लेसी सिंह का आनंद मोहन पर पलटवार: 'जदयू में सभी फैसले नीतीश कुमार ही लेते हैं'
सारांश
मुख्य बातें
बिहार की राज्य मंत्री लेसी सिंह ने 18 मई 2026 को पूर्व सांसद आनंद मोहन के उन आरोपों को सिरे से खारिज किया, जिनमें उन्होंने कहा था कि जनता दल (यूनाइटेड) में निर्णय अब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार नहीं, बल्कि 'थैला' लेकर आने वाले नेता लेते हैं। लेसी सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार और संगठन से जुड़े सभी बड़े फैसले नीतीश कुमार की सहमति और मार्गदर्शन से ही होते हैं।
आनंद मोहन के आरोप
पूर्व सांसद आनंद मोहन ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में आरोप लगाया था कि जदयू में अब वही सुना जाता है जो 'थैला' — यानी पैसों से भरा बैग — लेकर आता है। उन्होंने यह भी कहा था कि कुछ स्वार्थी नेताओं ने नीतीश कुमार को 'राजनीतिक रूप से जिंदा दफन' कर दिया है। यह बयान राजनीतिक हलकों में तीखी बहस का कारण बना।
लेसी सिंह की तीखी प्रतिक्रिया
मंत्री लेसी सिंह ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि देश में कोई ऐसी शख्सियत नहीं जो नीतीश कुमार को 'जिंदा दफन' कर सके। उन्होंने कहा, 'हमारे नेता नीतीश कुमार बिहार के करोड़ों लोगों के दिल में बसते हैं — महिलाओं और दबे-कुचले तबके के दिलों में।' उन्होंने यह भी जोड़ा कि जदयू की हमेशा से साफ-सुथरी छवि रही है और पार्टी में पैसे के दम पर मंत्री पद देने की कोई परिपाटी न कभी रही है, न भविष्य में होगी।
नेतृत्व पर सवाल को चुनौती
लेसी सिंह ने स्पष्ट किया कि सरकार या संगठन में किसी कार्यकर्ता या नेता की उपयोगिता तय करना नेतृत्व का काम है। उनके अनुसार, आनंद मोहन जैसे बयान देने वाले दरअसल नीतीश कुमार की सक्षमता को ही चुनौती दे रहे हैं, जो बिहार की जनता को स्वीकार नहीं है।
असली वजह: बेटे का मंत्री न बनना?
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आनंद मोहन की नाराज़गी की असली वजह उनके पुत्र चेतन आनंद को मंत्रिमंडल में जगह न मिलना हो सकती है। गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब जदयू के भीतर या उससे जुड़े नेताओं ने पार्टी की कार्यप्रणाली पर सार्वजनिक रूप से सवाल उठाए हों, लेकिन इस बार आरोप सीधे नीतीश कुमार के नेतृत्व पर केंद्रित थे।
आगे क्या
इस विवाद ने बिहार की राजनीति में एनडीए गठबंधन के भीतर सहयोगियों और जदयू के बीच की खींचतान को एक बार फिर उजागर किया है। देखना यह होगा कि आनंद मोहन इस मुद्दे को और आगे ले जाते हैं या पार्टी नेतृत्व के साथ सुलह की राह चुनते हैं।