अमित शाह का आरबीआई और शहरी सहकारी बैंकों को आह्वान: आपसी विश्वास से मजबूत होगा क्षेत्र
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 8 अगस्त को मुंबई में कहा कि भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) ने हाल के वर्षों में शहरी सहकारी बैंकों (UCB) के प्रति अपना रवैया सहयोगात्मक बनाया है और दोनों पक्षों को पुरानी धारणाओं से ऊपर उठकर मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने यह बात नेशनल अर्बन कोऑपरेटिव फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (NUCFDC) के नए कार्यालय भवन के उद्घाटन समारोह में कही।
मुख्य घटनाक्रम
शाह ने कहा कि जब भी सरकार और सहकारी बैंकिंग क्षेत्र ने सकारात्मक तरीके से RBI से संपर्क किया, केंद्रीय बैंक ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने RBI द्वारा हाल में उठाए गए कई अहम कदमों का उल्लेख किया — शाखा-विस्तार के नियमों में ढील, घर-घर बैंकिंग सेवाओं की अनुमति, UCB को डिमांड ड्राफ्ट और जीवन प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार, तथा क्षेत्र के लिए एक समर्पित नोडल अधिकारी की नियुक्ति।
इसके अलावा उन्होंने गोल्ड लोन सीमा में बढ़ोतरी और वन-टाइम सेटलमेंट व्यवस्था लागू किए जाने जैसे नियामकीय सुधारों का भी स्वागत किया। यह ऐसे समय में आया है जब RBI गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कुछ दिन पहले ही UCB के लिए ऑन-टैप लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क की दिशा में हुई प्रगति की जानकारी दी थी।
क्षेत्र की वर्तमान स्थिति
शाह ने बताया कि फिलहाल देशभर के शहरी सहकारी बैंकों में ₹6 लाख करोड़ से अधिक की जमा राशि है। देश में कुल लगभग 1,400 शहरी सहकारी बैंक हैं, जिनमें से अभी केवल करीब 690 बैंक ही NUCFDC के सदस्य हैं। उन्होंने सदस्यता शुल्क घटाने का सुझाव दिया ताकि सभी बैंक इस संस्था से जुड़ सकें।
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में 449 शहरी सहकारी बैंक हैं और गुजरात, गोवा तथा कर्नाटक के साथ मिलकर यह क्षेत्र देश के लगभग 70 प्रतिशत UCB का प्रतिनिधित्व करता है।
NUCFDC मुख्यालय का स्थानांतरण
शाह ने घोषणा की कि NUCFDC का मुख्यालय नई दिल्ली से महाराष्ट्र स्थानांतरित किया जाएगा। यह निर्णय इस तथ्य को देखते हुए लिया गया है कि देश के सहकारी बैंकिंग क्षेत्र का बड़ा हिस्सा पश्चिमी भारत में केंद्रित है।
शाह का व्यक्तिगत अनुभव और छोटे कर्जदारों पर ज़ोर
गुजरात में एक सहकारी बैंक के अध्यक्ष के रूप में अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए शाह ने कहा कि उस बैंक ने बिना किसी गारंटी के ₹2.5 लाख तक के ऋण दिए और ब्याज सहित वसूली दर 99 प्रतिशत से अधिक रही। उन्होंने कहा कि छोटे कर्जदार सहकारी बैंकों के लिए अपेक्षाकृत सुरक्षित ऋण वर्ग साबित होते हैं — एक तथ्य जो इस क्षेत्र की व्यावसायिक संभावनाओं को रेखांकित करता है।
आगे की राह
शाह ने UCB से NUCFDC के साथ अपने संबंध और प्रगाढ़ करने का आह्वान किया। RBI के बदले रुख और सरकार की सक्रिय भागीदारी के बीच, विशेषज्ञों का मानना है कि यदि नियामकीय और संस्थागत सुधार ज़मीन पर उतरे तो शहरी सहकारी बैंकिंग क्षेत्र अगले कुछ वर्षों में उल्लेखनीय विस्तार कर सकता है।