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मिजोरम शरणार्थी राहत: अमित शाह का ₹10 करोड़ के चावल का आश्वासन, 40,000 विस्थापितों को मिलेगी मदद

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मिजोरम शरणार्थी राहत: अमित शाह का ₹10 करोड़ के चावल का आश्वासन, 40,000 विस्थापितों को मिलेगी मदद

सारांश

मिजोरम में म्यांमार तख्तापलट, बांग्लादेश और मणिपुर हिंसा के कारण आए करीब 40,000 शरणार्थियों का बोझ उठा रहे राज्य को केंद्र ने ₹10 करोड़ के चावल का वादा किया है। CM लालदुहोमा और गृह मंत्री अमित शाह की दिल्ली बैठक में SRE योजना विस्तार और PM-DevINE प्रस्ताव पर भी चर्चा हुई।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने मिजोरम को ₹10 करोड़ मूल्य का चावल देने का आश्वासन दिया।
मिजोरम में वर्तमान में म्यांमार, बांग्लादेश और मणिपुर से आए करीब 40,000 शरणार्थी रह रहे हैं।
फरवरी 2021 के म्यांमार सैन्य तख्तापलट के बाद 30,000 से अधिक म्यांमार नागरिक मिजोरम में शरण ले चुके हैं।
बांग्लादेश के चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स से 2,365 शरणार्थी राज्य के चार जिलों में हैं।
CM लालदुहोमा ने SRE योजना का लाभ मिजोरम को देने और PM-DevINE के तहत अधिक परियोजनाएँ भेजने पर चर्चा की।

गृह मंत्री अमित शाह ने मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा को आश्वस्त किया है कि केंद्र सरकार राज्य में शरण लिए बैठे करीब 40,000 शरणार्थियों की राहत के लिए ₹10 करोड़ मूल्य का चावल उपलब्ध कराएगी। शुक्रवार शाम नई दिल्ली में हुई इस बैठक की जानकारी मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार, 13 जून को दी।

बैठक में क्या हुआ

मुख्यमंत्री लालदुहोमा आधिकारिक दौरे पर दिल्ली पहुँचे और कर्तव्य भवन स्थित गृह मंत्री कार्यालय में अमित शाह से मिले। बैठक में मिजोरम के विकास, जनकल्याण और सुरक्षा से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। CMO अधिकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री को बताया कि राज्य में वर्तमान में म्यांमार, बांग्लादेश और मणिपुर से आए लगभग 40,000 शरणार्थी निवास कर रहे हैं, जिनकी देखभाल राज्य सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद कर रही है।

शरणार्थी संकट की पृष्ठभूमि

फरवरी 2021 में म्यांमार में सैन्य तख्तापलट के बाद 30,000 से अधिक म्यांमार नागरिक मिजोरम में शरण ले चुके हैं। इसके अतिरिक्त बांग्लादेश के चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स क्षेत्र से आए करीब 2,365 शरणार्थी राज्य के चार जिलों में रह रहे हैं। मई 2023 में मणिपुर में मैतेई और कुकी-जो समुदायों के बीच भड़की हिंसा के बाद विस्थापित हुए हजारों आदिवासी भी मिजोरम में आ बसे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य की अर्थव्यवस्था और प्रशासनिक तंत्र पर इस तिहरे बोझ का दबाव लगातार बढ़ रहा है।

सुरक्षा व्यय योजना पर मिजोरम की माँग

मुख्यमंत्री लालदुहोमा ने बैठक में यह भी उठाया कि सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE) योजना के तहत मिजोरम को अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के समान सहायता नहीं मिल रही, क्योंकि राज्य लंबे समय से उग्रवाद और कानून-व्यवस्था की समस्याओं से मुक्त रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि मादक पदार्थों की तस्करी, सीमा पार अपराध और बढ़ते साइबर अपराधों से निपटने के लिए मिजोरम को भी SRE योजना का लाभ मिलना चाहिए।

PM-DevINE योजना पर केंद्र का सुझाव

गृह मंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री को सलाह दी कि वे प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर विकास पहल (PM-DevINE) योजना के तहत अधिक परियोजना प्रस्ताव केंद्र को भेजें। शाह ने इन परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में हरसंभव सहयोग का भरोसा भी दिया।

आगे क्या होगा

मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, केंद्र का ₹10 करोड़ मूल्य का चावल मिजोरम सरकार को शरणार्थियों के भोजन और राहत कार्यों के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। राज्य सरकार स्थानीय समुदायों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से पहले से ही विस्थापितों को आश्रय, स्वास्थ्य सेवाएँ और अन्य आवश्यक सहायता दे रही है। SRE योजना के विस्तार पर अंतिम निर्णय अभी बाकी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन 40,000 शरणार्थियों की दीर्घकालिक जरूरतों के सामने यह पर्याप्त नहीं। असली सवाल यह है कि क्या केंद्र सरकार शरणार्थी राहत को केवल खाद्यान्न तक सीमित रखेगी, या स्वास्थ्य, आश्रय और कानूनी दर्जे जैसे मुद्दों पर भी ठोस नीतिगत ढाँचा बनाएगी।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने मिजोरम को क्या आश्वासन दिया?
गृह मंत्री अमित शाह ने मिजोरम के मुख्यमंत्री लालदुहोमा को आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार राज्य में रह रहे शरणार्थियों की राहत के लिए ₹10 करोड़ मूल्य का चावल उपलब्ध कराएगी। यह आश्वासन शुक्रवार शाम नई दिल्ली में हुई बैठक में दिया गया।
मिजोरम में कितने और कहाँ से शरणार्थी आए हैं?
मिजोरम में वर्तमान में करीब 40,000 शरणार्थी हैं — जिनमें फरवरी 2021 के म्यांमार सैन्य तख्तापलट के बाद आए 30,000 से अधिक म्यांमार नागरिक, बांग्लादेश के चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स से आए लगभग 2,365 लोग, और मई 2023 की मणिपुर हिंसा के बाद विस्थापित हुए आदिवासी शामिल हैं।
SRE योजना क्या है और मिजोरम को इससे क्यों नहीं मिलती मदद?
सुरक्षा संबंधी व्यय (SRE) योजना केंद्र सरकार की वह व्यवस्था है जिसके तहत उग्रवाद प्रभावित राज्यों को सुरक्षा खर्च में सहायता दी जाती है। मिजोरम लंबे समय से शांतिपूर्ण रहा है, इसलिए वह इस योजना के पारंपरिक पात्रता मानदंडों में नहीं आता, जबकि राज्य अब मादक पदार्थ तस्करी और साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से जूझ रहा है।
PM-DevINE योजना क्या है और मिजोरम को इससे कैसे फायदा होगा?
प्रधानमंत्री पूर्वोत्तर विकास पहल (PM-DevINE) पूर्वोत्तर राज्यों के बुनियादी ढाँचे और सामाजिक विकास के लिए केंद्र प्रायोजित योजना है। गृह मंत्री शाह ने मुख्यमंत्री लालदुहोमा को इस योजना के तहत अधिक परियोजना प्रस्ताव भेजने की सलाह दी और सहयोग का भरोसा दिलाया।
मिजोरम सरकार शरणार्थियों को अभी क्या सुविधाएँ दे रही है?
मुख्यमंत्री लालदुहोमा के अनुसार, राज्य सरकार सीमित संसाधनों के बावजूद स्थानीय समुदायों और सामाजिक संगठनों के सहयोग से शरणार्थियों को आश्रय, भोजन, स्वास्थ्य सेवाएँ और अन्य आवश्यक सहायता प्रदान कर रही है। केंद्र से अतिरिक्त वित्तीय सहयोग की माँग इसी दबाव के कारण की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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