एम्स अवंतीपोरा: जेपी नड्डा ने दिसंबर 2026 तक ओपीडी शुरू करने के निर्देश दिए, मार्च 2027 तक निर्माण पूरा होगा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश (जेपी) नड्डा ने 5 नवंबर 2026 को जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में स्थापित हो रहे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण और परिचालन की दिशा में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा की। बैठक में उन्हें बताया गया कि सभी मुख्य इमारतें बनकर तैयार हो चुकी हैं और दिसंबर 2026 तक ओपीडी सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित है।
निर्माण की मौजूदा स्थिति
समीक्षा बैठक में जेपी नड्डा को बताया गया कि एम्स अवंतीपोरा का निर्माण कार्य समापन के करीब है। चरण-1 के अंतर्गत ओपीडी रजिस्ट्रेशन ब्लॉक, ओपीडी ब्लॉक, आवासीय इमारतें और हॉस्टल पूरी हो चुकी हैं। इन्वेंट्री के सत्यापन और औपचारिक हैंडओवर की प्रक्रिया सक्रिय रूप से चल रही है।
नड्डा ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) और परियोजना से जुड़ी सभी एजेंसियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि साइट की कठिन भौगोलिक स्थितियों और चुनौतियों के बावजूद परियोजना को इस मुकाम तक पहुँचाना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को मार्च 2027 तक शेष सभी निर्माण कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।
चिकित्सा उपकरण और खरीद प्रक्रिया
बैठक में यह जानकारी दी गई कि ₹59.41 करोड़ की लागत वाले 180 चिकित्सा उपकरणों की खरीद को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 140 मदों के लिए 'नोटिस ऑफ अवार्ड' — यानी ठेका देने संबंधी सूचना — जारी किए जा चुके हैं।
नड्डा ने निर्देश दिया कि ओपीडी उपकरणों, प्रयोगशाला के उपकरणों, चिकित्सा और प्रशासनिक फर्नीचर की खरीद प्रक्रिया में तेज़ी लाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया कि ओपीडी सेवाएं शुरू करने के लिए आवश्यक सभी संसाधनों की खरीद को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।
भर्ती और मानव संसाधन
स्वास्थ्य मंत्री ने भर्ती की प्रगति की समीक्षा करते हुए एम्स अवंतीपोरा के कार्यकारी निदेशक और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने फैकल्टी भर्ती में तेज़ी लाने और गैर-फैकल्टी पदों को भी जल्द भरने के निर्देश दिए, ताकि ओपीडी व अन्य सेवाएं सुचारू रूप से शुरू हो सकें।
मंत्रालय ने ओपीडी और उससे जुड़ी सेवाओं के लिए विभिन्न श्रेणियों में कुल 652 पदों पर नियुक्तियों को मंजूरी दी है, जिनमें 150 सुरक्षा कर्मी, अस्पताल अटेंडेंट, हाउसकीपिंग और साफ-सफाई कर्मचारी शामिल हैं।
सेवाएं शुरू करने का रोडमैप
एम्स अवंतीपोरा के लिए एक चरणबद्ध परिचालन रोडमैप तय किया गया है। दिसंबर 2026 से पहले ओपीडी सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य है। आईपीडी (इन-पेशेंट) सेवाएं जुलाई 2027 से शुरू होने का प्रस्ताव है, जो आवश्यक बुनियादी ढाँचे और परिचालन प्रबंधों के पूरा होने पर निर्भर करेगा।
इसके अतिरिक्त, शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए एमबीबीएस की कक्षाएं जून-जुलाई 2027 से आरंभ करने का प्रस्ताव है। नड्डा ने HAITES और एम्स अवंतीपोरा के कार्यकारी निदेशक को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
जम्मू-कश्मीर के लिए महत्व
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में गुणवत्तापूर्ण तृतीयक और विशेष चिकित्सा सेवाओं तक पहुँच ऐतिहासिक रूप से सीमित रही है। एम्स अवंतीपोरा के चालू होने से इस क्षेत्र के मरीज़ों को दिल्ली या अन्य शहरों पर निर्भरता कम करने का अवसर मिलेगा। नड्डा ने यह भी रेखांकित किया कि यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करेगा और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा क्षमता के विकास में योगदान देगा।
परिसर की सुरक्षा, परिवहन संपर्क, वेबसाइट विकास और परिचालन साझेदारियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने एम्स अवंतीपोरा, CPWD, HAITES और स्थानीय प्रशासन के बीच प्रभावी समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। आने वाले महीनों में इन लक्ष्यों की पूर्ति यह तय करेगी कि जम्मू-कश्मीर की जनता को यह सुविधा कब तक मिल पाती है।