मिजोरम शरणार्थी राहत: अमित शाह का ₹10 करोड़ के चावल का आश्वासन, 40,000 विस्थापितों को मिलेगी मदद
सारांश
मुख्य बातें
गृह मंत्री अमित शाह ने मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा को आश्वस्त किया है कि केंद्र सरकार राज्य में शरण लिए बैठे करीब 40,000 शरणार्थियों की राहत के लिए ₹10 करोड़ मूल्य का चावल उपलब्ध कराएगी। शुक्रवार शाम नई दिल्ली में हुई इस बैठक की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार, 13 जून को दी।
बैठक में क्या हुआ
मुख्यमंत्री लालदुहोमा आधिकारिक दौरे पर दिल्ली पहुँचे और कर्तव्य भवन स्थित गृह मंत्री कार्यालय में अमित शाह से मिले। बैठक में मिजोरम के विकास, जनकल्याण और सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। CMO अधिकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बताया कि राज्य में वर्तमान में म्यांमार, बांग्लादेश और मणिपुर से आए लगभग 40,000 शरणार्थी निवास कर रहे हैं, जिनकी देखभाल राज्य सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद कर रही है।
शरणार्थी संकट की पृष्ठभूमि
फरवरी 2021 में म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद 30,000 से अधिक म्यांमार नागरिक मिजोरम में शरण ले चुके हैं। इसके अतिरिक्त बांग्लादेश के चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र से आए करीब 2,365 शरणार्थी राज्य के चार जिलों में रह रहे हैं। मई 2023 में मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच भड़की हिंसा के बाद विस्थापित हुए हजारों आदिवासी भी मिजोरम में आ बसे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर इस तिहरे बोझ का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
सुरक्षा व्यय योजना पर मिजोरम की माँग
मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने बैठक में यह भी उठाया कि सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE) योजना के तहत मिजोरम को अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के समान सहायता नहीं मिल रही, क्योंकि राज्य लंबे समय से उग्रवाद और कानून-व्यवस्था की समस्याओं से मुक्त रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा पार अपराध और बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए मिजोरम को भी SRE योजना का लाभ मिलना चाहिए।
PM-DevINE योजना पर केंद्र का सुझाव
गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर विकास पहल (PM-DevINE) योजना के तहत अधिक परियोजना प्रस्ताव केंद्र को भेजें। शाह ने इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया।
आगे क्या होगा
मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, केंद्र का ₹10 करोड़ मूल्य का चावल मिजोरम सरकार को शरणार्थियों के भोजन और राहत कार्यों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य सरकार स्थानीय समुदायों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से पहले से ही विस्थापितों को आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएँ और अन्य आवश्यक सहायता दे रही है। SRE योजना के विस्तार पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।