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अमरनाथ यात्रा 2026: छड़ी मुबारक रवाना, 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर पवित्र गुफा पहुँचेगी

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अमरनाथ यात्रा 2026: छड़ी मुबारक रवाना, 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर पवित्र गुफा पहुँचेगी

सारांश

अमरनाथ यात्रा 2026 का पवित्र अंतिम चरण शुरू हो गया है। महंत दीपेंद्र गिरी 22 अगस्त को छड़ी मुबारक लेकर रवाना हुए और 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर गुफा में स्थापना होगी। खराब मौसम ने इस वर्ष यात्रा को प्रभावित किया, जबकि 2012 का 6 लाख 35 हज़ार श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड आज भी अटूट है।

मुख्य बातें

महंत दीपेंद्र गिरी ने 22 अगस्त, शनिवार को छड़ी मुबारक लेकर अमरनाथ गुफा की ओर प्रस्थान किया।
28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर पवित्र गुफा में छड़ी मुबारक की स्थापना और पूजन होगा।
यात्रा दल पहलगाम → चंदनवाणी → शेषनाग → पंचतरणी (दो रात) होते हुए गुफा पहुँचेगा।
30 अगस्त को लिद्दर नदी तट पर विसर्जन के साथ वार्षिक यात्रा का समापन होगा।
इस वर्ष शुरुआती 10-12 दिनों में 3 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए; बाद में खराब मौसम से यात्रा बाधित रही।
2012 में 39 दिन की यात्रा में 6 लाख 35 हज़ार श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड अब भी अटूट है।

अमरनाथ यात्रा 2026 का अंतिम और सबसे पवित्र चरण 22 अगस्त, शनिवार को आरंभ हो गया। पवित्र गदा के संरक्षक महंत दीपेंद्र गिरी ने वैदिक रीति-रिवाजों और मंत्रोच्चार के बीच छड़ी मुबारक को लेकर पवित्र अमरनाथ गुफा मंदिर की ओर प्रस्थान किया। परंपरा के अनुसार, छड़ी मुबारक के गुफा में पहुँचने के साथ ही वार्षिक अमरनाथ यात्रा का विधिवत समापन होता है।

यात्रा का पड़ाव-दर-पड़ाव कार्यक्रम

महंत दीपेंद्र गिरी ने बताया कि 22 और 23 अगस्त को यात्रा दल पहलगाम में विश्राम करेगा। 24 अगस्त की रात्रि चंदनवाणी में पड़ाव रहेगा, जबकि 25 अगस्त को शेषनाग में रुकने की योजना है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष तिथियों में थोड़ी भिन्नता के कारण पंचतरणी में दो रात — 26 और 27 अगस्त — का पड़ाव रखा गया है।

28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा पर गुफा में प्रवेश

महंत के अनुसार, 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा के पावन अवसर पर छड़ी मुबारक को पवित्र अमरनाथ गुफा में विधिवत स्थापित किया जाएगा। यह वही पवित्र स्थान है जहाँ मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने माँ पार्वती के आग्रह पर अमरकथा सुनाई थी — जिसे सुनने से जीव जन्म-मृत्यु के चक्र से मुक्त हो जाता है। गुफा में वैदिक मंत्रों के साथ छड़ी मुबारक की स्थापना और परंपरागत पूजन-अर्चन किया जाएगा।

वापसी और यात्रा समापन का कार्यक्रम

पूजन के पश्चात 28 अगस्त की रात्रि फिर पंचतरणी में विश्राम होगा। 29 अगस्त को शेषनाग और चंदनवाणी होते हुए पहलगाम में रात्रि पड़ाव रहेगा। 30 अगस्त को लिद्दर नदी के तट पर पूजन-विसर्जन और महात्माओं के भोज के साथ वार्षिक छड़ी मुबारक अमरनाथ यात्रा का औपचारिक समापन होगा।

श्रद्धालुओं की संख्या और मौसम का असर

महंत दीपेंद्र गिरी ने बताया कि यात्रा के शुरुआती 10-12 दिनों में 3 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके बाद खराब मौसम के कारण यात्रा अधिकांश समय स्थगित रही। उन्होंने स्मरण कराया कि 2012 में 39 दिन की यात्रा के दौरान 6 लाख 35 हज़ार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जो अब तक का सर्वाधिक है और आज भी रिकॉर्ड बना हुआ है। यह ऐसे समय में आया है जब इस वर्ष मौसम की अनिश्चितता ने तीर्थयात्रियों की संख्या को प्रभावित किया है।

आगे क्या

छड़ी मुबारक के 28 अगस्त को गुफा पहुँचने के साथ ही इस वर्ष की अमरनाथ यात्रा अपने पवित्र चरमोत्कर्ष पर पहुँचेगी। 30 अगस्त को विसर्जन के बाद यात्रा का पटाक्षेप होगा, और अगले वर्ष की यात्रा की तैयारियाँ नए सिरे से आरंभ होंगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

और शुरुआती उत्साह के बाद श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय गिरावट आई — यह सवाल उठाता है कि क्या यात्रा प्रबंधन तंत्र मौसमी व्यवधानों के लिए पर्याप्त रूप से तैयार है। 2012 का 6 लाख 35 हज़ार का रिकॉर्ड एक दशक से अधिक समय से अटूट है, जो दर्शाता है कि बुनियादी ढाँचे और मौसम-अनुकूल नियोजन में अभी भी बड़ी गुंजाइश है। छड़ी मुबारक की यात्रा धार्मिक आस्था का प्रतीक है, लेकिन प्रशासनिक तैयारी और जलवायु अनिश्चितता के बीच संतुलन साधना आने वाले वर्षों की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
6 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छड़ी मुबारक अमरनाथ गुफा में कब पहुँचेगी?
छड़ी मुबारक 28 अगस्त 2026 को श्रावण पूर्णिमा के अवसर पर पवित्र अमरनाथ गुफा में पहुँचेगी। वहाँ वैदिक मंत्रों के साथ स्थापना और पारंपरिक पूजन-अर्चन किया जाएगा।
अमरनाथ यात्रा 2026 का समापन कब होगा?
30 अगस्त 2026 को लिद्दर नदी के किनारे पूजन-विसर्जन और महात्माओं के भोज के साथ वार्षिक छड़ी मुबारक अमरनाथ यात्रा का औपचारिक समापन होगा।
छड़ी मुबारक यात्रा का रूट क्या है?
छड़ी मुबारक पहलगाम (22-23 अगस्त) से चंदनवाणी (24 अगस्त), शेषनाग (25 अगस्त) और पंचतरणी (26-27 अगस्त) होते हुए 28 अगस्त को पवित्र अमरनाथ गुफा पहुँचेगी। वापसी में पंचतरणी, शेषनाग, चंदनवाणी होते हुए 29 अगस्त को पहलगाम और 30 अगस्त को विसर्जन होगा।
इस वर्ष अमरनाथ यात्रा में कितने श्रद्धालुओं ने दर्शन किए?
महंत दीपेंद्र गिरी के अनुसार यात्रा के शुरुआती 10-12 दिनों में 3 लाख श्रद्धालुओं ने दर्शन किए। इसके बाद खराब मौसम के कारण यात्रा अधिकांश समय स्थगित रही।
अमरनाथ यात्रा में अब तक का सर्वाधिक श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड क्या है?
2012 में 39 दिन की यात्रा के दौरान 6 लाख 35 हज़ार श्रद्धालुओं ने दर्शन किए थे, जो आज तक का सर्वाधिक आँकड़ा है और अब भी रिकॉर्ड बना हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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