिस थाना क्षेत्र से मिले, जबकि शहरकोटदा पुलिस थाना क्षेत्र से 21 बच्चे चिह्नित किए गए। कालूपुर और शाहपुर पुलिस थाना क्षेत्रों से एक-एक बच्चे की पहचान की गई। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी 64 बच्चों को उनके परिवारों को सुरक्षित सौंप दिया गया।
149वीं रथ यात्रा: आस्था का महापर्व
149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा गुरुवार को अहमदाबाद के जमालपुर क्षेत्र में स्थित लगभग 400 वर्ष पुराने जगन्नाथ मंदिर से शुरू हुई। भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के रथ जब पुराने शहर से गुजरे, तो मार्ग पर लाखों श्रद्धालु दर्शन और प्रार्थना के लिए उमड़ पड़े। यह यात्रा पुरी के बाहर भारत की सबसे बड़ी रथ यात्राओं में से एक मानी जाती है।
वीआईपी उपस्थिति
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जुलूस शुरू होने से पहले मंगला आरती में भाग लिया। गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने पारंपरिक 'पाहिंद विधि' का पालन करते हुए प्रतीकात्मक रूप से रथों के आगे के मार्ग की सफाई की — यह सदियों पुरानी परंपरा का निर्वाह था।
आगे की तैयारी
इस वर्ष की सफल व्यवस्था यह दर्शाती है कि बड़े धार्मिक आयोजनों में पूर्व-नियोजित सहायता ढाँचा भीड़ प्रबंधन में कितना प्रभावी हो सकता है। अधिकारियों के अनुसार, आने वाले वर्षों में इस मॉडल को और विस्तार दिया जा सकता है।