आनंद मोहन का जदयू नेतृत्व पर हमला, बेटे को उपमंत्री दर्जे पर कसा तंज
सारांश
मुख्य बातें
बिहार के पूर्व सांसद आनंद मोहन ने 28 मई 2026 को पटना में मीडिया से बातचीत के दौरान जनता दल (यूनाइटेड) के नेतृत्व पर एक बार फिर खुलकर नाराजगी जताई। यह बयान ऐसे समय आया है जब बिहार सरकार ने उनके बेटे और जदयू विधायक चेतन आनंद को उपमंत्री का दर्जा दिया है — जिसे राजनीतिक विश्लेषक पूर्ण मंत्रिपद से कम मानते हैं।
उपमंत्री दर्जे पर तीखा कटाक्ष
आनंद मोहन ने अपने बेटे को मिले उपमंत्री के दर्जे पर व्यंग्यात्मक टिप्पणी करते हुए कहा, 'मैं पहले भी कह चुका हूं कि उपमुख्यमंत्री एक मौन मुख्यमंत्री जैसा होता है। फिर उपमंत्री क्या होता है?' राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बयान इस बात का संकेत है कि आनंद मोहन चेतन आनंद को बिहार मंत्रिमंडल में पूर्ण मंत्री के रूप में शामिल न किए जाने से असंतुष्ट हैं।
जदयू पर 'थैली की राजनीति' का आरोप
आनंद मोहन ने हाल के दिनों में जदयू के भीतर कथित तौर पर 'थैली की राजनीति' होने का आरोप लगाया था। इस पर पूछे गए सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, 'हर भौंकने वाले कुत्ते को जवाब देना मैं जरूरी नहीं समझता।' उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जदयू के कुछ प्रभावशाली नेता पक्षपात और आर्थिक प्रभाव के आधार पर पार्टी पदों तथा मंत्रिपदों का बंटवारा करते हैं।
नीतीश कुमार की विरासत पर चिंता
आनंद मोहन ने दावा किया कि जदयू के कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीतिक विरासत और वर्षों की मेहनत को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा, 'जिन बेईमान लोगों ने नीतीश कुमार की जीवनभर की तपस्या और मेहनत पर पानी फेर दिया है, पार्टी छोड़ने का काम उन्हें करना चाहिए।' बिना नाम लिए उन्होंने संकेत दिया कि ऐसे लोग जिन्हें पार्टी में औपचारिक रूप से शामिल होने से पहले ही चुनावी टिकट मिल गए थे, आज संगठन में प्रभावशाली भूमिका निभा रहे हैं।
नई पार्टी की अटकलें
नई राजनीतिक पार्टी बनाने की संभावनाओं पर पूछे गए सवाल पर आनंद मोहन ने सीधा जवाब देने से परहेज करते हुए कहा, 'समय आने दीजिए, सब बता दूंगा। अभी अपने मन की बात क्यों बताऊं?' इस बयान के बाद जदयू के भीतर संभावित राजनीतिक पुनर्संरेखण या बगावत की अटकलें तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में लंबे समय से यह चर्चा रही है कि आनंद मोहन के जदयू के वरिष्ठ नेताओं, विशेषकर ललन सिंह और संजय झा के साथ संबंध सहज नहीं हैं।
आनंद मोहन: पृष्ठभूमि
मिथिलांचल क्षेत्र में प्रभाव रखने वाले आनंद मोहन बिहार की राजनीति के एक चर्चित और विवादित नेता रहे हैं। वर्ष 1994 में गोपालगंज के तत्कालीन जिलाधिकारी जी. कृष्णैया की हत्या के मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया था और उम्रकैद की सजा सुनाई गई थी। वर्ष 2023 में उन्हें रिहा कर दिया गया। वर्तमान में उनकी पत्नी लवली आनंद लोकसभा सांसद हैं, जबकि बेटे चेतन आनंद जदयू विधायक हैं। आनंद मोहन के ताजा बयानों से बिहार की राजनीति में आने वाले दिनों में नए समीकरण बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।