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149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा: गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अहमदाबाद में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया

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149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा: गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने अहमदाबाद में सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया

सारांश

अहमदाबाद की 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा इस बार सिर्फ आस्था का उत्सव नहीं — यह राज्य की सुरक्षा क्षमता का भी प्रदर्शन है। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की मौजूदगी, 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी और AI निगरानी प्रणाली — यह संयोजन बताता है कि गुजरात सरकार इस आयोजन को किस गंभीरता से ले रही है।

मुख्य बातें

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने 16 जुलाई को अहमदाबाद की 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा में भाग लिया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की।
मलिक और पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलौत के साथ दारियापुर में यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया गया।
यात्रा मार्ग पर 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात — राज्य पुलिस, एसआरपीएफ और केंद्रीय बल शामिल।
AI निगरानी, फेस रिकग्निशन कैमरे, ड्रोन और GPS ट्रैकिंग जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग।
यात्रा जमालपुर स्थित श्री जगन्नाथ मंदिर से शुरू होकर 16.2 किलोमीटर के पारंपरिक मार्ग से गुजरती है; पुरी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी जगन्नाथ रथ यात्रा।

गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने गुरुवार, 16 जुलाई की शाम अहमदाबाद में निकल रही 149वीं भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा में सक्रिय रूप से भाग लिया और सुरक्षा इंतजामों की व्यक्तिगत समीक्षा की। दारियापुर क्षेत्र में उन्होंने राज्य के पुलिस महानिदेशक जी.एस. मलिक और अहमदाबाद पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलौत के साथ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया। इस वर्ष की रथ यात्रा के लिए शहर के इतिहास की सबसे व्यापक सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक की गई है।

मुख्य घटनाक्रम

तीनों वरिष्ठ अधिकारी दारियापुर स्थित लोलहंडवाला अस्पताल के निकट रथ यात्रा मार्ग पर मौजूद रहे। उन्होंने यात्रा की प्रगति का जायजा लिया और सुरक्षा व भीड़ प्रबंधन में तैनात अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। रथ यात्रा शुरू होने से पहले उपमुख्यमंत्री संघवी ने डीजीपी मलिक और पुलिस आयुक्त गहलौत के साथ संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्थाओं की विशेष समीक्षा की थी।

रथ यात्रा का मार्ग और परंपरा

भगवान जगन्नाथ की यह पवित्र यात्रा गुरुवार सुबह जमालपुर स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर से पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बाद आरंभ हुई। यात्रा अपने पारंपरिक 16.2 किलोमीटर लंबे मार्ग से पुराने शहर के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरते हुए देर शाम पुनः मंदिर पहुँचेगी। आषाढ़ी बीज के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित होने वाली यह रथ यात्रा पुरी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी जगन्नाथ रथ यात्रा मानी जाती है, जिसमें हर साल लाखों श्रद्धालु उमड़ते हैं।

सुरक्षा व्यवस्था

इस वर्ष यात्रा मार्ग पर 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें राज्य पुलिस, राज्य रिजर्व पुलिस बल (एसआरपीएफ) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के जवान शामिल हैं। गौरतलब है कि यह अहमदाबाद की रथ यात्रा के इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती में से एक बताई जा रही है।

आधुनिक तकनीक का उपयोग

यात्रा की निगरानी के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित निगरानी प्रणाली, फेस रिकग्निशन कैमरे, ड्रोन, जीपीएस ट्रैकिंग, बॉडी-वॉर्न कैमरे और एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर जैसी आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है। यह ऐसे समय में आया है जब बड़े धार्मिक आयोजनों में तकनीक-संचालित सुरक्षा प्रबंधन को लेकर राज्य सरकारों का जोर लगातार बढ़ रहा है।

आम जनता पर असर

चिकित्सा सहायता, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक सेवाओं के लिए नगर निगम और आपातकालीन सेवाओं की टीमें भी पूरे मार्ग पर तैनात हैं, ताकि लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। यात्रा के शांतिपूर्ण और सुचारु संचालन के लिए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

000 से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती और AI निगरानी प्रणाली का उपयोग राज्य सरकार की सतर्कता दर्शाता है, लेकिन यह सवाल भी उठाता है कि इतने विशाल धार्मिक आयोजन में तकनीक और मानव-बल का यह संतुलन कितना टिकाऊ और सुलभ है। उपमुख्यमंत्री की व्यक्तिगत उपस्थिति राजनीतिक संदेश भी देती है — धार्मिक आयोजनों में सरकारी नेतृत्व की दृश्यता गुजरात की भाजपा सरकार की परंपरागत रणनीति रही है। असली कसौटी यह होगी कि लाखों श्रद्धालुओं के बीच यह व्यवस्था धरातल पर कितनी कारगर साबित होती है।
RashtraPress
16 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अहमदाबाद की 149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा कब और कहाँ से शुरू हुई?
149वीं जगन्नाथ रथ यात्रा 16 जुलाई को अहमदाबाद के जमालपुर स्थित ऐतिहासिक श्री जगन्नाथ मंदिर से पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठानों के बाद आरंभ हुई। यह यात्रा 16.2 किलोमीटर लंबे पारंपरिक मार्ग से पुराने शहर के विभिन्न इलाकों से होकर गुजरती है।
अहमदाबाद रथ यात्रा 2025 में सुरक्षा के क्या इंतजाम किए गए हैं?
यात्रा मार्ग पर 30,000 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं, जिनमें राज्य पुलिस, एसआरपीएफ और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल शामिल हैं। इसके अलावा AI निगरानी प्रणाली, फेस रिकग्निशन कैमरे, ड्रोन, GPS ट्रैकिंग और एकीकृत कमांड एंड कंट्रोल सेंटर का उपयोग किया जा रहा है।
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी रथ यात्रा में क्यों शामिल हुए?
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने रथ यात्रा में भाग लेकर सुरक्षा व्यवस्था की व्यक्तिगत समीक्षा की और अधिकारियों को यात्रा के शांतिपूर्ण व सुचारु संचालन के निर्देश दिए। उन्होंने डीजीपी जी.एस. मलिक और पुलिस आयुक्त अनुपम सिंह गहलौत के साथ दारियापुर में संवेदनशील स्थानों का निरीक्षण किया।
अहमदाबाद की रथ यात्रा देश में कितनी बड़ी है?
अहमदाबाद की जगन्नाथ रथ यात्रा पुरी के बाद देश की दूसरी सबसे बड़ी जगन्नाथ रथ यात्रा मानी जाती है। आषाढ़ी बीज के अवसर पर प्रतिवर्ष आयोजित इस यात्रा में लाखों श्रद्धालु शामिल होते हैं।
रथ यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं के लिए क्या सुविधाएँ हैं?
चिकित्सा सहायता, यातायात प्रबंधन और आवश्यक सेवाओं के लिए नगर निगम और आपातकालीन सेवाओं की टीमें पूरे 16.2 किलोमीटर के मार्ग पर तैनात हैं। इसका उद्देश्य लाखों श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा से बचाना है।
राष्ट्र प्रेस
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