149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा: गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अहमदाबाद में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गुरुवार, 16 जुलाई की शाम अहमदाबाद में निकल रही 149वीं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में सक्रिय रूप से भाग लिया और सुरक्षा इंतजामों की व्यक्तिगत समीक्षा की। दारियापुर क्षेत्र में उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक जी.एस. मलिक और अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलौत के साथ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। इस वर्ष की रथ यात्रा के लिए शहर के इतिहास की सबसे व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
तीनों वरिष्ठ अधिकारी दारियापुर स्थित लोलहंडवाला अस्पताल के निकट रथ यात्रा मार्ग पर मौजूद रहे। उन्होंने यात्रा की प्रगति का जायजा लिया और सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन में तैनात अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। रथ यात्रा शुरू होने से पहले उपमुख्यमंत्री संघवी ने डीजीपी मलिक और पुलिस आयुक्त गहलौत के साथ संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की विशेष समीक्षा की थी।
रथ यात्रा का मार्ग और परंपरा
भगवान जगन्नाथ की यह पवित्र यात्रा गुरुवार सुबह जमालपुर स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर से पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बाद आरंभ हुई। यात्रा अपने पारंपरिक 16.2 किलोमीटर लंबे मार्ग से पुराने शहर के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरते हुए देर शाम पुनः मंदिर पहुँचेगी। आषाढ़ी बीज के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली यह रथ यात्रा पुरी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी जगन्नाथ रथ यात्रा मानी जाती है, जिसमें हर साल लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं।
सुरक्षा व्यवस्था
इस वर्ष यात्रा मार्ग पर 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें राज्य पुलिस, राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान शामिल हैं। गौरतलब है कि यह अहमदाबाद की रथ यात्रा के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती में से एक बताई जा रही है।
आधुनिक तकनीक का उपयोग
यात्रा की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली, फेस रिकग्निशन कैमरे, ड्रोन, जीपीएस ट्रैकिंग, बॉडी-वॉर्न कैमरे और एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बड़े धार्मिक आयोजनों में तकनीक-संचालित सुरक्षा प्रबंधन को लेकर राज्य सरकारों का जोर लगातार बढ़ रहा है।
आम जनता पर असर
चिकित्सा सहायता, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए नगर निगम और आपातकालीन सेवाओं की टीमें भी पूरे मार्ग पर तैनात हैं, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रा के शांतिपूर्ण और सुचारु संचालन के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।