27 जुलाई 2026
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पैलेट गन पर अमित शाह माफी माँगें, तभी होगी परीक्षा विधेयक पर चर्चा: कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत

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पैलेट गन पर अमित शाह माफी माँगें, तभी होगी परीक्षा विधेयक पर चर्चा: कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत

सारांश

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने साफ कहा — जब तक गृह मंत्री अमित शाह छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर माफी नहीं माँगते, लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा नहीं होगी। साथ ही उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर रोके जाने, राम मंदिर एसआईटी के दायरे और ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव पर भी तीखे सवाल उठाए।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने माँग की कि गृह मंत्री अमित शाह छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर सार्वजनिक माफी माँगें।
जितेंद्र सिंह 27 जुलाई 2026 को लोकसभा में लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पेश करने वाले हैं।
राजपूत ने BJP पर नंदन नीलेकणी और आधार कार्ड के विरोध से पलटी मारने का आरोप लगाया।
AIMIM के गठबंधन प्रस्ताव को राजपूत ने खारिज किया; BJP और AIMIM दोनों को 'देशद्रोह जैसा काम' करने वाला बताया।
राम मंदिर एसआईटी के कार्यक्षेत्र पर सवाल उठाए; जमीन और निर्माण घोटाले की जाँच की माँग की।
ऑपरेशन सिंदूर रोके जाने पर सवाल — 'सेना की शहादत का अपमान क्यों किया गया?'

कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने 27 जुलाई 2026 को स्पष्ट किया कि जब तक गृह मंत्री अमित शाह छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर सार्वजनिक माफी नहीं माँगते, तब तक कांग्रेस लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026 पर संसद में किसी भी चर्चा में हिस्सा लेने को तैयार नहीं है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह आज लोकसभा में यह विधेयक पेश करने वाले हैं।

माफी की शर्त और विधेयक पर रुख

सुरेंद्र राजपूत ने कहा, 'बिल प्रधानमंत्री पेश करें या जितेंद्र सिंह — पहले गृह मंत्री अमित शाह को माफी माँगनी पड़ेगी। उन्हें बताना होगा कि वे छात्रों को छात्र समझते हैं या आतंकवादी, जो उन्होंने पैलेट गन का इस्तेमाल किया? क्या वे छात्रों को पाकिस्तानी, बांग्लादेशी या नेपाली समझते हैं? पहले माफी, उसके बाद हम चर्चा के लिए तैयार हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब सरकार परीक्षा-धोखाधड़ी रोकने के लिए संशोधित कानून को संसद से पारित कराने की कोशिश में है।

नंदन नीलेकणी और आधार विवाद पर निशाना

राजपूत ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री अब नंदन नीलेकणी की शरण में गए हैं, जबकि दस साल तक भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने उन्हें कोसा था। उन्होंने याद दिलाया कि जब कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में आधार कार्ड की शुरुआत हुई थी, तब BJP कार्यकर्ताओं ने नीलेकणी के पुतले फूंके थे और खुद प्रधानमंत्री ने उनका विरोध किया था। 'नंदन नीलेकणी कांग्रेस के समय से काम कर रहे हैं,' उन्होंने जोड़ा।

संसदीय मर्यादा और समिति गठन पर सवाल

राजपूत ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने संसद की मर्यादाओं का पालन नहीं किया। उनके अनुसार, जब सदन चल रहा हो और कोई समिति बनानी हो, तो वह सदन के भीतर बननी चाहिए थी — बाहर नहीं।

ओवैसी के गठबंधन प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया

ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के विपक्ष के साथ आने के बयान पर राजपूत ने कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, 'माथे पर बंदूक लगाकर गठबंधन नहीं होगा। AIMIM सिर्फ मुसलमानों की बात करती है और BJP सिर्फ हिंदुओं की — दोनों पार्टियाँ देशद्रोह जैसा काम करती हैं।' उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव और कांग्रेस के खिलाफ धमकी भरी भाषा के बाद गठबंधन की बात किसी को स्वीकार नहीं होगी।

राम मंदिर एसआईटी और पाकिस्तान पर सवाल

राम मंदिर मामले में गठित एसआईटी पर राजपूत ने पूछा कि इसका कार्यक्षेत्र क्या होगा और सर्वोच्च न्यायालय इसे कैसे मॉनिटर करेगा। उन्होंने माँग की कि एसआईटी जमीन घोटाले और राम मंदिर निर्माण घोटाले की भी जाँच करे, अन्यथा इसे 'लीपापोती' माना जाएगा। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के पाकिस्तान संबंधी बयान पर भी उन्होंने सवाल उठाया और पूछा कि जब सेनाएँ पीओके लेने के लिए तैयार थीं, तो ऑपरेशन सिंदूर क्यों रुकवाया गया। आने वाले समय में यह मुद्दे संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह गर्म बने रहने के आसार हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो विपक्ष की परंपरागत 'शर्त-पहले-चर्चा-बाद' की रणनीति है। गौरतलब है कि परीक्षा-धोखाधड़ी एक ऐसा मुद्दा है जिस पर जनता में व्यापक सहमति है, लेकिन राजनीतिक शर्तें उसे भी दलीय टकराव में बदल देती हैं। ऑपरेशन सिंदूर और पीओके पर उठाए सवाल संसद सत्र के दौरान विपक्ष के व्यापक आक्रामक रुख का हिस्सा हैं, जो यह संकेत देते हैं कि आने वाले दिनों में सदन में तीखी बहस अपरिहार्य है।
RashtraPress
27 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कांग्रेस ने लोक परीक्षा संशोधन विधेयक 2026 पर चर्चा के लिए क्या शर्त रखी है?
कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने कहा है कि गृह मंत्री अमित शाह को पहले छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल पर सार्वजनिक माफी माँगनी होगी। माफी के बाद ही कांग्रेस विधेयक पर संसद में चर्चा में भाग लेने को तैयार है।
लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक 2026 क्या है?
यह विधेयक परीक्षाओं में धोखाधड़ी और अनुचित साधनों की रोकथाम के लिए मौजूदा कानून में संशोधन करने का प्रस्ताव करता है। इसे 27 जुलाई 2026 को केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह द्वारा लोकसभा में पेश किया जाना था।
सुरेंद्र राजपूत ने नंदन नीलेकणी का जिक्र क्यों किया?
राजपूत ने BJP पर यह आरोप लगाया कि जिस नंदन नीलेकणी का पार्टी ने दस साल तक विरोध किया और जिनके पुतले फूंके, अब प्रधानमंत्री उन्हीं की शरण में गए हैं। उनका तर्क था कि आधार कार्ड और नीलेकणी का काम कांग्रेस के कार्यकाल की देन है।
कांग्रेस ने ऑपरेशन सिंदूर रोके जाने पर क्या सवाल उठाया?
राजपूत ने पूछा कि जब भारतीय सेनाएँ पीओके लेने के लिए तैयार थीं, तो ऑपरेशन सिंदूर क्यों रुकवाया गया। उन्होंने इसे 'सेना की शहादत का अपमान' बताया और जनता की ओर से जवाब माँगा।
राम मंदिर एसआईटी पर कांग्रेस का क्या रुख है?
सुरेंद्र राजपूत ने माँग की कि एसआईटी का कार्यक्षेत्र स्पष्ट हो और वह जमीन घोटाले व राम मंदिर निर्माण घोटाले की भी जाँच करे। उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं हुआ तो इसे 'लीपापोती' माना जाएगा और सर्वोच्च न्यायालय को इस पर ध्यान देना चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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