21 जुलाई 2026
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2027 चुनाव पर अखिलेश के दावे पर भाजपा का पलटवार: प्रकाश पाल बोले — 'यह उनका आखिरी चुनाव होगा'

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2027 चुनाव पर अखिलेश के दावे पर भाजपा का पलटवार: प्रकाश पाल बोले — 'यह उनका आखिरी चुनाव होगा'

सारांश

भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव के 2027 में पीडीए सरकार बनाने के दावे पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि यह चुनाव अखिलेश का आखिरी होगा और इंडी गठबंधन की लगातार हारों का हवाला देते हुए विपक्ष पर हमला बोला।

मुख्य बातें

भाजपा ओबीसी मोर्चा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने 21 जुलाई को सपा प्रमुख अखिलेश यादव के 2027 में पीडीए सरकार बनाने के दावे पर पलटवार किया।
पाल ने कहा कि 2027 का चुनाव अखिलेश यादव का आखिरी चुनाव साबित होगा और वे इसके बाद नेतागीरी छोड़ देंगे।
उन्होंने अरविंद केजरीवाल , ममता बनर्जी , तेजस्वी यादव और गौरव गोगोई की चुनावी हार का हवाला देते हुए इंडी गठबंधन को कमज़ोर बताया।
पाल ने अखिलेश पर जॉर्ज सोरोस से कथित संबंध और संविधान-आरक्षण के नाम पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया।
नीट विवाद पर उन्होंने कहा कि परीक्षा दोबारा हो चुकी है और विरोध प्रदर्शनों में 'पुराने चेहरे' ही शामिल हैं।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ओबीसी मोर्चा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने समाजवादी पार्टी (सपा) प्रमुख अखिलेश यादव के उस बयान पर 21 जुलाई को तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने दावा किया था कि 2027 में पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) सरकार बनेगी। पाल ने कहा कि जनता सब देख रही है और यह चुनाव अखिलेश यादव के राजनीतिक करियर का अंतिम पड़ाव साबित होगा।

मुख्य आरोप और प्रतिक्रिया

प्रकाश पाल ने कहा कि 2024 के बाद अखिलेश यादव ने कथित तौर पर जॉर्ज सोरोस से हाथ मिलाया और मोदी-विरोधी तथा भारत-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि सपा प्रमुख ने संविधान, आरक्षण और ₹8,500 के नाम पर महिलाओं एवं आम जनता को गुमराह किया।

भाजपा नेता ने कहा कि इंडी गठबंधन के नेताओं को जनता अब केवल हरा नहीं रही, बल्कि निर्णायक रूप से पराजित कर रही है — चाहे वह हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल या असम हो।

विपक्षी नेताओं की हार का हवाला

पाल ने एक के बाद एक उदाहरण गिनाए। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल मुख्यमंत्री रहते हुए हारे, ममता बनर्जी मुख्यमंत्री रहते हुए अपनी सीट से पराजित हुईं, तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री पद का चेहरा बनाया गया और उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा, तथा गौरव गोगोई भी मुख्यमंत्री पद के दावेदार थे और वे भी चुनाव हार गए।

यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की तैयारियाँ अभी से तेज़ होने लगी हैं और दोनों प्रमुख दलों के बीच बयानबाज़ी का दौर जारी है।

अखिलेश पर तंज और सैफई का ज़िक्र

पाल ने अखिलेश यादव पर तंज कसते हुए कहा कि 2027 का चुनाव उनका आखिरी चुनाव साबित होगा। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में जोड़ा कि यदि जनता का मनोरंजन करना हो तो वे सैफई में कव्वाल बनने के लिए तैयार हो जाएँ और 2027 के बाद नेतागीरी छोड़ दें।

नीट और छात्र आंदोलन पर भाजपा का रुख

छात्र मुद्दों पर सपा और कांग्रेस द्वारा सरकार को घेरने की कोशिशों पर पाल ने कहा कि नीट परीक्षा दोबारा आयोजित की जा चुकी है और काउंसलिंग की तैयारी चल रही है। उन्होंने दावा किया कि वहाँ कोई छात्र विरोध नहीं कर रहा। उन्होंने अरुंधति रॉय, योगेंद्र यादव और राकेश टिकैत को 'शाहीनबाग वाले पुराने चेहरे' बताया, जो कथित तौर पर पहले भी विरोध प्रदर्शनों में शामिल रहे हैं।

विदेशी फंडिंग पर सरकार का दावा

पाल ने कहा कि मोदी सरकार ने उस विदेशी फंडिंग को रोक दिया है, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर भारत में लोगों को गुमराह करने के लिए किया जा रहा था — चाहे वह जॉर्ज सोरोस से आई हो या धर्म परिवर्तन कराने वाले अन्य संगठनों से। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल उत्तर प्रदेश में जन-आधार बढ़ाने की कोशिश में हैं। आगामी महीनों में दोनों पक्षों की रणनीति और स्पष्ट होती जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन उत्तर प्रदेश में ओबीसी और पिछड़े वर्गों की राजनीतिक गोलबंदी एक जटिल समीकरण है, जिसे महज़ बयानों से नहीं बदला जा सकता। जॉर्ज सोरोस जैसे आरोप मुख्यधारा की बहस को मूल मुद्दों — बेरोज़गारी, महँगाई, नीट विवाद — से भटकाने का काम करते हैं। असली परीक्षा 2027 में मतदाताओं का रुझान होगी, न कि अभी की बयानबाज़ी।
RashtraPress
21 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रकाश पाल ने अखिलेश यादव के बारे में क्या कहा?
भाजपा ओबीसी मोर्चा के उत्तर प्रदेश अध्यक्ष प्रकाश पाल ने कहा कि 2027 का विधानसभा चुनाव अखिलेश यादव का आखिरी चुनाव साबित होगा और इसके बाद वे नेतागीरी छोड़ देंगे। उन्होंने यह बयान अखिलेश के 2027 में पीडीए सरकार बनाने के दावे के जवाब में दिया।
अखिलेश यादव ने 2027 को लेकर क्या दावा किया था?
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दावा किया था कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पीडीए (पिछड़ा-दलित-अल्पसंख्यक) गठबंधन की सरकार बनेगी। इसी दावे पर भाजपा ने पलटवार किया।
भाजपा ने इंडी गठबंधन के किन नेताओं की हार का ज़िक्र किया?
प्रकाश पाल ने अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी, तेजस्वी यादव और गौरव गोगोई की चुनावी हार का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि जनता इंडी गठबंधन के नेताओं को हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम में निर्णायक रूप से पराजित कर चुकी है।
नीट विवाद पर भाजपा का क्या रुख है?
प्रकाश पाल ने कहा कि नीट परीक्षा दोबारा आयोजित हो चुकी है और काउंसलिंग की प्रक्रिया चल रही है। उन्होंने दावा किया कि कोई छात्र विरोध नहीं कर रहा और विरोध में शामिल लोग 'शाहीनबाग के पुराने चेहरे' हैं।
2027 के उत्तर प्रदेश चुनाव में मुख्य मुकाबला किनके बीच होगा?
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव में मुख्य मुकाबला सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (सपा) के पीडीए गठबंधन के बीच होने की संभावना है। दोनों दल अभी से जन-आधार और बयानबाज़ी के मोर्चे पर सक्रिय हो चुके हैं।
राष्ट्र प्रेस
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