5 नवंबर 2026
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एम्स अवंतीपोरा: जेपी नड्डा ने दिसंबर 2026 तक ओपीडी शुरू करने के निर्देश दिए, मार्च 2027 तक निर्माण पूरा होगा

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एम्स अवंतीपोरा: जेपी नड्डा ने दिसंबर 2026 तक ओपीडी शुरू करने के निर्देश दिए, मार्च 2027 तक निर्माण पूरा होगा

सारांश

जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में बन रहे एम्स का निर्माण अंतिम चरण में है। स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने दिसंबर 2026 तक ओपीडी, जुलाई 2027 तक आईपीडी और 2027-28 में एमबीबीएस कक्षाएं शुरू करने का लक्ष्य तय किया है — एक क्षेत्र के लिए जो दशकों से उन्नत स्वास्थ्य सुविधाओं की प्रतीक्षा में है।

मुख्य बातें

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने 5 नवंबर 2026 को एम्स अवंतीपोरा की निर्माण प्रगति की समीक्षा की।
एम्स की सभी मुख्य इमारतें तैयार; शेष निर्माण मार्च 2027 तक पूरा करने का निर्देश।
ओपीडी सेवाएं दिसंबर 2026 से और आईपीडी सेवाएं जुलाई 2027 से शुरू होने का लक्ष्य।
एमबीबीएस कक्षाएं शैक्षणिक सत्र 2027-28 से, यानी जून-जुलाई 2027 से प्रस्तावित।
₹59.41 करोड़ के 180 चिकित्सा उपकरणों की खरीद मंजूर; 140 मदों के लिए नोटिस ऑफ अवार्ड जारी।
विभिन्न श्रेणियों में कुल 652 पदों पर नियुक्तियों को मंजूरी, जिनमें 150 सुरक्षा कर्मी शामिल।

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश (जेपी) नड्डा ने 5 नवंबर 2026 को जम्मू-कश्मीर के अवंतीपोरा में स्थापित हो रहे अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) के निर्माण और परिचालन की दिशा में हुई प्रगति की व्यापक समीक्षा की। बैठक में उन्हें बताया गया कि सभी मुख्य इमारतें बनकर तैयार हो चुकी हैं और दिसंबर 2026 तक ओपीडी सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य निर्धारित है।

निर्माण की मौजूदा स्थिति

समीक्षा बैठक में जेपी नड्डा को बताया गया कि एम्स अवंतीपोरा का निर्माण कार्य समापन के करीब है। चरण-1 के अंतर्गत ओपीडी रजिस्ट्रेशन ब्लॉक, ओपीडी ब्लॉक, आवासीय इमारतें और हॉस्टल पूरी हो चुकी हैं। इन्वेंट्री के सत्यापन और औपचारिक हैंडओवर की प्रक्रिया सक्रिय रूप से चल रही है।

नड्डा ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) और परियोजना से जुड़ी सभी एजेंसियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि साइट की कठिन भौगोलिक स्थितियों और चुनौतियों के बावजूद परियोजना को इस मुकाम तक पहुँचाना एक उल्लेखनीय उपलब्धि है। उन्होंने संबंधित एजेंसियों को मार्च 2027 तक शेष सभी निर्माण कार्य पूरे करने के निर्देश दिए।

चिकित्सा उपकरण और खरीद प्रक्रिया

बैठक में यह जानकारी दी गई कि ₹59.41 करोड़ की लागत वाले 180 चिकित्सा उपकरणों की खरीद को मंजूरी मिल चुकी है। इनमें से 140 मदों के लिए 'नोटिस ऑफ अवार्ड' — यानी ठेका देने संबंधी सूचना — जारी किए जा चुके हैं।

नड्डा ने निर्देश दिया कि ओपीडी उपकरणों, प्रयोगशाला के उपकरणों, चिकित्सा और प्रशासनिक फर्नीचर की खरीद प्रक्रिया में तेज़ी लाई जाए। उन्होंने विशेष रूप से यह सुनिश्चित करने पर ज़ोर दिया कि ओपीडी सेवाएं शुरू करने के लिए आवश्यक सभी संसाधनों की खरीद को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

भर्ती और मानव संसाधन

स्वास्थ्य मंत्री ने भर्ती की प्रगति की समीक्षा करते हुए एम्स अवंतीपोरा के कार्यकारी निदेशक और उनकी टीम के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने फैकल्टी भर्ती में तेज़ी लाने और गैर-फैकल्टी पदों को भी जल्द भरने के निर्देश दिए, ताकि ओपीडी व अन्य सेवाएं सुचारू रूप से शुरू हो सकें।

मंत्रालय ने ओपीडी और उससे जुड़ी सेवाओं के लिए विभिन्न श्रेणियों में कुल 652 पदों पर नियुक्तियों को मंजूरी दी है, जिनमें 150 सुरक्षा कर्मी, अस्पताल अटेंडेंट, हाउसकीपिंग और साफ-सफाई कर्मचारी शामिल हैं।

सेवाएं शुरू करने का रोडमैप

एम्स अवंतीपोरा के लिए एक चरणबद्ध परिचालन रोडमैप तय किया गया है। दिसंबर 2026 से पहले ओपीडी सेवाएं शुरू करने का लक्ष्य है। आईपीडी (इन-पेशेंट) सेवाएं जुलाई 2027 से शुरू होने का प्रस्ताव है, जो आवश्यक बुनियादी ढाँचे और परिचालन प्रबंधों के पूरा होने पर निर्भर करेगा।

इसके अतिरिक्त, शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए एमबीबीएस की कक्षाएं जून-जुलाई 2027 से आरंभ करने का प्रस्ताव है। नड्डा ने HAITES और एम्स अवंतीपोरा के कार्यकारी निदेशक को परस्पर समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

जम्मू-कश्मीर के लिए महत्व

गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में गुणवत्तापूर्ण तृतीयक और विशेष चिकित्सा सेवाओं तक पहुँच ऐतिहासिक रूप से सीमित रही है। एम्स अवंतीपोरा के चालू होने से इस क्षेत्र के मरीज़ों को दिल्ली या अन्य शहरों पर निर्भरता कम करने का अवसर मिलेगा। नड्डा ने यह भी रेखांकित किया कि यह संस्थान चिकित्सा शिक्षा को सुदृढ़ करेगा और क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवा क्षमता के विकास में योगदान देगा।

परिसर की सुरक्षा, परिवहन संपर्क, वेबसाइट विकास और परिचालन साझेदारियों की समीक्षा करते हुए मंत्री ने एम्स अवंतीपोरा, CPWD, HAITES और स्थानीय प्रशासन के बीच प्रभावी समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया। आने वाले महीनों में इन लक्ष्यों की पूर्ति यह तय करेगी कि जम्मू-कश्मीर की जनता को यह सुविधा कब तक मिल पाती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा अब शुरू होती है — उपकरण खरीद, फैकल्टी भर्ती और परिचालन तैयारियों की समयसीमा बेहद तंग है। दिसंबर 2026 तक ओपीडी शुरू करने का लक्ष्य महत्वाकांक्षी है, खासकर तब जब 180 में से केवल 140 उपकरणों के ठेके जारी हुए हैं और फैकल्टी भर्ती अभी प्रक्रिया में है। जम्मू-कश्मीर जैसे संवेदनशील और दूरस्थ क्षेत्र में, जहाँ तृतीयक स्वास्थ्य सेवा की ऐतिहासिक कमी रही है, एम्स का चालू होना वास्तव में परिवर्तनकारी हो सकता है — बशर्ते क्रियान्वयन की रफ़्तार घोषणाओं की रफ़्तार के बराबर रहे।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एम्स अवंतीपोरा की ओपीडी सेवाएं कब शुरू होंगी?
एम्स अवंतीपोरा में ओपीडी सेवाएं दिसंबर 2026 से पहले शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। यह लक्ष्य उपकरण खरीद और आवश्यक कर्मचारियों की नियुक्ति पूरी होने पर निर्भर करेगा।
एम्स अवंतीपोरा में एमबीबीएस की पढ़ाई कब शुरू होगी?
शैक्षणिक सत्र 2027-28 के लिए एमबीबीएस कक्षाएं जून-जुलाई 2027 से शुरू करने का प्रस्ताव है। यह बुनियादी ढाँचे के हैंडओवर और फैकल्टी की उपलब्धता पर निर्भर करेगा।
एम्स अवंतीपोरा के लिए कितने पदों पर भर्ती को मंजूरी मिली है?
मंत्रालय ने ओपीडी और उससे जुड़ी सेवाओं के लिए विभिन्न श्रेणियों में कुल 652 पदों पर नियुक्ति को मंजूरी दी है। इनमें 150 सुरक्षा कर्मी, अस्पताल अटेंडेंट, हाउसकीपिंग और साफ-सफाई कर्मचारी शामिल हैं।
एम्स अवंतीपोरा के लिए चिकित्सा उपकरणों की खरीद की क्या स्थिति है?
₹59.41 करोड़ की लागत से 180 चिकित्सा उपकरणों की खरीद को मंजूरी मिल चुकी है, जिनमें से 140 मदों के लिए नोटिस ऑफ अवार्ड जारी किए जा चुके हैं। ओपीडी उपकरणों और प्रयोगशाला उपकरणों की खरीद प्रक्रिया भी अलग-अलग चरणों में जारी है।
एम्स अवंतीपोरा का जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए क्या महत्व है?
एम्स अवंतीपोरा के चालू होने से जम्मू-कश्मीर में गुणवत्तापूर्ण तृतीयक और विशेष चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध होंगी, जिससे मरीज़ों को दिल्ली या अन्य शहरों की ओर जाने की निर्भरता कम होगी। यह संस्थान क्षेत्र में चिकित्सा शिक्षा को भी सुदृढ़ करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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